Trending
गलत तरीके से पानी पीने से हो सकते हैं ये नुकसान, अपनाएं ये तरीके…

How To Drink Water: खड़े होकर या बैठकर, कैसे पीना चाहिए पानी ..
How To Drink Water: मानव शरीर का ज्यादातर हिस्सा पानी से बना होता है. औसतन एक स्वस्थ मनुष्य के शरीर में 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की मात्र होती है. इसलिए ये हमारे जीवन के लिए सबसे जरुरी चीजों में से एक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने का सही तरीका क्या है ? गलत तरीके से पानी पीने से हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुँचता है. इसलिए हमें पानी पीने का सही तरीका मालूम होना चाहिए. चलिए हम आपको बताते हैं कि गलत तरीके से पानी पीने के क्या नुक्सान हो सकते हैं, और हमें स्वस्थ रहने के लिए पानी पीने का कौन सा तरीका अपनाना चाहिए.
मुख्य बिंदु
गलत तरीके से पानी पीने के नुकसान
हमारे शरीर को गलत तरीके से पानी पीने से कई तरह के नुकसान होते हैं. ज्यादातर लोगों को पानी पीने का सही तरीका मालूम नहीं होता है, जिस वजह से उन्हें रोजमर्रा के जीवन में काफी दिक्कतों का सामना करना पढता है. गलत तरीके से पानी पीने से आपको ये नुकसान हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें- Health tips: सिर दर्द से हैं परेशान तो अपनाइये ये घरेलू नुस्खे, तुरंत मिलेगी राहत
- डाइजेशन कमजोर हो सकता है
- जब आप बहुत ज्यादा या बहुत ठंडा पानी अचानकपीते हैं, तो पाचन रस पतले हो जाते हैं. इससे खाना ठीक से नहीं पच पाता और गैस, अपच या भारीपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. खासकर खाना खाते समय ज्यादा पानी पीना डाइजेशन को और खराब कर सकता है.
- पेट फूलने और गैस की समस्या
- तेजी से या खड़े होकर पानी पीने से हवा पेट में चली जाती है. इसका नतीजा ये होता है कि पेट फूलने लगता है और गैस की शिकायत बढ़ जाती है. कई लोगों को पानी पीने के बाद तुरंत असहजता महसूस होने लगती है.
- किडनी पर पड़ सकता है असर
- बार-बार जरूरत से ज्यादा पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे शरीर के जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा करने पर किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है.
- हार्ट से जुड़ी दिक्कतें
- एक साथ बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर में तरल संतुलन बिगड़ सकता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और हार्ट को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. खासतौर पर हृदय रोग से पीड़ित लोगों को पानी पीने में सावधानी बरतनी चाहिए.
पानी पीना हमारे शरीर के लिए क्यों है जरूरी? how to drink water properly
पानी हमारे शरीर की सबसे बुनियादी जरूरतों में से एक है. मानव शरीर का लगभग 60–70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि पानी के बिना शरीर की कल्पना ही नहीं की जा सकती. सही मात्रा में पानी पीने से शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती रहती हैं.
शरीर में पानी की भूमिका
पानी शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और पसीने के जरिए शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है. इसके अलावा, ये पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाने और शरीर के अंगों को सही तरीके से काम करने में अहम भूमिका निभाता है. शरीर में पानी की कमी होते ही थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं.
डाइजेशन, स्किन, किडनी और ब्रेन के लिए जरूरी
- डाइजेशन: पर्याप्त पानी पीने से भोजन को पचाने में आसानी होती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.
- स्किन: पानी त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती .
- किडनी: किडनी शरीर से गंदगी और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है, जिसमें पानी की भूमिका बेहद अहम होती है.
- ब्रेन: दिमाग के सही काम करने के लिए भी पानी जरूरी है। पानी की कमी से एकाग्रता कम हो सकती है और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कई हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शरीर को सही तरह से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना बेहद जरूरी है. साथ ही पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती है, फिर भी नियमित रूप से पानी पीते रहना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.
ये भी पढ़ें- इन सर्दियों में बिमारियों को कहें बाय-बाय, अपनाएं ये पांच Health tips
कैसे पीना चाहिए पानी, क्या है सही तरीका ? (How To Drink Water)
