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शारदीय कांवड़ मेला 2026 के लिए हरिद्वार पुलिस का ट्रैफिक प्लान, यहाँ देखें…

शारदीय कांवड़ मेला 2026: हरिद्वार के लिए विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान जारी
मुख्य बिंदु
शारदीय कांवड़ मेला 2026: शारदीय कांवड़ मेला एवं महाशिवरात्रि पर्व 2026 को देखते हुए हरिद्वार प्रशासन द्वारा व्यापक यातायात डायवर्जन एवं पार्किंग प्लान लागू किया गया है। ये व्यवस्था 5 फरवरी 2026 सुबह 8 बजे से 15 फरवरी 2026 रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
भारी वाहनों पर प्रतिबंध
सबसे पहले यह स्पष्ट किया गया है कि हरिद्वार से नजीबाबाद मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
वैकल्पिक मार्ग:
सिडकुल, देहरादून या ऋषिकेश की ओर से आने वाले भारी वाहन, जिन्हें बिजनौर, मुरादाबाद या नैनीताल जाना है, वे हरिद्वार → रुड़की → मुजफ्फरनगर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। वापसी भी इसी मार्ग से होगी।
महत्वपूर्ण सूचना:
नजीबाबाद, मुरादाबाद और नैनीताल की ओर आवश्यक वस्तुओं (खाद्य सामग्री, पेट्रोलियम, गैस व मेडिकल सप्लाई) का आवागमन रात्रि 11 बजे से सुबह 4 बजे तक ही अनुमन्य रहेगा।
रोडवेज और निजी बसों के लिए व्यवस्था
- देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बिजनौर, मुरादाबाद व नैनीताल जाने वाली रोडवेज बसें लाडपुर से नहर पटरी मार्ग का उपयोग करेंगी।
- वापसी में ये बसें बिजनौर → गंगा बैराज → मोंटी तिराहा (मीरापुर) → मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगी।
- कोटद्वार से हरिद्वार आने वाली निजी बसों का मार्ग पूर्ववत रहेगा।
अन्य मार्गों पर प्रतिबंध
- रुड़की → लक्सर → बालावाली मार्ग पर भारी और मध्यम वाहनों का आवागमन पूर्णतः बंद रहेगा।
- आवश्यकता पड़ने पर हल्के वाहनों पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।
हरिद्वार शहर के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान
नजीबाबाद की ओर से आने वाले वाहन
छोटे निजी वाहन:
नजीबाबाद → चिड़ियापुर → श्यामपुर → 4.2 डायवर्जन प्वाइंट → चंडी चौकी → चंडी चौक
पार्किंग: दीनदयाल, पंतद्वीप, चमगादड़ टापू
कांवड़ वाहन:
नजीबाबाद → चिड़ियापुर → श्यामपुर → 4.2 डायवर्जन → गौरीशंकर/नीलधारा पार्किंग
वापसी इन्हीं मार्गों से सुनिश्चित की जाएगी।
यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में सभी वाहनों को सीधे गौरीशंकर/नीलधारा पार्किंग में रोका जाएगा।
दिल्ली–मेरठ–मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहन
मुख्य मार्ग:
दिल्ली → मेरठ → मुजफ्फरनगर → नारसन → मंगलौर → कोर कॉलेज → शंकराचार्य चौक
पार्किंग: अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप, चमगादड़ टापू
अत्यधिक दबाव की स्थिति में वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
पंजाब और हरियाणा से आने वाले वाहन
पंजाब/हरियाणा → सहारनपुर → भगवानपुर → NH-344 → कोर कॉलेज → शंकराचार्य चौक
यातायात बढ़ने पर इन्हें भी वैकल्पिक रूप से बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा।
देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन
देहरादून/ऋषिकेश → नेपालीफार्म → रायवाला → दूधाधारी चौक → सर्वानंद घाट
पार्किंग: पंतद्वीप, चमगादड़ टापू, लालजीवाला मैदान
इसके अलावा चीला मार्ग को केवल ऋषिकेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों के लिए वन-वे रखा जाएगा।
जीरो जोन और वन-वे व्यवस्था
- पोस्ट ऑफिस तिराहा से हरकी पौड़ी तक पूर्ण जीरो जोन रहेगा।
- भीमगौड़ा बैरियर से हरकी पौड़ी तक भी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
- कई प्रमुख चौकों पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी।
ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा के लिए डायवर्जन
यातायात दबाव बढ़ने की स्थिति में विभिन्न दिशाओं से आने वाले ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा को निर्धारित बैरियरों से वापस मोड़ा जाएगा, ताकि मुख्य मार्गों पर भीड़ न बढ़े।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान का पालन करें और सहयोग देकर कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने में मदद करें।
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कांवड़ मेला खत्म होने के बाद हरिद्वार में 7000 मीट्रिक टन कूड़ा, घाटों की सफाई में जुटे कर्मचारी

