Uttarakhand
भारत नेपाल बॉर्डर पर अतिक्रमण, बढ़ सकता है सीमा विवाद……

India Nepal Border: इंटरनेशनल बॉर्डर एरिया में नेपाल अतिक्रमण कर खेती कर रहा
मुख्य बिंदु
India Nepal Border: से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहाँ पर नेपाल की ओर से खुली International Border Line के खटीमा से जुड़े निर्जन इलाके में अतिक्रमण कर खेती करने का मामला सामने आया है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर अतिक्रमण का मामला
भारत और नेपाल 1751 किलोमीटर लम्बी अंतराष्ट्रीय सीमा एक दूसरे से साझा करते हैं। इसका अधिकतम हिस्सा विषम भौगोलिक परिस्थियाँ होने के चलते निर्जन है। हालिया सूत्रों के मुताबिक नेपाल की तरफ से भारत से लगने वाली अंतराष्ट्रीय सीमा के निर्जन इलाके में अतिक्रमण किया गया है। जिस पर नेपाल की ओर से गेहूं की खेती की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ओपन बॉर्डर पर नेपाल के गांव कंचनभोज और सुंदर नगर के पास वाले इलाके में सबसे ज्यादा अतिक्रमण है।
भविष्य में दोनों देशों में बाद सकता है तनाव
India Nepal Border की ओपन इंटरनेशनल बॉर्डर पर अतिक्रमण को लेकर दोनों मित्र राष्ट्रों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहले भी सर्वे भी कर चुके हैं।इस मामले लेकर 16 अक्तूबर साल 2023 में टनकपुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक भी हुई थी। जिसके बाद दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच सीमा विवाद और सीमांकन को लेकर चर्चा भी की जा चुकी है।
साल 2025 में भारत की ओर से प्रशासन की टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खटीमा की ओर से हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया था। लेकिन नेपाल की ओर से अभी भी ये अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच इस मामले को लेकर सीमा विवाद हो सकता है। सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि भारत की ओर से अतिक्रमण की समस्या और इसके समाधान को लेकर प्रशासन, एसएसपी, वन विभाग समेत सभी संबंधित विभाग सतर्क हैं।
खटीमा, एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि
खुली International Border Line पर अतिक्रमण को लेकर पहले भी सर्वे किए गए हैं। इसे लेकर स्थानीय खुफिया एजेंसियों से भी समय-समय पर इसकी जानकारी ली जाती है। यदि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। – तुषार सैनी, एसडीएम, खटीमा
Read More…
Pauri
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार

Pauri News : कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। जिस से बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
Table of Contents
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस
कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर जा रही गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (जीएमओयू) की एक बस बुधवार को भदालीखाल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। करीब 30 यात्रियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हालांकि, बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में एक-दो यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
अचानक बस का प्रेशर पाइप फटने से हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक जीएमओयू की हिमगिरी बस बुधवार दोपहर करीब एक बजे कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। बस का संचालन कोटद्वार निवासी अशोक ममगाईं कर रहे थे। चालक के मुताबिक, बस में करीब 30 यात्री सवार थे।

दुगड्डा से आगे गुमखाल के बीच भदालीखाल के पास अचानक बस का प्रेशर पाइप फट गया। इसके चलते बस आगे नहीं बढ़ पाई। सड़क पर पीछे की ओर ढलान होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह बाईं तरफ खाई में जा गिरी। इस दौरान बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुगड्डा और गुमखाल चौकियों के साथ लैंसडौन कोतवाली से पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, बस के पेड़ से टकराकर रुक जाने और सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने से राहत मिली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
Dehradun
ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला

Dehradun News : उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्रेन में यात्री के सामान की चोरी के मामले में रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश दिया है। हालांकि, आयोग ने मानसिक उत्पीड़न के लिए जिला आयोग की ओर से तय किए गए 25,000 रुपये के अतिरिक्त मुआवजे को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही मुआवजे पर ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत सालाना कर दी गई।
Table of Contents
ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा
बता दें कि ये पूरा मामला लीला धर डोभाल और उनके परिवार से जुड़ा है। परिवार के सदस्य उदयपुर से नई दिल्ली जा रहे थे। दो जुलाई को मथुरा रेलवे स्टेशन पर मेवाड़ एक्सप्रेस के धीमे होने के दौरान कुछ अज्ञात लोग एसी कोच बी-2 में दाखिल हुए और लीला धर डोभाल व वीणा डोभाल का कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गए।
राज्य आयोग ने सुनाया फैसला
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, घटना के समय कोच के दरवाजे खुले थे। उन्होंने कोच अटेंडेंट, रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और टीटीई की अनुपस्थिति को भी सुरक्षा में कमी का कारण बताया। दूसरी ओर, रेलवे ने अपनी ओर से किसी तरह की लापरवाही होने से इनकार किया था।
इस मामले में देहरादून जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 11 मई 2022 को शिकायतकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिला आयोग ने रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा, मानसिक पीड़ा के लिए 25,000 रुपये और मुकदमेबाजी पर हुए खर्च के रूप में 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया था। रेलवे ने इस आदेश को राज्य आयोग में चुनौती दी।

आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य आयोग ने माना कि रात के समय आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही को दर्शाता है। आयोग ने यह भी कहा कि कोच अटेंडेंट या पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति सुरक्षा व्यवस्था में कमी का संकेत है। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के एक फैसले का हवाला देते हुए राज्य आयोग ने स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई चोरी के मामले में रेलवे को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
हालांकि, राज्य आयोग ने जिला आयोग के फैसले में संशोधन करते हुए मानसिक पीड़ा के लिए निर्धारित 25,000 रुपये की राशि हटा दी। इसके साथ ही मुआवजे पर वार्षिक ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दी गई। रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का निर्देश बरकरार रखा गया।
Uttarakhand
उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में पार्टी 22 अक्टूबर से उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू करने जा रही है। यात्रा का शुभारंभ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Table of Contents
उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से
न्याय यात्रा का पहला दल 22 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगा।
ये दल रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यात्रा लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा से होते हुए रुद्रपुर पहुंचेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को रुद्रपुर, बाजपुर और काशीपुर होते हुए जसपुर में यात्रा आयोजित की जाएगी। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ इस चरण का समापन होगा।
चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के अन्य विधायकों के नेतृत्व में दूसरा दल 22 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यह दल नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर से होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचेगा।

24 अक्टूबर को चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र और कोटद्वार में न्याय यात्रा आयोजित की जाएगी। वहीं, 25 अक्टूबर को लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल में कार्यक्रम होगा। इसके बाद 26 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर बैठक की जाएगी।
प्रीतम सिंह संभालेंगे तीसरे दल की कमान
तीसरे दल का नेतृत्व कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह करेंगे। यह दल 22 अक्टूबर को देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को सहसपुर और विकासनगर विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। 24 अक्टूबर को चकराता विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 25 अक्टूबर को कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा होगी, जबकि 26 अक्टूबर को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद प्रीतम सिंह 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र में हिस्सा लेंगे।कांग्रेस की इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
Uttarakhand20 hours agoउत्तराखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 23 से 26 अक्टूबर तक के लिए अलर्ट जारी
Uttarkashi19 hours agoउत्तरकाशी में जंगल में बैल चराने गए व्यक्ति की खाई में गिरने से मौत, जंगली जानवर के हमले की आशंका
Breakingnews18 hours agoपिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग
Uttarakhand18 hours agoउत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
Pauri13 hours agoकोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार
Dehradun15 hours agoट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला














































