Dehradun
देहरादून में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न, डीएम सविन बंसल ने बच्चों के कल्याण के दिए कड़े निर्देश

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC), बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधू राम इंटर कॉलेज, राजा रोड देहरादून की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बालगृहों में रह रहे सभी बच्चों का आधार अपडेशन एवं नए आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आधार ऑपरेटर और उपकरणों के साथ बालगृहों का दौरा करें।
डीएम बंसल ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि बालगृहों में तैनात कार्मिकों का थानेवार रैंडम सत्यापन किया जाए। वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में 10 दिन के भीतर आरबीएसके टीम भेजकर स्वास्थ्य जांच व टीकाकरण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुआ आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू किया गया आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर जिला प्रशासन की एक स्वर्णिम पहल है, जिसमें भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को संगीत, योग, खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
अब तक दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू कर स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है — पहले चरण में 51 और दूसरे चरण में 31 बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया गया।
साधू राम इंटर कॉलेज में ₹1.5 करोड़ की लागत से आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कार्य जारी है।
रेस्क्यू अभियान में 3 वाहन और अंतरविभागीय टीम सक्रिय
भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए अंतरविभागीय टीम एवं तीन रेस्क्यू वाहनों को तैनात किया गया है, जो शहर में निरंतर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। टीम में होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग के साथ-साथ कई गैर-सरकारी संगठन (NGO) शामिल हैं।
बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश
डीएम बंसल ने वार्ड स्तरीय और ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश/देहरादून एवं जिला पंचायती राज अधिकारी को कहा कि मिशन वात्सल्य गाइडलाइन के अंतर्गत ब्लॉक, ग्राम, नगर पंचायत एवं नगर निगम स्तर पर समितियों का गठन कर अनटाइड अनुदान का 5% बच्चों के कल्याण और सुरक्षा पर व्यय किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जो संस्थाएँ अभी तक JJ एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें तत्काल पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
तीन माह में 136 बच्चों को संरक्षण, 138 मुक्त किए गए
जुलाई से सितम्बर 2025 के बीच 136 बच्चों को देखभाल एवं संरक्षण हेतु समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जबकि 138 बच्चों को मुक्त किया गया।
भिक्षावृत्ति में संलिप्त 70 बच्चे, बालश्रम में 14 बच्चे, तथा 6 अन्य राज्यों के बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की गतिविधियों की समीक्षा
बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 द्वारा पिछले तीन महीनों में दर्ज किए गए बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, शिक्षा से वंचित बच्चों, नशे की लत, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह आदि मामलों की समीक्षा की गई।
साथ ही, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मिशन वात्सल्य स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक ग्रहण एजेंसी, एवं नवीन बाल गृहों के पंजीकरण से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीएम बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि श्री सत्य साईं सेवा आश्रम, आमवाला देहरादून में निवासरत दिव्यांग बच्चों के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय आमवाला में विशेष शिक्षक की व्यवस्था की जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष नमिता ममगांई, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर, एवं विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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रक्षाबंधन पर फ्री बस सेवा का लाभ ले रहीं महिलाएं, कल भी रोडवेज में होगा मुफ्त सफर

Dehradun News : उत्तराखंड में आज रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना कर रही हैं। वहीं भाई भी बहनों की सुरक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प ले रहे हैं।
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रक्षाबंधन पर फ्री बस सेवा का लाभ ले रहीं महिलाएं
रक्षाबंधन के इस खास मौके पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी है। राज्य की महिलाएं आज यानी 28 अगस्त के साथ-साथ 29 अगस्त को भी उत्तराखंड रोडवेज की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी।
दो दिन महिलाओं से नहीं लिया जाएगा बस का किराया
सरकार के आदेश के मुताबिक, रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड के भीतर संचालित उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को 100 प्रतिशत किराया छूट दी जा रही है। यानी प्रदेश की सीमा के भीतर रोडवेज बस से सफर करने वाली महिलाओं से टिकट का किराया नहीं लिया जाएगा।

