Uttarakhand
उत्तराखंड की रहस्यमय ताल: जहां हर लहर में छिपा है जीवन और मृत्यु का राज़ !

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी, सीमांत जनपद, जहां प्रकृति ने अनगिनत रहस्यों की रचना की है, आज भी कई पहेलियों को अपने में समेटे हुए है। यह स्थान न तो देव लोक में है और न ही पाताल लोक में, बल्कि यह नचिकेता ताल के रूप में मौजूद है, जो अपने भीतर मृत्यु के बाद आत्मा का रहस्य छिपाए हुए है।

नचिकेता ताल, जनपद उत्तरकाशी से 28 किलोमीटर की दूरी पर, तीन किलोमीटर की पैदल चढ़ाई के बाद समुद्र तल से 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह ताल गर्मी और सर्दी दोनों में एक समान तापमान बनाए रखता है। इसके जलस्तर और जल के स्रोत का रहस्य आज तक अनजान है।

कठोपनिषद के अनुसार, नचिकेता नामक बालक ने यहां तपस्या की थी। कथा के अनुसार, कलयुग के आरंभ से पहले नचिकेता के पिता ने यज्ञ किया था, जिसमें उन्होंने बूढ़ी गायों को दान देने की योजना बनाई। इस पर नचिकेता ने आपत्ति जताई, जिसके परिणामस्वरूप उसके पिता ने उसे यमराज को दान करने की बात कही। नचिकेता ने यमराज की साधना की और तीन वरदान मांगे। इस प्रक्रिया में उसने मृत्यु के रहस्य का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन यमराज भी इस प्रश्न का उत्तर देने में असमर्थ दिखे।

नचिकेता ताल से कुछ दूरी पर यम गुफा स्थित है, जहां से नचिकेता ने यमलोक की यात्रा की थी। यह स्थान घने जंगलों में बसा हुआ है, और ताल का जल हर मौसम में भरपूर रहता है। ताल की गहराई आज तक किसी ने नहीं नापी, और यह रहस्य भी बना हुआ है कि पानी अंततः कहां चला जाता है।

यहां रात के समय ध्वनि उत्पन्न करना मना है, क्योंकि यहां के पुजारी मानते हैं कि देवता स्नान के लिए आते हैं, और उनकी शक्तियों के सामने जीवित मनुष्य को ले जाया जा सकता है। यमगुफा की लंबाई भी एक पहेली है, क्योंकि जो भी इसके अंदर गया, उसका पता आज तक नहीं चला है।

नैसर्गिक सौंदर्य और प्रकृति की खूबसूरत कलाओं से सज्जित नचिकेता ताल एक ऐसा स्थल है, जो हर आगंतुक को अपनी ओर आकर्षित करता है और उन्हें पुनः आने की प्रेरणा देता है। इस रहस्यमय स्थान की सुंदरता और इसके पीछे छिपे रहस्यों ने इसे एक अद्भुत गंतव्य बना दिया है।

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Dehradun
बैरागीवाला हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार, हत्या के मुख्य आरोपी अमन को पुलिस ने पकड़ा

Dehradun News : सहसपुर के बैरागीवाला हत्याकांड में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी अमन समेत तीन आरोपियों को हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
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बैरागीवाला हत्याकांड में तीन और आरोपी गिरफ्तार
13 जून 2026 की शाम सहसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बैरागीवाला में खेत में पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। पहले से चली आ रही रंजिश के बीच ये विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के नामजद आरोपियों और 30-40 अन्य लोगों ने दूसरे पक्ष के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
घटना में गंभीर रूप से घायल तीनों को उपचार के लिए लेहमन अस्पताल ले जाया गया, जहां विनोद कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई।
हत्या का मुकदमा हुआ दर्ज
मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर सहसपुर कोतवाली में मु.अ.सं. 134/2026 के तहत धारा 103, 109, 191(2) और 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में मुकदमा दर्ज किया गया।

हरियाणा से दबोचे गए मुख्य आरोपी
घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश में देहरादून पुलिस की कई टीमें उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में लगातार दबिश दे रही थीं। इसी अभियान के तहत 2 जुलाई 2026 को पुलिस ने हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल से मुख्य आरोपी अमन और उसके दो साथियों सावेज और आजम को गिरफ्तार कर लिया।
पहले ही 6 आरोपी जा चुके हैं जेल
पुलिस इससे पहले इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें रज्जाक, सलमान, जावेद, शहबाज, इम्तियाज और इंतजार शामिल हैं। ताजा गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 9 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस का अभियान जारी
देहरादून पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Dehradun
पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के अंदर सरकारी सेवा में समायोजित करें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