Haridwar News : कांवड़ मेला 2026 का समापन हो गया है। धर्मनगरी से कांवड़िए तो जा चुके हैं लेकिन अपने पीछे हजारों मीट्रिक टन कूड़ा छोड़ गए हैं। जिसे साफ करना अब प्रशान के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मेले के समापन के साथ ही सैकड़ों कर्मचारी सफाई अभियान में जुट गए हैं।
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कांवड़ मेला खत्म होने के बाद हरिद्वार में 7000 मीट्रिक टन कूड़ा
हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले के समापन के बाद घाटों पर हर ओर कूड़ा ही कूड़ा नजर आ रहा है। इस गंदगी को साफ करना हरिद्वार नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती है। इस बार कांवड़ यात्रा में करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही रही, जिसके चलते शहर के घाटों, प्रमुख सड़कों और कांवड़ पटरी पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा हुआ।
दिन-रात अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे कर्मचारी
मेला खत्म होते ही नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है। सफाई कर्मचारी दिन-रात अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे हैं।
सफाई अभियान की शुरुआत हरकी पैड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों से की गई। इसके बाद गंगा किनारे स्थित दूसरे घाटों पर भी सफाई का काम तेज कर दिया गया। नगर निगम के करीब एक हजार कर्मचारी इस अभियान में लगाए गए हैं। इनके अलावा जिला पंचायत और परिवहन विभाग की टीमें भी अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी हैं।
अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा कचरा
नगर निगम के मुताबिक, सफाई के दौरान इकट्ठा होने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। उपयोगी और रिसाइकिल होने वाले कचरे को अलग कर आगे रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा, जबकि अन्य कचरे का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

कांवड़ मेले की पूरी अवधि में हरिद्वार शहर में करीब 7,000 मीट्रिक टन तक कचरा जमा होने का अनुमान है। वहीं, अकेले गंगा घाटों पर लगभग 4,500 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में कचरे के कारण मेले के बाद सफाई व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने के लिए नगर निगम को बड़े स्तर पर अभियान चलाना पड़ रहा है।
95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी – नगर निगम
हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद मंगलवार शाम से ही सफाई अभियान को और तेज कर दिया गया था। डाक कांवड़ के दौरान कई सड़कों और संकरी गलियों में वाहनों की आवाजाही सीमित रहने के कारण कुछ स्थानों पर कचरा जमा हो गया था। ऐसे में निगम ने सबसे पहले घाटों और शहर के प्रमुख मार्गों को साफ करने पर जोर दिया।
हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, नई घाट, अलकनंदा घाट, बिरला घाट और विष्णु घाट सहित अधिकांश प्रमुख घाटों पर सफाई का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। नगर निगम का दावा है कि करीब 95 फीसदी घाटों की सफाई पूरी हो चुकी है। अब बाकी बचे क्षेत्रों में भी सफाई अभियान लगातार जारी है।
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हरिद्वार में कांवड़ मेला सकुशल संपन्न, पुलिस-प्रशासन ने सहयोगियों को किया सम्मानित

Haridwar News : हरिद्वार में कांवड़ मेला 2026 सकुशल संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े सहयोगियों का सम्मान किया गया।
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हरिद्वार में कांवड़ मेला सकुशल संपन्न
धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने पर पुलिस-प्रशासन ने सहयोगियों को सम्मानित किया। इस दौरान एडीजी कानून-व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने कहा कि शासन, प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से कांवड़ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
उन्होंने बताया कि ड्यूटी में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ब्रीफिंग की गई है ताकि इस बार सामने आई कमियों को चिन्हित कर आने वाले वर्षों की बेहतर प्लानिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास रहा कि स्थानीय जनता को भी परेशानी न हो और शिवभक्तों को भी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले।

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी बड़ी जिम्मेदारी
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए स्थानीय लोगों, पत्रकारों और बाहर से आई पुलिस फोर्स का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे और आपदा की चुनौती के बीच कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी थी जिसे हरिद्वार पुलिस और गढ़वाल परिक्षेत्र की टीमों ने बखूबी निभाया।
IG गढ़वाल ने कांवड़ यात्रियों के सहयोग की सराहना की
आईजी गढ़वाल ने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर लागू व्यवस्था को लेकर कांवड़ यात्रियों के सहयोग की भी सराहना की और कहा कि श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन की अपील को माना जिससे दिल्ली और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी भी बनी रही। आईजी ने कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाली सभी टीमों और स्वयं कांवड़ यात्रियों का आभार व्यक्त किया।
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शिवरात्रि पर शिवमय हुई धर्मनगरी, दक्षेश्वर महादेव समेत अन्य मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़

Haridwar News : शिवरात्रि के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय नजर आ रही है। सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई धर्मनगरी
शिवरात्रि के मौके पर कनखल स्थित पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे शिवभक्त कांवड़िए और श्रद्धालु गंगाजल तथा दूध से भगवान शिव का अभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
दक्षेश्वर महादेव समेत शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से जुड़ा है और इस दिन श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की पूजा करने वाले भक्तों पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है।

कनखल के दक्षेश्वर महादेव के साथ ही तिलभांडेश्वर महादेव, बिल्वकेश्वर महादेव, नीलेश्वर महादेव समेत हरिद्वार के प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है।
भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे भक्त
कांवड़ यात्रा से जुड़े शिवभक्त भी इस पर्व पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने मंदिरों एवं प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा-अर्चना में किसी तरह की परेशानी न हो।
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