Haridwar
हरिद्वार पुलिस कप्तान ने किया बड़े पैमाने पर ट्रांसफर, 11 एसएसआई, 25 दरोगाओं और 8 निरीक्षकों के किए तबादले…

हरिद्वार: पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने जिले में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। इस ट्रांसफर में 11 एसएसआई, 25 दरोगाओं के साथ ही 8 निरीक्षकों को भी इधर-उधर किया गया है। गंगनहर, भगवानपुर समेत कई कोतवालियों में एसएसआई बदले गए हैं, जबकि झबरेड़ा और कनखल थाने में इंस्पेक्टर की तैनाती के कारण एसएसआई की नियुक्ति नहीं की गई है। पथरी और कलियर थाने में पहली बार एसएसआई को तैनात किया गया है।

एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा देर रात जारी की गई ट्रांसफर लिस्ट में कई दारोगाओं को पहली बार चार्ज मिला है। इसमें रितेश शाह को हरिद्वार कोतवाली प्रभारी और मनोज नौटियाल को पथरी थाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमरजीत सिंह को रोशनाबाद पुलिस लाइन से ट्रांसफर कर गंगनहर कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है।

इसके अलावा, पुलिस लाइन में तैनात धर्मेंद्र राठी को भगवानपुर थाने का एसएसआई बनाया गया है। संजीत कंडारी को खड़खड़ी चौकी से हरकी पौड़ी चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया, जबकि हरिद्वार कोतवाली में तैनात सतेंद्र भंडारी को खड़खड़ी चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। लक्सर मेन बाजार चौकी प्रभारी नवीन चौहान को भिक्कमपुर चौकी प्रभारी बनाया गया, और हरकी पौड़ी चौकी प्रभारी प्रदीप चौहान को एसआईएस शाखा में नई तैनाती मिली है।
Uttarakhand
Haridwar News : गंगा पार कर हाथियों के साथ सेल्फी लेना युवकों को पड़ा भारी, बाल-बाल बची जान…

Haridwar News : गंगा पार कर हाथियों के साथ सेल्फी लेने पहुंचे युवक
हरिद्वार। वन्यजीवों के साथ सेल्फी लेने और रोमांच के शौक में छह युवकों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। हरिद्वार के सप्तऋषि घाट क्षेत्र में गंगा पार कर हाथियों के झुंड के करीब पहुंचना युवकों को भारी पड़ गया। हाथी अचानक आक्रामक हो गए और युवकों के पीछे दौड़ पड़े। इस दौरान दो युवकों की जान बाल-बाल बची। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे छह युवक सप्तऋषि घाट के सामने स्नान कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गंगा पार हाथियों का एक झुंड दिखाई दिया। झुंड में शिशु हाथियों समेत करीब आठ से दस हाथी मौजूद थे, जो गंगा किनारे विचरण कर रहे थे। युवकों ने हाथियों के साथ फोटो और वीडियो बनाने के लिए गंगा पार कर उनके बेहद करीब पहुंचने का फैसला किया।
हाथियों ने किया चार्ज, मच गई अफरा-तफरी
हाथियों के पास पहुंचकर युवक तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। खुद को असुरक्षित महसूस करते ही हाथी आक्रामक हो गए और युवकों की ओर दौड़ पड़े। हाथियों को अपनी तरफ आते देख युवकों में अफरा-तफरी मच गई और सभी अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इस दौरान दो युवक हाथियों के बेहद करीब पहुंच गए, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडराने लगा। हालांकि उन्होंने तेजी से भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचते हुए खुद को बचा लिया।
घटना के बाद सभी युवक वापस लौट आए। उनकी लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। सप्तऋषि घाट पर मौजूद एक युवक ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वायरल वीडियो में हाथी युवकों के पीछे दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाथी कुछ और करीब पहुंच जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस और वन विभाग ने दी चेतावनी
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने युवकों को कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की चेतावनी दी।
रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ा गया। उन्होंने कहा कि जंगल और वन्यजीव क्षेत्रों में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। बिना अनुमति वन क्षेत्र में प्रवेश करना और वन्यजीवों के करीब जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि फोटो या वीडियो बनाने के लिए वन्यजीवों के नजदीक न जाएं और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इससे न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि वन्यजीवों को भी अनावश्यक तनाव और खतरे से बचाया जा सकेगा।
Uttarakhand
Nirjala Ekadashi 2026: हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

