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नैनीताल: रिश्वत मांगने पर पटवारी सस्पेंड, DM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

नैनीताल (उत्तराखंड): नैनीताल जिले में तैनात राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) प्रकाश चंद्र देवतल्ला को रिश्वत मांगने के आरोप में जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें स्पष्ट रूप से भूमि का खसरा देने के एवज में रिश्वत मांगते हुए सुना जा सकता है। वायरल ऑडियो की जांच के आदेश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए थे…जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हुई कि ऑडियो में सुनी गई आवाज पटवारी प्रकाश चंद्र देवतल्ला की ही है। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने न केवल कार्य में लापरवाही बरती बल्कि सरकारी प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करते हुए भूमि से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए 25 से 50 हजार रुपये तक की रिश्वत की मांग की थी।
इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल ने उन्हें निलंबित कर तहसील खनस्यूं में सम्बद्ध किया है। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो आरोपी पटवारी के खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कर्मियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने आचरण को पूरी तरह पारदर्शी रखें और जनहित में कार्य करें। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन संबंधित प्राधिकरण अथवा टोल फ्री नंबर 1064 पर की जाए।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी नैनीताल जनपद में कई सरकारी कर्मचारियों पर रिश्वत के गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिनमें से कई के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की विजिलेंस यूनिट कार्रवाई कर चुकी है और कुछ आरोपी जेल में भी बंद हैं।
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दूध की 5 कंपनियों के सैंपल हुए फेल, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं इनका इस्तेमाल

Nainital News : उत्तराखंड में दूध की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हल्द्वानी में लिए गए अलग-अलग कंपनियों के 5 दूध के नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। यानी की 5 कंपनियों के सैंपल फेल हो गए।
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उत्तराखंड में दूध की 5 कंपनियों के सैंपल फेल
नैनीताल जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में अलग-अलग कंपनियों के दूध के पांच नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिलाधिकारी के निर्देश पर 5 अगस्त 2026 को हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में वितरकों से दूध के सैंपल लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया था।
SNF की मात्रा तय मानक से पाई गई कम
जांच रिपोर्ट में पांचों नमूनों में मिल्क फैट और या सॉलिड नॉट फैट (SNF) की मात्रा तय मानक से कम पाई गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन नमूनों को सबस्टैंडर्ड यानी अवमानक घोषित किया है।

जांच में परम स्टैंडर्ड मिल्क में फैट 3.75% मिला, जबकि मानक 4.5% है। मधुसूदन काऊ मिल्क में फैट 3.11% और SNF 8% पाया गया, जबकि तय मानक 3.2% और 8.3% है। वहीं हेल्थवेज स्टैंडर्ड मिल्क में फैट 4.27% और SNF 7.21% मिला, जबकि मानक क्रमशः 4.5% और 8.5% निर्धारित है।
कृत्रिम सिंथेटिक रंग की मिलावट नहीं मिली
खुले गाय-भैंस के मिश्रित दूध के नमूने में फैट 2.96% और SNF 6.59% पाया गया। मदर डेयरी काऊ मिल्क में फैट 3.04% मिला, जो निर्धारित 3.2% से कम है। हालांकि, प्रयोगशाला जांच में इन नमूनों में स्टार्च, यूरिया, नमक, न्यूट्रलाइजर, शुगर और कृत्रिम सिंथेटिक रंग की मिलावट नहीं मिली। इसके बावजूद निर्धारित पोषण गुणवत्ता से कम फैट और SNF पाए जाने के कारण संबंधित नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अवमानक घोषित किया गया है।
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उत्तराखंड में यहां पति ने की पत्नी की हत्या, फिर हुआ फरार, बेटे के पड़ोसियों को बताने पर हुआ खुलासा

Nainital News : उत्तराखंड के नैनीताल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पति ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब बेटे ने पड़ोसियों को बताया कि उसकी मां सुबह से उठ नहीं रही है।
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नैनीताल में पति ने की पत्नी की हत्या
नैनीताल जिले के दूरस्थ ओखलकांडा ब्लॉक के तल्ला ओखलकांडा में पत्नी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब के नशे में घर पहुंचे पति ने विवाद के बाद अपनी पत्नी के साथ मारपीट की, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मृतका अपने पीछे चार छोटे बच्चों को छोड़ गई है।
शराब के नशे में में आरोपी और मृतका का हुआ था विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक तल्ला ओखलकांडा निवासी 36 वर्षीय भीम सिंह उर्फ मोनू 21 अगस्त की रात मजदूरी करके घर लौटा था। आरोप है कि उस समय वो शराब के नशे में था। घर पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर उसका अपनी 28 वर्षीय पत्नी डिंकी देवी से विवाद हो गया।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पति ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मारपीट में डिंकी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति घर से फरार हो गया।

बेटे के पड़ोसियों को बताने पर हुआ खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब दंपती के बेटे ने आसपास रहने वाले लोगों को बताया कि उसकी मां सुबह से नहीं उठी है। इसके बाद पड़ोसियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही खनस्यूं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। 22 अगस्त को फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से जरूरी भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी भेज दिया।
घटना के बाद से आरोपी पति फरार
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं घटना के बाद से आरोपी पति फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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अंकिता भंडारी की हत्या के आरोपियों की जमानत हुई ख़ारिज, हाईकोर्ट में हुई लंबी बहस

Nainital News : उत्तराखंड हाईकोर्ट में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता की जमानत पर हुई लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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अंकिता भंडारी की हत्या के आरोपियों की जमानत हुई ख़ारिज
आज कोर्ट में चली लंबी सुनवाई पर तीनों अभियुक्तों की ओर से अपना पक्ष रखा गया और बचाव में कई तर्क रखे गये। जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। आपकों बता दे कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट में हुई लंबी बहस
पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354 (ए) के तहत आजीवन कारावास जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया है।
फैसले के खिलाफ तीनों ने अपील की है दायर
तीनों अभियुक्तों की ओर इसके फैसले के बाद निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है। बता दें कि वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट के पद पर तैनात थी। वो 18 सितम्बर, 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गयी थी। 24 सितम्बर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।
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