महिला सम्मान और सशक्तिकरण से जोड़ा फैसला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि रक्षाबंधन जैसे पर्व पर महिलाओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। मुफ्त बस सेवा का उद्देश्य उनके आवागमन को आसान बनाना और आर्थिक बोझ कम करना है।
सरकार करेगी रोडवेज के खर्च की भरपाई
महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने से उत्तराखंड परिवहन निगम पर पड़ने वाले आर्थिक भार की भरपाई भी राज्य सरकार करेगी। शासन की ओर से जारी आदेश में इस व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है।
अपर सचिव उत्तराखंड शासन रीना जोशी की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, निशुल्क यात्रा के कारण परिवहन निगम को होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
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उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों की निगरानी होगी और मजबूत, 13 संवेदनशील झीलों पर सरकार की नजर

Uttarakhand News : उत्तराखंड के ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में ग्लेशियर झीलों से पैदा होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज करने का फैसला लिया है। सरकार अब संवेदनशील ग्लेशियर झीलों की नियमित निगरानी के साथ-साथ संभावित आपदा से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर चेतावनी तंत्र विकसित करेगी।
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उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों की निगरानी होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील ग्लेशियर झीलों की वैज्ञानिक तरीके से लगातार निगरानी की जाए। इसके तहत झीलों के जलस्तर, आकार में बदलाव, आसपास के भूगोल और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों का समय-समय पर आकलन किया जाएगा।
संवेदनशील इलाकों में लगेंगे आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम
सरकार की योजना ऐसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की है, जहां ग्लेशियर झीलों के कारण अचानक बाढ़ या अन्य आपदा का खतरा अधिक हो सकता है। इसके लिए सेंसर, जलस्तर मापने वाले उपकरण और बेहतर संचार प्रणाली जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया है कि सिर्फ चेतावनी प्रणाली लगाने से काम पूरा नहीं होगा। संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए सुरक्षित निकासी मार्ग, प्रभावित क्षेत्र का पूर्व चिन्हांकन, स्थानीय चेतावनी व्यवस्था और राहत-बचाव की तैयारियों को भी मजबूत किया जाए।

नेपाल की आपदा के बाद उत्तराखंड में तैयारियों की समीक्षा
नेपाल में हाल में सामने आई आपदा के बाद उत्तराखंड में भी संभावित जोखिमों को लेकर प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर उसकी जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है।
उत्तराखंड में 13 ग्लेशियर झीलें संवेदनशील
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में कुल 13 ग्लेशियर झीलों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इनमें से चार झीलों का सर्वेक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
अब बाकी संवेदनशील झीलों का भी चरणबद्ध तरीके से वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में झील की मौजूदा स्थिति, पानी के स्तर में बदलाव, संभावित खतरे और झील के नीचे आने वाले क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS, PCS अफसरों के हुए बंपर तबादले, देखें लिस्ट

IAS PCS Transfer : उत्तराखंड शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), पीसीएस और सचिवालय सेवा के कुल छह अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। हालांकि लंबे समय से चर्चाओं में चल रही बड़ी तबादला सूची का अभी इंतजार है, लेकिन शासन ने देर रात एक छोटी सूची जारी कर कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
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उत्तराखंड में IAS, PCS अफसरों के हुए बंपर तबादले
देर रात उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव आईएएस अधिकारी आनंद श्रीवास्तव को लेकर हुआ है। उन्हें महानिदेशक कृषि एवं उद्यान की जिम्मेदारी दी गई है। यह पद कृषि और उद्यान से जुड़े विभागीय कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
वाले दिनों में शासन स्तर पर हो सकते हैं बड़े बदलाव
शासन की ओर से किए गए इस बदलाव के बाद अब इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों के तहत कामकाज आगे बढ़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शासन स्तर पर और भी प्रशासनिक फेरबदल हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें बहुप्रतीक्षित बड़ी तबादला सूची पर टिकी हुई हैं।

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