Nainital
Kainchi Dham: नीम करौरी महाराज के धाम में बाईपास योजना को मिली गति, हरतपा बाईपास सर्वे पूरा….

भवाली, नैनीताल: नीम करौरी महाराज के कैंची धाम क्षेत्र में पर्यटकों के बढ़ते दबाव के कारण यातायात की समस्या विकराल होती जा रही है। रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण कैंची धाम के आसपास ट्रैफिक जाम की स्थिति गंभीर बन गई है, जिससे भवाली और गरमपानी की ओर जाने वाले मार्गों पर लंबी कतारें लगने लगी हैं। ऐसे में बाईपास निर्माण की मांग जोर पकड़ने लगी है।
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने बाईपास निर्माण के दिए थे निर्देश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने पिछले माह कैंची धाम से हरतपा होते हुए एक नया बाईपास बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लोनिवि के अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बाईपास के निर्माण से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।
नेशनल हाईवे पर सुरंग निर्माण का प्रस्ताव भी था
पूर्व में कैंची धाम के पास नेशनल हाईवे (एनएच) के तहत सुरंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। एनएच के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार ने बताया कि सुरंग निर्माण का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया था, लेकिन बाद में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसके पीछे प्रमुख कारण यह था कि प्रस्तावित सुरंग का रास्ता कैंची धाम से एक मोड़ ऊपर से बनाया जाना था, जबकि उस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या कई किमी तक फैल चुकी है। साथ ही सुरंग निर्माण के लिए क्षेत्र की ज़मीन और पहाड़ी इलाके की स्थिरता भी एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे इस योजना को स्थगित कर दिया गया।
बाईपास निर्माण से 16.5 किमी तक यात्रा होगी आसान
लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश कुमार सक्सेना ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने अक्टूबर में क्षेत्र का दौरा किया और बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। इस बाईपास के निर्माण के बाद कैंची धाम से रामगढ़ क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पर लगभग 9 किमी लंबी सड़क बनेगी। इसके परिणामस्वरूप, कैंची धाम से पाडली तक की दूरी 16.5 किमी हो जाएगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी का निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी वंदना ने हाल ही में भवाली में विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेनिटोरियम रातीघाट बाईपास और नैनीबैंड सेनिटोरियम बाईपास निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। इसके अलावा, उन्होंने नगर के मध्य स्थित रोडवेज स्टेशन/पार्किंग, म्यूजियम और मल्टी स्टोरी पार्किंग का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने स्थानीय निवासियों से मिलने के बाद उनके जनसमस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन का कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश
बीडीसी नगारीगांव के कमल गोस्वामी ने जिलाधिकारी से गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी होने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य को तीन दिन के भीतर शुरू किया जाए।
Haldwani
हल्द्वानी: गौला बाईपास रोड पर देर रात भीषण हादसा, एक युवक की मौके पर मौत, दो घायल
बायपास
Haldwani: गौला बाईपास रोड पर देर रात भीषण सड़क हादसा, कार सवार एक युवक की मौके पर मौत
मुख्य बिंदु
हल्द्वानी (Haldwani): उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी गौला बाईपास रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जहाँ पर कार और कैन्टर की आमने–सामने टक्कर में युवक की मौत हो गई, साथ ही दो लोग घायल हो गए हैं। घायलों को सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हल्द्वानी में देर रात भीषण सड़क हादसा, एक की मौत
जानकारी के मुताबिक, वनभूलपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौला पार बाईपास रोड में सोमवार देर रात एक कार और कैंटर की जोरदार टक्कर हुई। हादसे में कार सवार एक युवक की मौके पर मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिले पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुँचाया। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ये भी पढ़ें – HALDWANI: जैकेट पहनने को लेकर हुआ विवाद, मां ने थप्पड़ मारा और एक बहन ने समाप्त कर ली अपनी जिंदगी…
सूचना मिलते भी पुलिस ने मौके से घायलों को हॉस्पिटल पहुँचाया
पुलिस के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 को रात करीब 00:10 बजे 112 के माध्यम से सूचना मिली कि गौला बाईपास रोड पर कार और कैन्टर की भिड़ंत हो गई है। जिसमें 3 से 4 लोगों के घायल होने की सूचना थी। जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रभारी निरीक्षक दिनेश फर्त्याल और रात्रिधिकारी उपनिरीक्षक हेमन्त कुमार पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे। जिसके बाद पुलिस ने सभी घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी पहुँचाया।
ये भी पढ़ें – दुबई में फंसे उत्तराखंड-यूपी के 4 युवक, सोशल मीडिया पर लगाई मदद की गुहार…
कार सवार घायल व्यक्ति नशे में पाया गया
हादसे में कैन्टर संख्या UP22 BT 5070 अरुण सैनी (30), निवासी स्टेट बैंक कॉलोनी, रामपुर चला रहा था, जबकि कार संख्या UK04 AG 8897 पंकज पालीवाल (31), निवासी भनोली अल्मोड़ा व हाल निवासी नैनीताल द्वारा चलाई जा रही थी। कार में सवार टीकम कुमार (36) नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे।
कार सवार एक युवक की मौके पर ही मौत
हादसे में पंकज पालीवाल और टीकम कुमार को मामूली चोटें आईं, जबकि कार सवार पंकज आर्या (40), निवासी भूमियाधार नैनीताल की अस्पताल में मौत हो गई। सुरक्षा के चलते कैन्टर चालक को थाने में बैठाया गया है। दोनों क्षतिग्रस्त वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए गए हैं और पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
ये भी पढ़ें – HALDWANI: दुल्हन शादी के जोड़े में थाने पहुंची, दूल्हा शादी से पहले हुआ लापता….
Blog
नीम करौली बाबा कैंची धाम: इतिहास, महत्व, दूरी और यात्रा गाइड 2026…

