Rudraprayag
एक घंटे में 1800 से अधिक तीर्थयात्री करेंगे बाबा केदारनाथ के दर्शन, समिति ने कार्ययोजना की तैयार।

रुद्रप्रयाग – केदारनाथ यात्रा में जून में आस्था का सैलाब फिर से उमड़ने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। श्रद्धालुओं की भीड़ के हिसाब से धाम में समिति द्वारा एक घंटे में 1800 से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। साथ ही बाबा केदार के भक्त अपने अराध्य के शृंगार दर्शन रात्रि 12 बजे तक कर सकेंगे।

10 मई को शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में इस माह के 22 दिनों में रिकार्ड 5,88,790 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जबकि वर्ष 2022 में मई के 31 दिनों में धाम में 5,54,671 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। वहीं, स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश और सरकार द्वारा ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होने के बाद से आगामी सप्ताह से केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
बीकेटीसी ने केदारनाथ में दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए योजना बनाई है। समिति एक दिन में 36 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ के हिसाब से एक घंटे में 1800 से 2100 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। जून में धर्म दर्शन सुबह 4.30 बजे से शुरू कर दिए गए हैं, जो अपराह्न 3.30 बजे तक हो रहे हैं।
इसके बाद आधे घंटे बाबा केदार को बाल भोग लगाया जा रहा है, जिसके तहत मंदिर को बंद किया जा रहा है। गर्भगृह की साफ-सफाई के बाद शाम चार बजे से पुन: धर्म दर्शन कराए जा रहे हैं, जो शाम सात बजे तक हो रहे हैं। सायंकालीन आरती के साथ बाबा केदार के शृंगार दर्शन शुरू होंगे, जो रात 12 बजे तक कराएं जा रहे हैं।
रात 12 से सुबह चार बजे तक भक्तों की पूजाएं संपादित की जा रही हैं। केदारनाथ में यात्रा के सफल संचालन के लिए बीकेटीसी के 80 कर्मचारी रोटेशन के हिसाब से आठ-आठ घंटे की ड्यूटी देते हुए बाबा के भक्तों को दर्शन कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सीईओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि जून में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए भक्तों को एक दिन में अधिकाधिक दर्शन के लिए पूरी योजना बनाई गई है। सुबह 4.30 बजे से धर्म दर्शन शुरू कर दिए गए हैं और एक घंटे में 1800 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं। भीड़ अधिक हुई तो यह संख्या बढ़ाई जाएगी। शृंगार दर्शन का समय रात 12 बजे तक होगा।
Uttarakhand
Rudraprayag; पथरी की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुंची 16 वर्षीय छात्रा बनी मां, दुष्कर्म की आशंका

