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EPFO UPI Withdrawal 2026: अप्रैल से पीएफ का पैसा निकालना होगा और भी आसान , जानिए नया नियम और प्रक्रिया..

Introduction : EPFO UPI Withdrawal 2026
अप्रैल 2026 तक आते-आते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए “Ease of Living” को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए, सरकार ने पीएफ निकासी की पुरानी और जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है।
अब चर्चा सिर्फ ऑनलाइन क्लेम की नहीं, बल्कि “EPFO UPI Withdrawal” की है। श्रम मंत्रालय और EPFO ने बैंकिंग प्रणालियों को इस तरह एकीकृत किया है कि सदस्य अब अपने पीएफ का एक निश्चित हिस्सा यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के माध्यम से भी एक्सेस करने की ओर बढ़ रहे हैं। इस लेख में हम 2026 के नवीनतम नियमों, ऑटो-सेटलमेंट लिमिट और यूपीआई के जरिए पैसे निकालने की पूरी सच्चाई जानेंगे।
EPFO UPI Withdrawal: अप्रैल 2026 का बड़ा अपडेट
2026 की शुरुआत में केंद्रीय श्रम मंत्री ने पीएफ निकासी प्रणाली में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की।
क्या है UPI आधारित निकासी?
EPFO ने “EPFO 3.0” के तहत अपनी आईटी प्रणाली को अपग्रेड किया है। अब सदस्यों को एक नया विकल्प दिया जा रहा है जिसमें वे अपने UAN (Universal Account Number) को सीधे अपने पसंदीदा UPI ऐप (Google Pay, PhonePe, BHIM) से लिंक कर सकते हैं।
- रियल-टाइम बैलेंस: अब आप अपने पीएफ का “निकासी योग्य बैलेंस” (Eligible Balance) सीधे यूपीआई ऐप्स पर देख सकेंगे।
- इंस्टेंट ट्रांसफर: क्लेम अप्रूव होने के बाद, पैसा NEFT के बजाय सीधे UPI गेटवे के माध्यम से आपके लिंक किए गए बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर दिया जाता है।
- एटीएम सुविधा: चुनिंदा बैंकों के साथ मिलकर EPFO “PF Withdrawal Cards” भी टेस्ट कर रहा है, जिससे आप जरूरत पड़ने पर एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे।
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट में भारी बढ़ोतरी (₹5 लाख तक)
2026 के नए नियमों के अनुसार, सबसे बड़ी राहत Auto-Settlement Limit को लेकर दी गई है।
- पुरानी सीमा: पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये थी।
- नई सीमा (2026): अब 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम ऑटो-सेटलमेंट मोड में प्रोसेस किए जा रहे हैं।
- समय सीमा: यदि आपका डेटा (KYC) सही है, तो सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 72 घंटों (3 दिन) के भीतर पैसा रिलीज कर देता है।
पीएफ निकासी के नए नियम (April 2026 Rules)
EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने निकासी के 13 पुराने जटिल प्रावधानों को खत्म कर उन्हें केवल 3 श्रेणियों में बांट दिया है:
- आवश्यक आवश्यकताएं (Essential Needs): गंभीर बीमारी, उच्च शिक्षा और बच्चों की शादी।
- आवास की जरूरतें (Housing Needs): घर खरीदना, फ्लैट का निर्माण या होम लोन का पुनर्भुगतान।
- विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances): प्राकृतिक आपदा या नौकरी छूटना।
महत्वपूर्ण नोट: अब सदस्य अपने कुल बैलेंस का 100% तक निकाल सकते हैं (शर्तों के साथ), लेकिन खाते को चालू रखने और 8.25% की दर से ब्याज पाने के लिए 25% बैलेंस अनिवार्य रूप से छोड़ना होगा।
UPI के जरिए PF निकासी की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
यदि आप 2026 के नए इंटरफेस का उपयोग कर रहे हैं, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:
स्टेप 1: UAN पोर्टल या UMANG App पर जाएं
अपने UAN और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें। सुनिश्चित करें कि आपका ‘Profile’ 100% पूर्ण है।
स्टेप 2: UPI ID लिंक करें
‘Manage’ टैब में जाकर ‘E-KYC’ सेक्शन चुनें। वहां आपको “Link UPI ID” का नया विकल्प मिलेगा। अपनी UPI आईडी दर्ज करें और आधार ओटीपी से सत्यापित करें।
स्टेप 3: क्लेम का प्रकार चुनें
‘Online Services’ में जाकर क्लेम फॉर्म चुनें। अब आपको राशि दर्ज करने के बाद भुगतान के दो विकल्प मिलेंगे: ‘Bank Transfer’ या ‘Instant UPI Transfer’।
स्टेप 4: सत्यापन और सबमिशन
निकासी का कारण चुनें और चेक की फोटो अपलोड करें। ‘Aadhaar OTP’ दर्ज करते ही आपका क्लेम सबमिट हो जाएगा।
2026 में निकासी के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)
| दस्तावेज / विवरण | स्थिति |
| Aadhaar Card | UAN के साथ लिंक और मोबाइल नंबर अपडेटेड। |
| Bank Account | IFSC कोड के साथ सही सीडिंग। |
| PAN Card | 50,000 से अधिक की निकासी के लिए अनिवार्य। |
| UPI ID | बैंक खाते के साथ सक्रिय। |
| Cancelled Cheque | नाम प्रिंटेड होना चाहिए। |
टीडीएस (TDS) और टैक्स के नए नियम
2026 में भी टैक्स के नियम सख्त हैं। यदि आप 5 साल की सर्विस से पहले पैसे निकालते हैं:
- PAN लिंक होने पर: 10% TDS (यदि राशि Rs 50,000+ है)।
- PAN लिंक न होने पर: 34.6% तक टैक्स कट सकता है।
- बचाव: टैक्स से बचने के लिए पोर्टल पर Form 15G/15H ऑनलाइन अपलोड करना न भूलें।
EPFO UPI निकासी के फायदे
- बिचौलियों का अंत: अब आपको कंपनी या दलालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
- पूरी पारदर्शिता: हर स्टेप पर आपको एसएमएस (SMS) और ऐप नोटिफिकेशन मिलता है।
- इमरजेंसी में मददगार: मेडिकल इमरजेंसी के समय 1 घंटे के भीतर पैसा मिलना संभव हो गया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अप्रैल 2026 का EPFO UPI Withdrawal अपडेट सरकारी सेवाओं के आधुनिकीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है। जहाँ पहले पीएफ का पैसा “फंसा हुआ धन” माना जाता था, अब वह आपकी पहुंच में है। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि पीएफ आपका रिटायरमेंट फंड है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही इसे निकालें ताकि आपको चक्रवर्ती ब्याज (Compounding Interest) का लाभ मिलता रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या मैं 2026 में बिना नौकरी छोड़े पूरा पीएफ निकाल सकता हूँ?
हाँ, नए नियमों के तहत आप विशिष्ट उद्देश्यों (जैसे घर खरीदना) के लिए 100% तक पात्र राशि निकाल सकते हैं, लेकिन 25% बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य है।
Q2. क्या UPI निकासी के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज लगता है?
नहीं, EPFO अपनी किसी भी डिजिटल सेवा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेता है।
Q3. मेरा क्लेम रिजेक्ट क्यों हो जाता है?
सबसे आम कारण बैंक खाते का विवरण गलत होना या चेक की फोटो साफ न होना है। सुनिश्चित करें कि आपके नाम की स्पेलिंग आधार और बैंक रिकॉर्ड में एक जैसी हो।
Q4. क्या 2026 में ऑफलाइन फॉर्म जमा करना संभव है?
हाँ, लेकिन EPFO अब डिजिटल मोड को ही प्राथमिकता देता है। ऑफलाइन प्रक्रिया में 20-30 दिन का समय लग सकता है।
Q5. ऑटो-सेटलमेंट कितने समय में होता है?
सिस्टम द्वारा सत्यापित होने पर यह 48 से 72 घंटों के भीतर आपके खाते में पैसा क्रेडिट कर देता है।
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धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज, ग्रेड-पे से लेकर मानसून सत्र तक बड़े फैसलों पर नजर