Nirjala Ekadashi 2026 : तीर्थनगरी हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हरिद्वार, भारत — सनातन धर्म में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण माने जाने वाले निर्जला एकादशी 2026 के पावन अवसर पर तीर्थनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी के बावजूद, देश के कोने-कोने से आए हजारों भक्तों ने पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। पूरी धर्मनगरी वैदिक मंत्रोच्चार, भजनों और ‘हर-हर गंगे’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी।
हर की पैड़ी पर दिखा भक्ति का अनूठा संगम
सुबह के ब्रह्ममुहूर्त से ही हर की पैड़ी समेत हरिद्वार के तमाम प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। पवित्र गंगा स्नान के बाद भक्तों ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इस विशेष पर्व पर दान-पुण्य का अत्यधिक महत्व होने के कारण घाटों पर जल, मौसमी फल, वस्त्र और मिट्टी के घड़ों का दान करने वालों की लंबी कतारें देखी गईं।
प्रशासनिक मुस्तैदी: श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया गया था।
क्यों खास है निर्जला एकादशी का व्रत?
शास्त्रों के अनुसार, वर्ष में आने वाली सभी 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। ‘निर्जला’ का अर्थ है बिना जल के। जहां अन्य एकादशी व्रतों में फलाहार या दूध का सेवन किया जा सकता है, वहीं इस व्रत में सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक अन्न और जल का पूर्ण त्याग करना होता है।
भीमसेनी एकादशी की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडव भाई भीमसेन (भीम) के लिए अपनी अत्यधिक भूख (वृकोदर प्रवृत्ति) के कारण महीने में दो बार आने वाले एकादशी व्रतों को रखना असंभव था।
जब उन्होंने अपनी इस विवशता को लेकर महर्षि वेदव्यास जी से मार्गदर्शन मांगा, तो व्यास जी ने उन्हें वर्ष में केवल एक बार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी का पूर्ण निर्जला व्रत रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस एकमात्र कठिन व्रत को पूरी निष्ठा से करने पर वर्ष की सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण इसे भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी भी कहा जाता है।
निर्जला एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण का समय
व्रत की पूर्णता और उसका आध्यात्मिक लाभ उठाने के लिए तिथियों और शुभ मुहूर्त का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है:
| विशेष आयोजन / तिथि | शुभ समय और दिनांक |
| निर्जला एकादशी व्रत तिथि | गुरुवार, 25 जून 2026 |
| एकादशी तिथि का प्रारंभ | 24 जून 2026 को शाम 06:12 बजे से |
| एकादशी तिथि की समाप्ति | 25 जून 2026 को रात 08:09 बजे तक |
| पारण (व्रत तोड़ने) का समय | 26 जून 2026 (शुक्रवार) सुबह 05:43 बजे से 08:26 बजे तक |
नोट: हिंदू शास्त्रों के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि के भीतर और सूर्योदय के बाद ही किया जाना चाहिए। व्रत खोलते समय सबसे पहले भगवान विष्णु को भोग लगाकर जल ग्रहण करना चाहिए।
मुख्य नियम और धार्मिक परंपराएं
इस दिन दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु निम्नलिखित परंपराओं का पालन करते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सुबह सूर्योदय से पूर्व (04:04 AM से 04:45 AM के बीच) उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना।
- मंत्र साधना: पूरे दिन मन ही मन
ॐ नमो भगवते वासुदेवायमहामंत्र का जाप या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना। - शीतलता का दान: जेठ की भीषण गर्मी को देखते हुए भूखे-प्यासों को पानी पिलाना, शर्बत बांटना, तथा मिट्टी के घड़े, हाथ के पंखे और छतरियों का दान करना सर्वोत्तम माना जाता है।
- तुलसी दल निषेध: एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित नहीं किया जाता और न ही पत्तियां तोड़ी जाती हैं, क्योंकि माना जाता है कि माता तुलसी भी इस दिन भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
संध्याकाल में गंगा आरती के दर्शन और रात में हरि-कीर्तन (जागरण) के साथ श्रद्धालु इस कठिन व्रत को पूर्ण कर आत्मिक शांति और मोक्ष की कामना करते हैं।
Uttarakhand
हरिद्वार नगर निगम को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस अलर्ट, साइबर सेल खंगाल रही ई-मेल भेजने वाले का डिजिटल फुटप्रिंट

हरिद्वार नगर निगम को बम से उड़ाने की धमकी पुलिस अलर्ट
हरिद्वार नगर निगम को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि धमकी भरा मेल मिलने के बाद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वॉड) टीम को तुरंत मौके पर भेजकर सघन जांच कराई गई है। एहतियात के तौर पर अभी भी संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान लगातार जारी है।
प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ी
सुरक्षा को चाक-चौबंद करते हुए पुलिस ने हरिद्वार के प्रसिद्ध घाट हरकीपेड़ी और ऋषिकुल मैदान स्थित रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर चौकसी बढ़ा दी है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख मंदिरों और अन्य महत्वपूर्ण व भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

साइबर सेल खंगाल रही डिजिटल फुटप्रिंट
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में साइबर सेल को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है। साइबर टीम ई-मेल भेजने वाले की सटीक पहचान करने के लिए आईपी (IP) एड्रेस और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारियां जुटा रही है।
आधुनिक तकनीक से होगी आरोपी की धरपकड़
एसएसपी ने बताया कि पहले भी पत्रों के माध्यम से इस तरह की धमकियां सामने आती रही हैं, लेकिन अब डिजिटल माध्यम से भेजे गए इन संदेशों की जांच आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक से की जा रही है। पुलिस का साफ कहना है कि डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपी को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा और पूरे मामले का भंडाफोड़ किया जाएगा।
FOR MORE VISIT JANMANCHTV
Cricket23 hours agoICC Women’s T20 World Cup 2026: पाकिस्तान बनाम नेदरलैंड्स महिला मैच की बेस्ट ड्रीम11 टीम और फैंटेसी टिप्स..
Uttarakhand23 hours agoपिथौरागढ़: 5 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, पहले भी जा चुका है जेल..
Cricket4 hours agoENG-W vs NZ-W Dream11 Team Match 28 T20 WC 2026 : फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और प्लेइंग XI
Cricket3 hours agoIRE vs IND Dream11 Team 2nd T20I 2026: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और बेस्ट ड्रीम11 टीम
Uttarakhand13 minutes agoDehradun News: विकासनगर में 120 पेटी अवैध शराब बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार









