Neem Karoli Baba Kainchi Dham (बाबा नीम करौली महाराज का परिचय)
Nainitaal : नीम करौली बाबा, जिन्हें उनके भक्त प्रेम से महाराज जी कहते हैं, 20वीं सदी के महान संतों में से एक थे। neem karoli baba kainchi dham उनके प्रमुख साधना स्थलों में गिना जाता है। बाबा की ख्याति केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशों में भी उनके असंख्य अनुयायी बने।
उनकी शिक्षाएं सरल थीं—प्रेम करो, सेवा करो और ईश्वर पर भरोसा रखो। यही वजह है कि आज भी कैंची धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ महसूस होता है।
कैंची धाम का इतिहास
कैंची धाम की स्थापना 1964 में नीम करौली बाबा द्वारा की गई थी। यह स्थान दो पहाड़ियों के बीच कैंची जैसी आकृति में स्थित होने के कारण कैंची धाम कहलाया।
इतिहास पर नजर डालें तो यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। समय के साथ neem karoli baba kainchi dham आस्था, चमत्कार और विश्वास का प्रतीक बन गया।

कैंची धाम का आध्यात्मिक महत्व
कैंची धाम को ध्यान, भक्ति और आत्मिक शांति का केंद्र माना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि बाबा आज भी इस धाम में अपनी कृपा बरसाते हैं।
यही कारण है कि हर साल लाखों लोग neem karoli baba kainchi dham पहुंचकर मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

मंदिर परिसर और वास्तुकला
कैंची धाम का मंदिर परिसर सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है। हनुमान जी, राम-सीता और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर यहां स्थित हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों की हरियाली और शांत वातावरण इस स्थान को और भी दिव्य बनाता है।
नीम करौली बाबा की शिक्षाएं
बाबा की शिक्षाएं आज के युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। वे कहते थे:
- प्रेम सबसे बड़ा धर्म है
- सेवा ही सच्ची साधना है
- अहंकार को छोड़ो
neem karoli baba kainchi dham इन शिक्षाओं का जीवंत उदाहरण है।
कैंची धाम में प्रमुख उत्सव
15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भव्य भंडारे और पूजा का आयोजन होता है।
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर कैंची धाम पहुंचते हैं।
delhi to kainchi dham distance
दिल्ली से कैंची धाम की दूरी लगभग 320 किलोमीटर है।
- सड़क मार्ग से: 8–9 घंटे
- ट्रेन + टैक्सी: 7–8 घंटे
दिल्ली से neem karoli baba kainchi dham जाना श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक माना जाता है।
nainital to kainchi dham distance
नैनीताल से कैंची धाम की दूरी करीब 17 किलोमीटर है।
- टैक्सी से: 40–50 मिनट
- बस से: 1 घंटा
नैनीताल घूमने आए पर्यटक अक्सर कैंची धाम दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं।
kathgodam to kainchi dham distance
काठगोदाम से कैंची धाम की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है।
- टैक्सी: 1.5 घंटे
- बस: 2 घंटे
काठगोदाम उत्तराखंड का प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
kainchi dham nearest railway station
- काठगोदाम (38 किमी) – सबसे नजदीकी और सुविधाजनक
- हल्द्वानी (40 किमी) – वैकल्पिक स्टेशन
- लालकुआं (60 किमी) – सीमित ट्रेनें
इनमें काठगोदाम kainchi dham nearest railway station के रूप में सबसे लोकप्रिय है।
कैंची धाम कैसे पहुंचें
सड़क मार्ग से
दिल्ली, नैनीताल और हल्द्वानी से नियमित बस और टैक्सी उपलब्ध हैं।
रेल मार्ग से
काठगोदाम स्टेशन से टैक्सी द्वारा सीधे neem karoli baba kainchi dham पहुंचा जा सकता है।
हवाई मार्ग से
निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (लगभग 70 किमी) है।
रहने और खाने की सुविधाएं
कैंची धाम और आसपास आश्रम, गेस्ट हाउस और होटल उपलब्ध हैं।
भोजन के लिए आश्रम में सादा और सात्विक प्रसाद मिलता है।
यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय
मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
मानसून में हरियाली तो रहती है, लेकिन सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
कैंची धाम से जुड़े रोचक तथ्य
- एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स यहां आ चुके हैं
- फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग भी बाबा से प्रभावित थे
- यह स्थान ध्यान के लिए विश्व प्रसिद्ध है
अधिक जानकारी के लिए आप उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
FAQs
1. नीम करौली बाबा कौन थे?
वे एक महान संत और हनुमान जी के अनन्य भक्त थे।
2. कैंची धाम कहां स्थित है?
यह नैनीताल जिले, उत्तराखंड में स्थित है।
3. दिल्ली से कैंची धाम कितनी दूरी है?
लगभग 320 किलोमीटर।
4. कैंची धाम का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कौन सा है?
काठगोदाम।
5. क्या कैंची धाम में ठहरने की सुविधा है?
हां, आश्रम और होटल उपलब्ध हैं।
6. कैंची धाम जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मार्च से जून और सितंबर से नवंबर।
निष्कर्ष
neem karoli baba kainchi dham केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और शांति का केंद्र है। यहां आकर व्यक्ति न केवल आध्यात्मिक रूप से जुड़ता है, बल्कि जीवन को एक नई दृष्टि से देखने लगता है। अगर आप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश में हैं, तो कैंची धाम की यात्रा जरूर करें।
big news
जंगली जानवरों का आतंक, यहां तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल, आदेश हुए जारी