Dhami Cabinet : उत्तराखंड सरकार की धामी कैबिनेट बैठक आज कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाली है। बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।
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धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज
सीएम धामी की अध्यक्षता में आज दोपहर 12 बजे से मंत्रिमंडल की बैठक होगी। जिसमें सबसे प्रमुख मामला सहायक अध्यापक व्यायाम के पद के ग्रेड वेतन को 4600 से घटाकर 4200 किए जाने से जुड़ा बताया जा रहा है।
इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास विभाग से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आ सकते हैं। वहीं विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी सरकार की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
सहायक अध्यापक व्यायाम के ग्रेड-पे पर नजर
कैबिनेट बैठक में सहायक अध्यापक व्यायाम के पद को लेकर प्रस्ताव चर्चा में आ सकता है। इसके तहत मौजूदा 4600 ग्रेड वेतन को घटाकर 4200 किए जाने का प्रस्ताव बताया जा रहा है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो संबंधित पद की वेतन व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। ग्रेड-पे कर्मचारियों की वेतन संरचना से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा होने के कारण इस फैसले का वित्तीय प्रभाव भी पड़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है या इसमें किसी तरह का संशोधन किया जाता है। इसी वजह से कर्मचारियों की नजर भी आज होने वाली कैबिनेट बैठक के फैसले पर रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के मामलों पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक के एजेंडे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल होने की संभावना है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं, विभागीय जरूरतों और कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर निर्णय ले सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फैसलों के जरिए आने वाले समय में विभागीय कामकाज और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने आ सकती हैं।

शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव भी अहम
शहरी विकास विभाग के कई प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में विचार संभव है। प्रदेश के शहरों में लगातार बढ़ते विकास दबाव, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय निकायों से जुड़े विषयों को देखते हुए इस विभाग के फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कैबिनेट में प्रस्तावों पर होने वाली चर्चा से यह संकेत भी मिल सकता है कि सरकार आने वाले महीनों में शहरी क्षेत्रों से जुड़े किन मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली है।
मानसून सत्र को लेकर सरकार ले सकती है फैसला
उत्तराखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी आज की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है। सत्र कब आयोजित किया जाएगा और इसकी अवधि समेत अन्य तैयारियों को लेकर सरकार की ओर से फैसला लिया जा सकता है।
मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में रहेगा। ऐसे में सत्र से पहले कैबिनेट में होने वाले फैसले राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माने जा रहे हैं।
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बड़ी खबर : कल से तीन दिन देश में बंद रहेंगे बैंक, जानें क्यों और कहां रहेगी बैंकों की छुट्टी ?