Uttarakhand News : सीएम धामी ने गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को तय समय के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा आउट ऑफ टर्न नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्त मिले सके, इस पर भी कार्ययोजना बनाई जाए।
सीएम धामी ने कहा केंद्र सरकार द्वारा लाई गई राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप ही राज्य में नई खेल नीति लाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय-गोलापार, हल्द्वानी में आगामी माह से सत्र को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा गोलापार स्टेडियम में प्रवेश प्रक्रिया एवं कोच, कर्मचारी, अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लेगेसी प्लान पर तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ स्थित स्टेडियमों में विकसित की गई सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए और उपयोगी बनाई जाएं। उन्होंने कहा 38वें राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान विकसित किए गए बुनियादी ढांचे के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं इसके लिए कार्य योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए विभिन्न विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर संचालन शुरू किया जाए। विभिन्न खेल संघों के साथ खिलाड़ियों की चयन/ चिन्हीकरण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा राज्य सरकार का संकल्प आगामी राष्ट्रीय खेलों में और बेहतर प्रदर्शन कर देवभूमि को खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक स्पोर्ट्स के तहत सभी जनपदों में निर्धारित खेलों के लिए संबंधित जनपदों में कोचिंग, प्रतिभा पहचान एवं प्रतिस्पर्धा को भी विकसित किया जाए। प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जनपद के निर्धारित खेल हेतु ODOS खेल नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी तक गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं पहुंचाना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को साकार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं है। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारी खिलाड़ियों की आवश्यकता अनुसार राज्य में खेल योजनाओं को आगे बढ़ाएं।
बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 29 मेडल धारक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है। इसके साथ एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जा चुका है। वहीं 10 मिनी स्टेडियम का कार्य गतिमान है। अन्य मिनी स्टेडियमों पर भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई गतिमान है।
Uttarakhand
प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर आज एक साथ हुई मॉक ड्रिल, परखी गई व्यवस्थाएं

Uttarakhand News : उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है, हर साल मानसून राज्य में आपदा का कहर बरपाती है। उससे पहले आपदा प्रबंधन विभाग ने मॉक एक्सरसाइज की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आज प्रदेश के 13 जनपदों के 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
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प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर एक साथ हुई मॉक ड्रिल
आज प्रदेश के सभी जिलों में 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल हुई। मुख्यमंत्री धामी स्वयं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) मुख्यालय पहुंचे। जहां आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक व अधिकारी मौजूद रहे। इस मॉक ड्रिल में भूस्खलन, सड़क बंद होने, बादल फटने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को धरातल पर परखा गया।
मॉक ड्रिल में परखी गई व्यवस्थाएं
राहत-बचाव दलों की त्वरित प्रतिक्रिया, मशीनरी की उपलब्धता और विभागों के आपसी समन्वय का लाइव परीक्षण किया गया। खास बात यह रही कि इस अभ्यास में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ NDRF, ITBP और सेना जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल रहीं, ताकि किसी भी बड़ी आपदा में केंद्र-राज्य का संयुक्त रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो सके।
सीएम धामी ने एक-एक जिले की तैयारियों का लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री धामी USDMA कंट्रोल रूम से सभी 13 जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और एक-एक जिले की तैयारियों का फीडबैक लिया। जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संसाधनों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की पहचान और रिस्पॉन्स टाइम की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आपदा से निपटने की ये तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। 24×7 अलर्ट मोड, त्वरित निर्णय और जीरो रिस्पॉन्स डिले के साथ काम हो, ताकि मानसून में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया गया जायजा
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा से निपटने की तैयारी के साथ ही मशीनरी को भी चेक किया गया है ऐसे संवेदनशील स्थान जहां पर भूस्खलन सहित तमाम आपदाएं आ सकती हैं उन 66 स्थान को चिन्हित किया गया और पूरे प्रदेश भर में एक साथ यहां मॉक ड्रिल आयोजित की गई ताकि आपदा की घड़ी में चुनौतियों से पार पाया जा सके।
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