जंगली जानवरों के आतंक के कारण नैनीताल के तीन विकासखंडों में स्कूल रहेंगे बंद
Nainital News : उत्तराखंड में इन दिनों मानव वन्य जीव हमलों से पूरे पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों में दहशत का माहौल है। नैनीताल जिले में तो लोगों का शाम ढलते ही बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जिस कारण स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं।
Table of Contents
जंगली जानवरों के आतंक के कारण तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल
जंगली जानवरों के आतंक के कारण नैनीताल जिले में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं। जिसे देखते हुए जिलाधिकारी नैनातील ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुछ विकासखंडों में स्कूलों की छुट्टी के निर्देश दिए हैं।
बाघ और गुलदार के हमले से लोगों में दहशत
बता दें कि नैनीताल जिले में आए दिन बाघ और गुलदार के हमले से लोगों में दहशत का माहौल है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी कतरा रहे हैं। जिसे देखते हुए नैनीताल जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिले के तीन विकासखंडों में आंगनबाड़ी समेत 12 वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और गैरसरकारी शिक्षण संस्थानों में अवकाश कि घोषणा कि है।
नैनीताल जिले के इन विकासखंडों में स्कूल रहेंगे बंद
जिलाधिकारी के निर्देशों के मुताबिक नैनीताल जिले के धारी, रामगढ़ और ओखलकांडा ब्लॉक में 19 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में अवकाश रहेगा।
आदेश में बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में इन इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी है। जिससे बच्चों के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों तक आने-जाने के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
बच्चों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि – जिलाधिकारी
जिलाधिकारी नैनातील ललित मोहन रयाल का कहना है कि बच्चों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं न केवल ग्रामीणों के लिए बल्कि, स्कूली बच्चों के लिए भी खतरा बन सकती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन ये फैसला लिया गया है। ताकि, किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।

Cricket22 hours agoUAE vs IRELAND 1st T20I: दुबई में रोमांचक मुकाबले की तैयारी, जानें पिच रिपोर्ट, संभावित प्लेइंग XI और Dream11 Prediction..
big news3 hours agoउत्तराखंड शासन ने किया बड़ा फेरबदल, एक साथ 18 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट
Dehradun22 hours agoउत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण
big news4 hours agoउत्तराखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 3 फरवरी तक होगी बारिश और बर्फबारी
Dehradun21 hours agoअवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व, इन सुधारों से बदली तस्वीर
Pauri22 hours agoपहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, अस्पताल बनाता रहा बहाने, माँ-बच्चे की मौत
Cricket3 hours agoIND vs NZ 5th T20I Dream11 Prediction : फैंटेसी खिलाड़ियों के लिए परफेक्ट गाइड
धर्म-कर्म23 hours agoकब है vijaya ekadashi 2026 ? जाने , तिथि शुभ मुहूर्त और पूजन काल…







































