Champawat
किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद हुई नाबालिग हुई गर्भवती, केश दर्ज…आरोपी की तलाश जारी।

चम्पावत – चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र की एक किशोरी के साथ दुष्कर्म और गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया है। कोतवाली पुलिस एक परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

एसएसआई बीएस बिष्ट ने बताया कि क्षेत्र की एक महिला ने कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर आरोप लगाया है कि उसकी 17 वर्षीय भतीजी के साथ फरवरी में जिले के ही एक युवक ने दुष्कर्म किया। इससे उसकी भतीजी गर्भवती हो गई। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 आईपीसी और 4/5 पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। किशोरी का मेडिकल कराया जा रहा है।
Champawat
बड़ी खबर : चंपावत DM के छापे से UPCL में मचा हड़कंप, XEN समेत 6 कर्मचारी गायब

Champawat News : सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सहित छह कर्मचारी कार्यालय समय के दौरान अनुपस्थित मिले।
Table of Contents
अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारियों से मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय समय में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी की। जांच में कई शिकायतें लंबे समय से लंबित मिलीं, जबकि कुछ मामलों में समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विवादित बिजली बिलों की जांच के आदेश
कार्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से जुड़े विवादित बिजली बिलों के मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए कहा।
कार्यालय रिकॉर्ड और व्यवस्था की भी हुई जांच
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेख, कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइलों के रखरखाव और कार्यालय की समग्र कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें और शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य किया जाए।
Champawat
चंपावत बना उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल, अब QR कोड से मिलेगी खाद

Champawat News :मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप डिजिटल इंडिया अभियान के तहत चम्पावत को पायलट जनपद के रूप में चुना गया है। इसी क्रम में जिले में खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तेज और किसान हितैषी बनाने के लिए ऐप आधारित ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ प्रणाली लागू कर दी गई है।
Table of Contents
चंपावत बना उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल
चंपावत उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल बन गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पात्र किसान घर बैठे ऐप के माध्यम से खाद की मांग दर्ज कर सकेंगे और क्यूआर कोड के जरिए सहकारी समिति से आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
अब QR कोड से मिलेगी खाद
नई खाद नीति लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में किसानों के बीच पात्रता और खाद वितरण को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी थी, लेकिन कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र किसान को खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि किसान जैसे ही ऐप पर अपनी जरूरत के अनुसार खाद की मांग दर्ज करेंगे, सिस्टम स्वतः एक क्यूआर कोड जारी करेगा। इसी क्यूआर कोड को सहकारी समिति में दिखाकर किसान बिना किसी अनावश्यक प्रक्रिया के खाद प्राप्त कर सकेंगे।

जानें किसे मिलेगी खाद और किसे नहीं ?
मुख्य कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल भूमिधारक ही नहीं, बल्कि दूसरों की भूमि पर खेती करने वाले अथवा जिनका भूमि स्वामित्व स्पष्ट नहीं है, ऐसे किसान भी इस व्यवस्था के तहत खाद लेने के पात्र होंगे। एआर सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि सहकारी समितियों में पंजीकृत सदस्य किसान अपनी सुविधा के अनुसार नगद अथवा उधार पर खाद प्राप्त कर सकते हैं।
गैर-पंजीकृत किसानों को नगद भुगतान पर खाद उपलब्ध कराया जाएगा। वृद्ध एवं असमर्थ किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यदि कोई किसान स्वयं समिति तक नहीं पहुंच सकता, तो उसका परिवार का सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति किसान का पहचान विवरण और खसरा नंबर ऐप में दर्ज कर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकता है।
Champawat
सीएम ने चंपावत को दी 40 करोड़ की स्वास्थ्य योजनाओं की सौगात, अत्याधुनिक MRI मशीन का भी किया लोकार्पण

Champawat News : CM धामी ने चंपावत को करोड़ों की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने आज चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी।
Table of Contents
सीएम ने अत्याधुनिक MRI मशीन का किया लोकार्पण
सीएम धामी ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।
सीएम ने चंपावत को दी 40 करोड़ की स्वास्थ्य योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच हो रही स्थानीय स्तर पर
मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था।
अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।
आर्थिक अभाव उपचार में नहीं बनेगी बाधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।
uttarakhand weather9 hours agoउत्तराखंड के लिए अगले 48 घंटे भारी, मौसम विभाग ने सात जिलों के लिए अलर्ट किया जारी
Roorkee10 hours agoरूड़की के बाजूहेड़ी के पास भीषण सड़क हादसा, तीन की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
Champawat11 hours agoबड़ी खबर : चंपावत DM के छापे से UPCL में मचा हड़कंप, XEN समेत 6 कर्मचारी गायब
Blog10 hours agoBest Places To Visit In Dehradun : देहरादून में घूमने की बेहतरीन जगहें (2026 गाइड)
Cricket10 hours agoDream11 में जीतने वाली टीम कैसे बनाएं? जानिए 10 आसान और असरदार टिप्स
Blog6 hours agoकौन हैं saurav joshi ? जानें भारत के नंबर 1 व्लॉगर की उम्र, कमाई और शादी की पूरी कहानी!
Business8 hours agoKusumgar Ltd IPO: जानिए डेट, प्राइस बैंड, जीएमपी और कंपलीट फाइनेंशियल रिव्यू
big news6 hours agoबद्रीनाथ चढ़ावा मामले को लेकर मौन व्रत पर बैठे लखपत बुटोला, BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग




