9वीं की छात्रा की डिलीवरी से मचा हड़कंप, जांच में जुटा प्रशासन
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहाँ पर नौवीं कक्षा की एक 16 साल की किशोरी ने अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया है. पुलिस ने POCSO एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग में 16 साल की किशोरी ने बच्ची की दिया जन्म
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग को पथरी की शिकायत थी, जिसका चेकअप करवाने वो परिजनों के साथ जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग गई थी. चेकअप के दौरान डॉक्टर्स भी हैरान हो गए, 16 साल की ये नाबालिग गर्भवती थी. जिसके बाद डॉक्टरों ने लड़की को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया.
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11 दिन बाद नवजात का हुआ नामकरण संस्कार
बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में अल्ट्रासाउंड जांच के बाद गर्भावस्था की पुष्टि हुई, जिसके बाद नबालिग ने एक एक बच्ची कोई जन्म दिया. अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल घटना की सूचना बाल कल्याण समिति को दी. बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नवजात शिशु को Special Adoption Agency Rudraprayag के सुपुर्द कर दिया गया है. इसके बाद बच्ची के जन्म के 11वें दिन प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा की मौजूदगी में स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त सहयोग से हिंदू रीति-रिवाजों केमुताबिक नामकरण संस्कार कराया गया.
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एजेंसी की देखरेख में सुरक्षित है बच्ची
स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी के प्रबंधक पुनीत चौकियाल ने जानकारी दी कि फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और एजेंसी की देखरेख में रखी गई है. उन्होंने बताया कि लगभग दो माह बाद भारत सरकार द्वारा संचालित Central Adoption Resource Authority (CARA) पोर्टल के माध्यम से बच्ची को दत्तक देने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
दुष्कर्म की आशंका से मामला गंभीर
दूसरी ओर, नाबालिग के साथ दुष्कर्म की आशंका के चलते मामला गंभीर बना हुआ है. अभी तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने अब तक कथित आरोपी का नाम उजागर नहीं किया है, जिसके कारण जांच आगे बढ़ाने में कठिनाई आ रही है.
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पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज करने की तैयारी
वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक रंजना गैरोला के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन भी इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है. यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब लोगों की नजरें पुलिस व प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
Rudraprayag
जाम मुक्त चारधाम यात्रा की मुहिम तेज़, डीएम विशाल मिश्रा का अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम जारी
RUDRAPRAYAG NEWS: उत्तराखंड में महाशिवरात्रि को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा होने के बाद जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं. केदारनाथ यात्रा 2026 से पहले जिला प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम जारी कर दिया है.
मुख्य बिंदु
केदारनाथ हाईवे पर अतिक्रमण कारियों को डीएम का अल्टीमेटम
तिलवाड़ा बाजार में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का औचक निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों को तुरंत जमीन खाली करने की चेतावनी दी. मुआवजा ले चुके भू-स्वामियों को भी अंतिम नोटिस जारी किया गया है.
जिलाधिकारी ने किया तिलवारा बाजार का औचक निरिक्षण
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सड़क चौड़ीकरण कार्य की धीमी प्रगति और सड़क किनारे पड़े मलबे पर नाराजगी जताई. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जिन भवनों को हटाया जा चुका है, उनका मलबा तत्काल साफ किया जाए, अन्यथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सड़क पर फैला मलबा और अवैध कब्जे ही जाम की बड़ी वजह बन रहे हैं.\
RUDRAPRAYAG NEWS अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश
इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के साथ बैठक में चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. प्रशासन की योजना है कि खाली कराई गई भूमि का उपयोग पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और यात्रियों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा, ताकि यात्रा सीजन में यातायात सुचारु रह सके.
तिलवारा बाजार को बनाया जाएगा अतिक्रमण मुक्त
डीएम ने दुकानदारों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सीमा से बाहर सामान रखने पर चालान के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने सभी विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि चारधाम यात्रा से पहले तिलवाड़ा बाजार को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके.
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Rudraprayag: जलई पट्टे में तय सीमा से ज्यादा खुदाई, पर्यावरण विशेषज्ञों ने जताई खतरे की आशंका

रिवर ड्रेजिंग बना विवाद, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
Rudraprayag: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रिवर ड्रेजिंग के नाम पर कथित रूप से मानकों से अधिक खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जलई पट्टे में दिन-दहाड़े करीब 6 मीटर तक खुदाई कर नियमों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जबकि खनन विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
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मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग में नियमों की अनदेखी कर चल रहा खनन कार्य
दरअसल, इन दिनों जिले में नदी तल की सफाई और प्रवाह को सुचारु करने के नाम पर रिवर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है। लेकिन, स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और भारी मशीनों से जरूरत से ज्यादा खुदाई की जा रही है। जबकि उत्तराखंड रिवर ड्रेजिंग नीति 2021 के अनुसार ड्रेजिंग कार्य सीमित गहराई तक ही किया जाना चाहिए, ताकि नदी के प्राकृतिक संतुलन पर असर न पड़े। इसके बावजूद जलई क्षेत्र में तय सीमा से अधिक खुदाई किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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अत्यधिक गहराई तक खुदाई- भविष्य के लिए खतरा
पर्यावरण विशेषज्ञ देवराघवेंद्र बद्री का कहना है कि अत्यधिक गहराई तक खुदाई करना भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं पैदा कर सकता है। उनके मुतबिक इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ सकता है और तटीय इलाकों में कटाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है तथा भूजल स्तर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो मंदाकिनी समेत अन्य नदियों का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो सकता है।
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खनन अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अधिकतम तीन मीटर तक खनन की अनुमति है। उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक खुदाई की शिकायतों की जांच के लिए टीम मौके पर भेजी जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संयुक्त निरीक्षण कराने, अवैध खनन पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।
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