Bank Holidays : आज के समय में बैंकिंग से जुड़े ज्यादातर काम मोबाइल और इंटरनेट के जरिए आसानी से किए जा सकते हैं। पैसे ट्रांसफर करने से लेकर क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन और लोन की प्रक्रिया तक कई सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कुछ जरूरी कामों के लिए बैंक की शाखा में जाना पड़ता है। ऐसे में अगर बैंक पहुंचने के बाद शाखा बंद मिले तो परेशानी होना तय है। खासकर तब, जब लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहने वाले हों।
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कल से तीन दिन देश में बंद रहेंगे बैंक
11 सितंबर से 13 सितंबर तक बैंक की छुट्टियों को लेकर अलग-अलग दिनों में अलग-अलग वजहें हैं। आइए जानते हैं इन तीन दिनों में कहां बैंक बंद रहेंगे और किस दिन पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। 11 सितंबर को बैंक की छुट्टी पूरे देश में एक जैसी नहीं है।
राजस्थान में जहां चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं, वहां संबंधित बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अलावा जयपुर नगर निगम क्षेत्र में होने वाले चुनाव के चलते शुक्रवार यानी 11 सितंबर को बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा।
राजधानी दिल्ली में भी बंद रहेंगे बैंक
दिल्ली में 11 सितंबर को 18वें BRICS सम्मेलन के आयोजन के कारण सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। कुछ स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को भी बंद रखने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, दिल्ली में बैंक बंद रखने को लेकर अलग से कोई सामान्य बैंक अवकाश आदेश सामने नहीं आया है।

12 सितंबर को पूरे देश में बैंक बंद
अब बात करते हैं 12 सितंबर की। शनिवार यानी 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है। इसलिए 12 सितंबर को देशभर में सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। हालांकि, बैंक की कई डिजिटल सेवाएं जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सामान्य तौर पर उपलब्ध रह सकती हैं।
13 सितंबर को भी बैंक नहीं खुलेंगे
अगर आपको लगता है कि 12 सितंबर की छुट्टी के बाद 13 सितंबर को बैंक खुल जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। 13 सितंबर को रविवार है, इसलिए देशभर में बैंक शाखाओं का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। यानी सरकारी और प्राइवेट दोनों बैंकों की शाखाएं रविवार को बंद रहेंगी।
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नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पानी से 2 की मौत, 200 से भी ज्यादा लोग हुए बीमार

Nainital News : पानी जिसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन नैनीताल के ज्योलीकोट में यही पानी जिंदगी बचाने के बजाय जिंदगी छीन रहा है। जिस पानी को लोग भरोसे के साथ पी रहे थे, वही पानी बीमारी का ऐसा जहर बन गया कि दो जिंदगियां चली गईं और सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच गए।
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नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पानी से 2 की मौत
नैनीताल के ज्योलीकोट में दूषित पेयजल का मामला अब गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। पांच गांवों के करीब 200 लोग पीलिया, बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। 60 से ज्यादा मरीज नैनीताल, हल्द्वानी, बरेली और दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती हैं। दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
200 से भी ज्यादा लोग हुए बीमार
ग्रामीणों का आरोप है कि 20 जून से ही पानी में झाग, बदबू और लोगों के बीमार पड़ने की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन करीब दो महीने तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनशन के बाद 27 अगस्त को दूषित पेयजल लाइन काटी गई। सबसे गंभीर बात यह है कि जल संस्थान की जांच में पेयजल स्रोत में सीवेज मिलने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक दुर्गापुर पेयजल संयंत्र के ऊपर ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट है और लंबे समय से सीवर का पानी पेयजल लाइन में रिस रहा था।

दो लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन
दूषित पानी से बीमार 26 वर्षीय नीमा की बरेली में और 16 वर्षीय उमेश्वर जीना की दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई। वहीं 50 से 60 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं और बीडी पांडे अस्पताल में 25 से ज्यादा पीलिया पीड़ित भर्ती बताए जा रहे हैं।
अब जल संस्थान ने दूषित स्रोत बंद कर दिया है। सीवर और पेयजल लाइनों को अलग करने का काम चल रहा है और दूसरे स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। डीएम ने सात दिन के लिए स्कूल बंद करने, जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और घर-घर स्वास्थ्य शिविर के निर्देश दिए हैं।







































