Dehradun
स्वच्छता सर्वेक्षण में दून की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम ने की तैयारियां , शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर लिया जारी…

देहरादून : नगर निगम ने इस बार शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए पूरी तरह से तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत दून को 50वां स्थान दिलाने का दावा किया जा रहा है, जिसके लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। इस बार दूनवासियों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत भारत सरकार ने हाल ही में नगर निकायों में सफाई व्यवस्था के बारे में लोगों से फीडबैक लेना शुरू किया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जितनी अधिक संख्या में लोग अपने फीडबैक देंगे, उतनी ही ज्यादा मदद मिलेगी और रैंकिंग बेहतर हो सकेगी। मार्च में केंद्रीय टीम के देहरादून आने की संभावना है, जो शहर की सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी और इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान 12,500 अंकों के आधार पर अलग-अलग पहलुओं पर शहरों का मूल्यांकन किया जाता है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देहरादून की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम ने एक कार्ययोजना तैयार की है। निगम ने अनुबंधित कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से कूड़ा वाहनों के जरिए घर-घर कूड़ा उठाने के साथ-साथ कूड़ा सेग्रीगेशन पर भी जोर दें।
पहले चरण में शहर के 10 वार्डों में सेग्रीगेशन का अभियान शुरू किया गया था, जिसे अब पूरे 100 वार्डों में लागू किया जाएगा। पिछले साल सेग्रीगेशन के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद इस बार नगर निगम की टीमें घर-घर जाकर गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करने की मुहिम चला रही हैं।
नगर निगम ने एक स्वच्छता वॉर रूम भी स्थापित किया है, जहां से शहर की सफाई की निगरानी की जाएगी। अब तक देहरादून को पांच जोन में बांटा गया था, लेकिन अब पूरे शहर को जोन के साथ-साथ सब-जोन में भी बांटा जाएगा, जिससे सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग में आसानी होगी। सभी वार्डों का निरीक्षण नगर निगम के उच्च अधिकारियों द्वारा किया जाएगा और सफाई निरीक्षकों की टीम सफाई कार्यक्रम की निगरानी करेगी। इसके अलावा, शहरवासी किसी भी गंदगी की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001804571 पर कर सकते हैं।
वहीं, सरकार ने शहरवासियों से फीडबैक लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड का भी इंतजाम किया है। मेयर सौरभ थपरियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल ने लोगों से अपील की है कि वे सफाई व्यवस्था पर अपनी राय जरूर दें, ताकि नगर निगम को बेहतर रैंक प्राप्त करने में मदद मिल सके।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि दूनवासियों की सक्रिय भागीदारी स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके ही डोर टू डोर गाड़ियों को दिया जाना चाहिए, कूड़ा सड़क पर नहीं फेंकना चाहिए, नदियों को साफ रखना चाहिए, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए, और सभी प्रतिष्ठानों को भी साफ रखना चाहिए।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा, सरकार ने वेतन-पेंशन को लेकर जारी किए निर्देश

Uttarakhand News : देशभर में प्रस्तावित बैंक हड़ताल के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के सितंबर महीने के भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
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बैंक बंद होने से पहले मिलेगा पैसा
सरकार ने सितंबर 2026 का वेतन और पेंशन 26 सितंबर तक जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल के संभावित असर के बीच कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतान से जुड़ी किसी परेशानी से बचाना है।
देशभर में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने सितंबर माह के वेतन और पेंशन का भुगतान निर्धारित समय से पहले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिलाधिकारियों और कोषागार अधिकारियों को निर्देश
प्रमुख सचिव वित्त रमेश कुमार सुधांशु ने 25 सितंबर को इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और कोषागार, पेंशन एवं हकदारी निदेशक को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को सितंबर 2026 के वेतन एवं पेंशन का भुगतान 26 सितंबर, शनिवार तक सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के इस कदम से बैंक हड़ताल के दौरान भुगतान संबंधी संभावित दिक्कतों से कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अक्टूबर के भुगतान में होगा जरूरी समायोजन
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सितंबर महीने का वेतन या पेंशन जारी करते समय पूरे महीने की देय राशि का आकलन किया जाए। अगर भुगतान के बाद किसी राशि में समायोजन की आवश्यकता सामने आती है, तो उसका निपटारा अक्टूबर 2026 के वेतन या पेंशन में किया जाएगा।
इसके साथ ही संबंधित विभागों को भुगतान से जुड़ी आवश्यक लेखांकन प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह बैंक हड़ताल शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड सरकार सितंबर महीने के सरकारी वेतन और पेंशन का भुगतान पूरा कराने की तैयारी में जुट गई है।
Dehradun
देहरादून में SSP ने किए बंपर तबादले, 22 SI और ASI को किया इधर से उधर, देखें लिस्ट

Dehradun News : देहरादून पुलिस महकमे में फिर से ट्रांसफर हुए हैं। पुलिस व्यवस्था को और बेहतर करने के उद्देश्य से SSP ने 22 SI और ASI के तबादले किए हैं।
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देहरादून में SSP ने किए बंपर तबादले
देहरादून में पुलिस महकमे में बंपर तबादले देखने को मिल हैं। जारी आदेश के अनुसार कई पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अपनी नई तैनाती वाली जगह पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
22 SI और ASI को किया इधर से उधर
एसएसपी ने 22 उप निरीक्षकों और अपर उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए उनके तबादले किए हैं। इस सूची में दुर्गेश कोठियाल, ओमप्रकाश, मनोहर सिंह रावत सहित कुल 22 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

Dehradun
NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट कांड में एक और गिरफ्तारी, SIT ने भोपाल से दबोचा आरोपी

Dehradun News : उत्तराखंड में NEET UG MBBS दाखिले से जुड़े फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र मामले की जांच में एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट कांड में एक और गिरफ्तारी
एसआईटी ने भोपाल से धीरज श्रीवास्तव को पकड़ा है। आरोपी भोपाल में ‘एमबीबीएस वे’ नाम से अपना कार्यालय संचालित करता था। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से करीब 5 लाख रुपये की धनराशि भी बरामद की गई है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
SIT ने भोपाल से दबोचा आरोपी
एसआईटी के अनुसार, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में धीरज श्रीवास्तव को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि धीरज अलग-अलग निजी विश्वविद्यालयों में MBBS के साथ-साथ BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाने का काम करता था।

कमीशन के रूप में मिलने का दावा
एसआईटी के मुताबिक पूछताछ में धीरज श्रीवास्तव ने बरामद रकम को लेकर जानकारी दी। उसके अनुसार, यह धनराशि उसे रूपेश पंडित ने कुछ छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के तहत MBBS में दाखिला दिलाने के बदले कमीशन के तौर पर दी थी।
अब तक कुल तीन आरोपी किए गए गिरफ्तार
जांच एजेंसी के अनुसार, धीरज ने रूपेश पंडित और अन्य साथियों के साथ मिलकर तीन अभ्यर्थियों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। एसआईटी अब मामले में जुड़े अन्य लोगों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर दाखिला दिलाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
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