अब सवाल ये है कि अगर गलत तरीके से पानी पीने के इतने नुकसान हैं तो फिर आखिर सही तरीका क्या है. चलिए जानते हैं पानी पीने का सही तरीका, जिस से आप अपने शरीर को नुकसान पहुँचाने से बच सकते हैं.
- बैठकर पानी पिएं
हमेशा आराम से बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पानी पिएं. खड़े होकर पानी पीने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है. - धीरे-धीरे और घूंट-घूंट करके पिएं
एक साथ गटकने की बजाय धीरे-धीरे पिएं. इससे पानी सही तरीके से पचता है और शरीर बेहतर तरीके से अवशोषित करता है. - सुबह खाली पेट पानी पिएं
सुबह उठकर 1–2 गिलास गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है. इससे शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र सक्रिय होता है. - खाने के तुरंत बाद ज्यादा पानी न पिएं
खाना खाने के तुरंत बाद अधिक पानी पीने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. खाने के 30–40 मिनट बाद पानी पीना बेहतर होता है. - बहुत ठंडा पानी न पिएं
ज्यादा ठंडा पानी पाचन को धीमा कर सकता है. सामान्य या हल्का गुनगुना पानी बेहतर विकल्प है. - प्यास लगने का इंतजार न करें
दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर पहले से ही डिहाइड्रेट होने लगा है.
पानी पीने से जुड़े आम मिथक
आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पानी को लेकर कई तरह की बातें वायरल होती रहती हैं. आपको अलग- अलग चैनलों पर नई-नई सलाहें देखने को मिल जाएंगी, लेकिन हर बात सच नहीं होती. आइए जानते हैं कुछ आम मिथक:
ज्यादा पानी = ज्यादा हेल्थ
बहुत से लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतने ज्यादा हेल्दी रहेंगे.
सच क्या है – जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है. इससे शरीर में सोडियम का स्तर कम हो सकता है (हाइपोनेट्रेमिया), जो गंभीर स्थिति बन सकती है. सही मात्रा आपकी उम्र, वजन, मौसम और गतिविधि पर निर्भर करती है.
ठंडा पानी हमेशा नुकसानदेह होता है
अक्सर कहा जाता है कि ठंडा पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक है.
सच क्या है – बहुत ज्यादा ठंडा पानी अचानक पीना कुछ लोगों में गले या पाचन पर असर डाल सकता है, लेकिन सामान्य रूप से ठंडा पानी हर किसी के लिए हानिकारक नहीं है. फिर भी, सामान्य या हल्का गुनगुना पानी शरीर के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है.
ये भी पढ़ें- Health Alert: 12 बजे के बाद सोने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां – जानें कैसे बचें…
प्यास लगे बिना पानी नहीं पीना चाहिए
कुछ लोग मानते हैं कि जब तक प्यास न लगे, पानी नहीं पीना चाहिए.
सच क्या है – प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर में पानी की कमी शुरू हो चुकी है. इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीना बेहतर है, खासकर गर्म मौसम या व्यायाम के दौरान.
पानी पीने से जुड़ी हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह
डॉक्टर क्या कहते हैं
- ज्यादातर डॉक्टर सलाह देते हैं कि व्यक्ति को अपनी बॉडी की जरूरत के अनुसार पानी पीना चाहिए.
- आमतौर पर 7–8 गिलास पानी की सलाह दी जाती है, लेकिन यह एक सामान्य गाइडलाइन है, फिक्स नियम नहीं.
- यूरिन का हल्का पीला या लगभग साफ रंग इस बात का संकेत है कि आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं.
- किडनी, हार्ट या लिवर के मरीजों को पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह से तय करनी चाहिए.
आयुर्वेदिक नजरिया
- आयुर्वेद के अनुसार पानी हमेशा बैठकर और छोटे-छोटे घूंट में पीना चाहिए.
- गुनगुना पानी पाचन अग्नि को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है.
- सुबह खाली पेट पानी पीना (उषापान) शरीर की शुद्धि के लिए लाभकारी बताया गया है.
- भोजन के तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी पीना पाचन शक्ति को कमजोर कर सकता है.
पानी कैसे पीना चाहिए ? how to drink water
पानी हमेशा शांति से बैठकर पीना चाहिए .
क्या खड़े होकर पानी पीने से शरीर को नुकसान होता है.
हाँ, खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए इससे शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है.
दिन में कितने गिलास पानी पीना चाहिए?
आमतौर पर 7–8 गिलास पानी की सलाह दी जाती है, लेकिन यह व्यक्ति की उम्र, वजन, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है.
पानी की कमी के लक्षण क्या हैं?
थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, सूखा मुंह, गहरे रंग का यूरिन और कमजोरी डिहाइड्रेशन के सामान्य लक्षण हैं.
धर्म-कर्म
इस दिन होगा साल का अंतिम चंद्रग्रहण, ये लोग हो जाएं सावधान, भूलकर भी ना करें ये काम

