Rishikesh
रेलवे ट्रैक पर मादा गुलदार की ट्रेन की चपेट में आने से मौत, राजाजी टाइगर रिजर्व टीम ने शुरू की जांच !

ऋषिकेश: देहरादून जिले के हरिद्वार-ऋषिकेश रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध परिस्थितियों में एक मादा गुलदार ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। गुलदार की मौत के बाद राजाजी टाइगर पार्क की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि रेलवे के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है, और यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस ट्रेन से यह हादसा हुआ।
हादसे का पता वनकर्मियों को गश्त के दौरान चला। वनकर्मी गुलदार के शव को मोतीचूर रेंज कार्यालय लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सकों की टीम ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया और शव का निस्तारण किया। रेंज अधिकारी ने बताया कि यह संभावना है कि गुलदार खाने की तलाश में रेलवे ट्रैक तक पहुंचा था। मादा गुलदार की उम्र करीब सात साल थी।
इस हादसे के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके अलावा आगे की जांच की जा रही है। उत्तराखंड में इस प्रकार के हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं, जिसमें वन्यजीवों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो जाती है, लेकिन इसके समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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ऋषिकेश में दो संदिग्ध मौतों से सनसनी, एक व्यक्ति ने घर में की आत्महत्या, स्टेशन के पास मिला अज्ञात शव

Rishikesh News : तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया है। एक मामले में एक व्यक्ति का शव उसके घर के कमरे में मिला, जबकि दूसरी घटना में योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पीछे एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया है।
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ऋषिकेश में दो संदिग्ध मौतों से सनसनी
ऋषिकेश में दो संदिग्ध मौतों से सनसनी मच गई है। पहली घटना श्यामपुर क्षेत्र की है, जहां 50 वर्षीय जसवंत सिंह अपने घर के एक कमरे में मृत पाए गए। बताया गया कि रात के समय उनकी पत्नी ने खिड़की से कमरे के अंदर देखा तो वह स्तब्ध रह गईं। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को जानकारी दी और पुलिस को सूचना दी गई।
एक व्यक्ति ने घर में की आत्महत्या
सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने बताया कि जसवंत सिंह लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहे थे। इसी कारण उन्हें कुछ समय पहले नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां से वो कुछ दिन पहले ही वापस घर लौटे थे। पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रेलवे स्टेशन के पास मिला अज्ञात शव
वहीं दूसरी घटना योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पीछे सामने आई, जहां एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष के आसपास प्रतीत होती है और शव करीब एक सप्ताह पुराना होने की आशंका है। काफी समय बीत जाने के कारण शव से दुर्गंध भी आ रही थी।
अब तक नहीं हो पाई शव की शिनाख्त
पुलिस ने मृतक की पहचान करने का प्रयास किया, लेकिन उसके पास से कोई पहचान पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आसपास के थानों के साथ-साथ गुमशुदगी के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
दोनों मामलों में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
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ऋषिकेश फोरलेन के लिए चली आरी, आज काटे गए 100 पेड़, रो पड़े पर्यावरण प्रेमी

Rishikesh News : भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के तहत जैसे ही पेड़ों की कटाई दोबारा शुरू हुई, मौके पर भावुक माहौल बन गया। कई वर्षों से खड़े पेड़ एक-एक कर गिरते रहे और उन्हें बचाने की मांग कर रहे पर्यावरण प्रेमी व स्थानीय लोग मायूस नजर आए।
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ऋषिकेश फोरलेन के लिए चली आरी, आज काटे गए 100 पेड़
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए चार दिन के अंतराल के बाद सोमवार को दोबारा पेड़ों का कटान शुरू कर दिया गया। किसी भी तरह के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। हल्के विरोध और प्रदर्शन के बीच पहले दिन करीब 100 पेड़ों की कटाई की गई।
पेड़ों के कटते ही रो पड़े पर्यावरण प्रेमी
फोरलेन परियोजना के तहत 3,000 से अधिक संरक्षित पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है। इस निर्णय का पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की बलि नहीं दी जानी चाहिए और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

पिछले सप्ताह विरोध के चलते रोक दिया था काम
पिछले सप्ताह विरोध-प्रदर्शन के चलते पेड़ों का कटान अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। हालांकि सोमवार को वन निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पुलिस सुरक्षा के बीच दोबारा कटाई का कार्य शुरू कराया। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी में कटान की प्रक्रिया जारी रही।परियोजना को लेकर क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर बहस लगातार जारी है।
Rishikesh
ऋषिकेश में सेल्फी लेते हुए गंगा में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, तलाश में जुटी SDRF

Rishikesh News : उत्तराखंड में घूमने आए एक पर्यटक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गंगा नदी के किनारे तस्वीर खिंचवाते समय एक व्यक्ति तेज बहाव में बह गया। घटना कौड़ियाला क्षेत्र की है, जहां गाजियाबाद निवासी एक पर्यटक नदी के किनारे सेल्फी लेते समय संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते गंगा की धाराओं में समा गया।
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ऋषिकेश में सेल्फी लेते हुए गंगा में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद और फरीदाबाद से दो परिवार उत्तराखंड भ्रमण पर आए थे और कौड़ियाला स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। शनिवार शाम दोनों परिवार होटल के समीप गंगा घाट पर घूमने और फोटो खिंचवाने पहुंचे थे।
इसी दौरान गाजियाबाद निवासी 43 वर्षीय आशीष जैन गंगा नदी के किनारे खड़े होकर परिवार के साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अचानक उनका पैर फिसल गया और वो नदी के तेज बहाव में गिर गए। नदी का प्रवाह इतना अधिक था कि उन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तलाश में जुटी SDRF
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और मौजूद लोगों ने तत्काल सहायता के लिए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी बछेलीखाल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ को भी बुलाया गया।

एसडीआरएफ की टीम ने अंधेरा होने के बावजूद गंगा नदी में राफ्ट के जरिए सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस और रेस्क्यू दल लगातार नदी के बहाव वाले क्षेत्र में तलाश अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से की नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना आशीष जैन के परिजनों को दे दी गई है। उनके परिवार के सदस्य ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुके हैं। आशीष जैन गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि नदी किनारे फोटो या सेल्फी लेते समय विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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