Chamoli
दुष्कर्म का खौफनाक मामला: पीएसी की तैनाती, क्या होगा आगे ?

चमोली – नाबालिग से दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी ने पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती की उसके बाद पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाकर दुष्कर्म किया।
मामला थराली क्षेत्र का है। एक व्यक्ति ने आठ अक्तूबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 17 साल की बेटी के साथ थराली में एक दुकान में काम करने वाले युवक ने दुष्कर्म किया। कहा कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर बेटी से दोस्ती की। मोबाइल नंबर लेकर उसके साथ बात करने लगा।
चाकू की नोक पर धमकाया
16 फरवरी 2024 को उसने बेटी को थराली बुलाया और पानी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करने के बाद दुष्कर्म किया। जब उसे होश आया तो चाकू की नोक पर धमकाते हुए उसका अश्लील वीडियो बना दिया। पीड़िता ने नंबर ब्लॉक किया तो पीड़िता की मां व भाई को फोन कर धमकी देनी शुरू कर दी। इस बीच उसने वीडियो वायरल कर दिया। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को विशेष सत्र न्यायाधीश बिंध्याचल सिंह की अदालत में पेश किया गया जहां कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।
वहीं वीडियो वायरल होने के बाद से मामले में थराली में तनाव का माहौल है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक धर्म विशेष समुदाय का है। भारी संख्या में थराली में सुरक्षा बल तैनात हुआ है। पुलिस, पीएसी तैनात की गई है। दूसरी तरफ विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के आवाहन पर थराली में हिन्दू जन जागरण रैली निकाली जाएगी।
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Breakingnews
चमोली में पीपलकोटी बड़ा हादसा, THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत, 3 लापता

Chamoli Tunnel Landslide : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर अचानक भूस्खलन के साथ पानी का तेज रिसाव शुरू हो गया। जिससे अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया जो कि अब भी जारी है।
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चमोली में THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत
पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में बीती रात बड़ा हादसा हो गया। पानी के रिसाव और भू-धंसावर के कारण मजदूर फंस गए। मिली जानकारी के मुताबिक टनल के भीतर कुल 22 लोगों के फंसे होने की आशंका थी।
लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन अन्य श्रमिकों की तलाश अभी भी जारी है। बचाव कार्य में शामिल छह रेस्क्यू कर्मी भी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
हादसे के बाद से तीन मजदूर लापता
चमोली में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि तीन मजदूर लापता हैं। रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को पहले पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सीएम धामी ने की रेस्क्यू किए गए घायलों से बात
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से पूरे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बचाव कार्य की ताजा जानकारी ली और अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित श्रमिकों के उपचार, देखभाल और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
Chamoli
चमोली की नीति घाटी में आया भयानक जलसैलाब, पुल-गाड़ियां बहीं, एक BRO कर्मी लापता

Chamoli News : भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की नीती घाटी में सोमवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से तेज जलसैलाब आ गया। पानी और मलबे के तेज बहाव में नाले पर बना वैली ब्रिज बह गया।
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चमोली की नीति घाटी में आया भयानक जलसैलाब
चमोली में देर शाम हुई घटना के बाद से चीन सीमा का संपर्क कट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे की बताई जा रही है। तमक नाले में अचानक आए तेज बहाव की चपेट में 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से बनाया गया वैली ब्रिज आ गया। देखते ही देखते पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। अचानक आई बाढ़ से आसपास मौजूद वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
GREF का वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आया
तमक नाले में आए सैलाब के दौरान जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) से जुड़े कई वाहन प्रभावित हुए। इनमें स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058 और बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 समेत एक अन्य वाहन शामिल है।

जलसैलाब में बीआरओ का एक कर्मी लापता
घटना के दौरान स्कॉर्पियो चला रहे नायक पंकज कुमार के तेज बहाव में बहने की सूचना सामने आई है। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बताया गया है कि स्कॉर्पियो वाहन को बाद में सुरक्षित स्थान पर कर लिया गया।
कुछ ही मिनटों में बदला नाले का मिजाज
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, तमक नाले में अचानक पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा आने लगा। तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़े वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। पानी और मलबे ने कुछ ही समय में पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया।
स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में एक के बाद एक करीब तीन बार अत्यधिक बारिश हुई। लगातार हुई तेज बारिश के बाद नाले में पानी का दबाव अचानक बढ़ गया। इसी तेज बहाव के कारण वैली ब्रिज इसकी चपेट में आया और देखते ही देखते बह गया।
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हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की तिथि की हुई घोषणा, 10 अक्टूबर को किए जाएंंगे बंद

Hemkund Sahib : हेमकुंड साहिब की इस वर्ष की तीर्थयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा के अनुसार, पवित्र धाम के कपाट 10 अक्टूबर को बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस साल की यात्रा का औपचारिक समापन हो जाएगा।
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हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की तिथि की हुई घोषणा
हेमकुंड साहिब के कपाट इस साल 23 मई को धार्मिक अनुष्ठानों और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी यहां पहुंचे। अब तक 2 लाख 38 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं।
श्रद्धालुओं से यात्रा समय से पूरी करने की अपील
यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद बड़ी संख्या में संगत ने पवित्र धाम पहुंचकर मत्था टेका और अरदास की। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि का ध्यान रखते हुए अपनी यात्रा समय से पूरी कर लें।

15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है हेमकुंड साहिब
हेमकुंड साहिब सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। यह उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्र तल से 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। सात बर्फीली चोटियों से घिरे इस पवित्र स्थल के बीच स्थित हिमानी झील इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और खास बनाती है।
बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु
ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हेमकुंड साहिब की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण तीर्थ अनुभव भी होती है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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