Chandra Grahan 2026 : साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने वाला है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण को विशेष अवधि माना जाता है। इस दौरान कुछ कार्यों से बचने और धार्मिक नियमों का पालन करने की परंपरा है। हालांकि, इन मान्यताओं का पालन व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।
Table of Contents
28 अगस्त को लगेगा साल का अंतिम चंद्रग्रहण
28 अगस्त को साल का आखिरी ग्रहण लगने जा रहा है। मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के समय लोग पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान जैसी गतिविधियां कर सकते हैं। वहीं, कुछ धार्मिक परंपराओं में ग्रहण के दौरान भोजन और मांगलिक कार्यों से दूरी रखने की सलाह दी जाती है।
चंद्रग्रहण के दिन भूलकर भी ना करें ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। इस समय भोजन करने, शादी-विवाह या अन्य शुभ कार्य शुरू करने से परहेज करने की परंपरा है। कई जगह मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और देवी-देवताओं की मूर्तियों को छूने से बचने की मान्यता है।

गर्भवती महिलाओं को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं हैं, लेकिन ग्रहण से गर्भस्थ शिशु को नुकसान होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। ग्रहण के दौरान तनाव और अधिक शारीरिक मेहनत से बचें तथा मन को शांत रखने के लिए ध्यान, प्रार्थना या मंत्र जाप कर सकते हैं।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु और चंद्र देव का स्मरण करना शुभ माना जाता है। लोग अपनी आस्था के अनुसार मंत्र जाप और ध्यान कर सकते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और घर की साफ-सफाई करने की परंपरा भी कई जगहों पर है।
इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या अन्य उपयोगी सामान का दान करने की मान्यता है। भोजन और पानी को तुलसी के पत्तों से ढककर रखने की परंपरा भी कुछ परिवारों में निभाई जाती है।
Trending
CM ने खोला मुफ्त सुविधाओं का पिटारा, अब एक साल में मिलेंगे 3 LPG सिलेंडर फ्री

Free LPG Cylinder : विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान तमिलनाडु सरकार ने राज्य के परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। ये योजना पोंगल 2027 से लागू किए जाने की तैयारी है।
Table of Contents
CM ने खोला पिटारा, साल में 3 LPG सिलेंडर मिलेंगे फ्री
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ नाम की इस योजना के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा। सरकार का अनुमान है कि योजना से करीब 1,38,16,104 परिवार लाभान्वित होंगे।
किन परिवारों को मिलेगा फायदा ?
योजना का लाभ उन परिवारों को देने की बात कही गई है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसके दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अलावा छोटे और सीमांत किसान तथा ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनमें दिव्यांग सदस्य हैं और परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर है।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सिलेंडर की कीमत
सरकार के अनुसार, लाभार्थी जब LPG सिलेंडर के लिए पंजीकरण कराएंगे, तो तेल कंपनियों से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मुफ्त सिलेंडर की कीमत लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा किए जाने की व्यवस्था होगी। सरकार ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और पोंगल 2027 से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
चुनावी वादे से जुड़ी है योजना
बता दें कि मुफ्त कुकिंग गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री विजय की TVK पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रहा है। विधानसभा में इस घोषणा के साथ सरकार ने अब इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।
Uttarakhand
उत्तराखंड के जंगलों में मिली ‘स्माइलिंग स्पाइडर’, पीठ पर दिखता है मुस्कुराता चेहरा

