Dehradun
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां, देखिए कौन से जिलों में बंद रहेंगे स्कूल

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी त्रिपुरा से लौटने के बाद उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए सीधे आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी वहां आपदा के प्रभावी प्रबंधन के लिए राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर लिया फीडबैक
उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और बाढ़ से मची तबाही के बारे में फीडबैक लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें, जैसे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ से भी अपडेट प्राप्त किए।
सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि राहत और बचाव कार्यों में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचानी चाहिए।

आने वाले दिनों में क्या होगा?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके चलते राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा है और समन्वय समिति का गठन भी किया है। अब आपदा राहत कार्यों में और अधिक गति लाने के लिए तीन प्रमुख आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तरकाशी के स्कूल कल बंद रहेंगे
मौसम को देखते हुए उत्तरकाशी के सभी सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र कल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों के लिए यह आदेश लागू रहेगा। इसके अलावा, चंपावत, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में भी कल स्कूल बंद रहेंगे। अल्मोड़ा जिले में भी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
समन्वय समिति का गठन
उत्तरकाशी के प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए समन्वय समिति गठित की गई है। इसमें तीन प्रमुख आईएएस अधिकारियों – मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रुहेला और गौरव कुमार को जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें तत्काल उत्तरकाशी रवाना होने के निर्देश दिए गए हैं। ये अधिकारी गढ़वाल कमिश्नर के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे।
संयुक्त सचिव राजेंद्र सिंह पतीयाल ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
📌 प्रमुख बिंदु:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद आपदा परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक की।
उत्तरकाशी के सभी स्कूलों को कल बंद रखने का आदेश।
समन्वय समिति का गठन, तीन आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी।
केंद्र और राज्य सरकार की टीम राहत और बचाव कार्यों में जुटी।
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, उत्तरकाशी के साथ-साथ अन्य प्रभावित जिलों में भी कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
किन जिलों में स्कूल बंद रहेंगे?
उत्तरकाशी – सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश।
चंपावत – स्कूलों की छुट्टी।
चमोली – कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों को बंद किया गया।
रुद्रप्रयाग – स्कूलों की छुट्टी।
अल्मोड़ा – सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश।
- पौड़ी – स्कूलों की छुट्टी
आदेश क्यों लिया गया?
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टी का निर्णय लिया गया है।
सीएम धामी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि, “हमारे लिए बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम है, इसी कारण सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।”
शासन का अलर्ट
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने सभी जिला प्रशासन को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने की अपील की है ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 53 इंस्पेक्टर-दरोगा बदले, देखें पूरी लिस्ट

Dehradun Police Transfer : देहरादून कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। निरीक्षक, उप निरीक्षक और अपर उप निरीक्षक स्तर के कुल 53 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 53 इंस्पेक्टर-दरोगा बदले
देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। निरीक्षक, उप निरीक्षक और अपर उप निरीक्षक स्तर के कुल 53 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर किए गए हैं। जारी आदेश के तहत जिले के कई अहम थानों की कमान भी बदली गई है। लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे कई पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के मुताबिक निरीक्षक विनोद गुसाईं को पटेल नगर थाना प्रभारी के पद से हटाकर डालनवाला थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक नरेश राठौर को प्रेमनगर थाना प्रभारी से पटेल नगर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
कई पुलिसकर्मियों को किया गया इधर से उधर
निरीक्षक संतोष कुंवर को प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ, पुलिस कार्यालय से हटाकर कैंट थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक नरेंद्र गहलावत को डालनवाला से स्थानांतरित कर मसूरी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं निरीक्षक देवेंद्र चौहान को मसूरी थाना प्रभारी के पद से हटाकर नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा निरीक्षक प्रदीप रावत को सहसपुर थाना प्रभारी के पद से हटाकर प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ, पुलिस कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
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देहरादून की हवा अब हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि बीते कुछ वर्षों में शहर की रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है।
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देहरादून की हवा हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान
देहरादून ने तीन साल के दौरान अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया है। वर्ष 2024 में शहर इस श्रेणी में 41वें पायदान पर था। इसके बाद 2025 में देहरादून ने 19वीं रैंक हासिल की और अब 2026 में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यानी कुछ ही वर्षों में शहर ने रैंकिंग में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।
प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का असर
देहरादून की बेहतर रैंकिंग को शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। धूल नियंत्रण, सड़क सफाई, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण की निगरानी, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने जैसे कई स्तरों पर काम किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से स्वच्छ हवा को पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी जोड़ा गया है। सरकार का जोर ऐसे उपायों पर है, जिनसे प्रदूषण पर तत्काल नियंत्रण के साथ-साथ लंबे समय तक शहर की हवा को बेहतर बनाए रखा जा सके।

ड्रोन से पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए देहरादून नगर निगम और संबंधित विभागों ने तकनीक का भी इस्तेमाल किया। शहर के अधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव किया गया।
इसके अलावा प्रमुख सड़कों और सड़क किनारे जमा होने वाली धूल को हटाने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया। सफाई मशीनों के नियमित संचालन पर भी फोकस किया गया, ताकि सड़क की धूल से हवा में घुलने वाले प्रदूषक कणों को कम किया जा सके।
खुले में कूड़ा जलाने पर जागरूकता अभियान
शहर में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारणों में खुले में कूड़ा जलाना भी शामिल है। इस पर रोक लगाने के साथ लोगों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए। नागरिकों से कूड़ा खुले में न जलाने और स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करने की अपील की गई।
प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ हवा के लिए जनसहयोग को अहम माना गया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
Dehradun
मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार दुकानें ध्वस्त

Mussoorie News : मसूरी में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए झूलाघर क्षेत्र में चार दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।
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मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर
मसूरी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। चार दुकानों को धवस्त कर दिया गया है। मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
प्रशासन ने चार दुकानों को किया धवस्त
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के निर्देश पर तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम झूलाघर पहुंची। यहां रॉक स्टोन, अपर झूलाघर क्षेत्र में संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा से जुड़े अनधिकृत निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश हुए थे जारी
प्रशासन के मुताबिक, मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को 19 अगस्त को उपलब्ध कराई गई थी। उन्हें 15 दिनों के भीतर अपने स्तर से निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समयसीमा 2 सितंबर को समाप्त होने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया।
प्रशासन ने बताया कि ध्वस्तीकरण आदेश पर कोई स्थगनादेश भी प्रभावी नहीं था। इसके बाद एमडीडीए ने पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
कमिश्नर के समक्ष की गई अपील हो गई थी खारिज
नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा के अनुसार, संबंधित निर्माणकर्ता की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील भी की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
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