Smiling Spider : उत्तराखंड के हिमालयी जंगलों में वैज्ञानिकों को एक बेहद अनोखी मकड़ी मिली है, जिसके शरीर पर बना प्राकृतिक पैटर्न दूर से देखने पर मुस्कुराते हुए चेहरे जैसा दिखाई देता है। इस वजह से इसे ‘स्माइलिंग स्पाइडर’ या ‘हैप्पी-फेस स्पाइडर’ के नाम से चर्चा मिल रही है।
Table of Contents
उत्तराखंड के जंगलों में मिली ‘स्माइलिंग स्पाइडर
उत्तराखंड के जंगलों में ‘स्माइलिंग स्पाइडर यानी स्माइली फेस वाली मकड़ी मिली है। इस मकड़ी का वैज्ञानिक नाम Theridion himalayana बताया गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक ये पश्चिमी हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जाती है और इसके शरीर पर अलग-अलग रंगों और पैटर्न की काफी विविधता देखने को मिलती है।
शरीर पर बना है स्माइली जैसा पैटर्न
इस मकड़ी की सबसे खास पहचान इसके पेट वाले हिस्से पर मौजूद रंगीन निशान हैं। लाल, काले और सफेद रंगों का संयोजन कई नमूनों में ऐसा दिखाई देता है, जिससे इंसानी चेहरे की तरह मुस्कुराने वाली आकृति नजर आती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मकड़ी वास्तव में मुस्कुरा रही है। यह उसके शरीर पर मौजूद प्राकृतिक रंग और पैटर्न का परिणाम है।

एक ही प्रजाति में कई तरह के पैटर्न
शोध के दौरान इस मकड़ी के शरीर पर रंग और डिजाइन के कई अलग-अलग रूप दर्ज किए गए हैं। वैज्ञानिकों ने 32 अलग-अलग morphs यानी रंग-पैटर्न रूपों की पहचान की है।
यह विविधता इस प्रजाति को और भी खास बनाती है और हिमालयी जैव विविधता की जटिलता को सामने लाती है।
करीब 2 हजार मीटर की ऊंचाई पर मौजूदगी
रिपोर्ट के मुताबिक इस मकड़ी के नमूने उत्तराखंड के पश्चिमी हिमालयी इलाकों में करीब 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर पाए गए हैं। यह मकड़ी पत्तियों के नीचे जाला बनाकर रहने वाली प्रजातियों में शामिल है।
इसके व्यवहार, पर्यावरण में भूमिका और शरीर पर बने अलग-अलग पैटर्न के पीछे की वजह को समझने के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है।
हवाई की Happy-Face Spider से क्या कनेक्शन है ?
इस मकड़ी की शक्ल देखकर हवाई में पाई जाने वाली मशहूर Happy-Face Spider की याद आती है। दोनों के शरीर पर मुस्कुराते चेहरे जैसा पैटर्न दिखाई दे सकता है। लेकिन वैज्ञानिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि उत्तराखंड में पाई गई Theridion himalayana हवाई की उस मकड़ी की वही प्रजाति नहीं है। दोनों अलग-अलग प्रजातियां हैं।

हिमालय की जैव विविधता का एक और उदाहरण
उत्तराखंड में पाई गई यह अनोखी मकड़ी हिमालय की समृद्ध जैव विविधता का एक और उदाहरण है। पहाड़ों के जंगलों और दुर्गम इलाकों में आज भी कई ऐसे जीव मौजूद हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिकों को लगातार नई जानकारी मिल रही है।
‘स्माइलिंग स्पाइडर’ की खासियत उसका अनोखा चेहरा जरूर है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से इसकी पहचान और इसके अलग-अलग रंग-पैटर्न ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में इस प्रजाति पर होने वाली रिसर्च से इसके व्यवहार और विकासक्रम को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।
Dehradun18 hours agoBJP को लगेगा एक और झटका ? कांग्रेस में आने वाला है बड़ा नेता, हरक सिंह का दावा
Uttarkashi18 hours agoशीतकाल के लिए इस दिन बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, शुभ मुहूर्त हुआ तय
Dehradun17 hours agoबड़ी खबर : UKSSSC ने अचानक टालीं दो परीक्षाएं, अभ्यर्थी जरूर जान लें ये अपडेट
Uttarakhand14 hours agoबद्रीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथियां तय, जानें कब समाप्त होगी चारधाम यात्रा ?








































