Dehradun
28 जनवरी को पीएम मोदी के दौरे के दौरान देहरादून में नो फ्लाई जोन, यातायात पर कड़े प्रतिबंध !

देहरादून: 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय खेलों उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर देहरादून पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। कार्यक्रम के दौरान आयोजन स्थल के आसपास की दो किलोमीटर की परिधि को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है, जहां कोई भी ड्रोन या अन्य उड़ानशील उपकरण नहीं उड़ सकेगा।
इसके अलावा, कार्यक्रम स्थल में आने वाले लोग अपने साथ कोई भी बोतल, बैग, ज्वलनशील वस्तुएं, खाद्य पदार्थ आदि नहीं ला सकेंगे। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर यातायात प्लान भी लागू रहेगा, और आमजन से सहयोग की अपील की है।
यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव
- 28 जनवरी को दोपहर 12 बजे के बाद जौलीग्रांट एयरपोर्ट से एयरपोर्ट तिराहा से थानो रोड तक किसी भी प्रकार की टैक्सी, मैक्सी, या कैब का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। केवल कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों और स्थानीय जनता को पहचान पत्र के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
- सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक मालदेवता, रानीपोखरी, धानो, जौलीग्रांट, छह नंबर पुलिया, लाडपुर तिराहा, कारगी चौक, नया गांव, ट्रांसपोर्ट नगर, लालतप्पड़ से सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
- शाम सात बजे के बाद मालदेवता रोड से आने वाले ट्रैफिक को कालागांव की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, महाराणा प्रताप चौक, स्टेडियम तिराहा, सोडा सरोली की ओर कोई भी यातायात नहीं जाएगा।
- थानो रोड पर सिटी बस, मैजिक और विक्रम को दोपहर एक बजे के बाद जोगीवाला, छह नंबर पुलिया, लाडपुर तिराहा से महाराणा प्रताप चौक की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।
समय-सारणी के अनुसार यातायात में बदलाव:
- शाम छह बजे से रानीपोखरी, एसडीआरएफ तिराहा और भूमयां मंदिर तिराहा से थानो रोड की ओर कोई भी ट्रैफिक नहीं जाएगा।
- शाम सात बजे से जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी जाएगी।
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गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक, प्रीतम सिंह ने उठाए सवाल

Uttarakhand News : 27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा सत्र होना है। जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। सत्र से पहले 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। देहरादून में बैठक बुलाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं।
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गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक
उत्तराखंड में 27 और 28 अक्टूबर को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र प्रस्तावित है। सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही और एजेंडा तय करने के लिए 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताया है।
गैरसैंण में ही क्यों नहीं हो सकती कार्यमंत्रणा की बैठक
प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बताकर वहां विधानसभा सत्र आयोजित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सत्र की कार्यवाही तय करने वाली महत्वपूर्ण समिति की बैठक देहरादून में रखी गई है। उन्होंने इस निर्णय को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि जब विधानसभा सत्र भराड़ीसैंण में होना है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।
गैरसैंण में सत्र आयोजित करना अब रह गया केवल औपचारिकता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उनके अनुसार, सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने और वहां राजधानी के अनुरूप सुविधाएं तैयार करने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय तो लेती है, लेकिन वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने के मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाती। उन्होंने इसे सरकार के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
दो दिन के सत्र पर भी उठाए सवाल
प्रीतम सिंह ने विधानसभा सत्र केवल दो दिनों तक आयोजित किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि इतने अहम विषयों पर केवल दो दिन के सत्र में सार्थक और व्यापक चर्चा कैसे हो सकेगी। कांग्रेस नेता ने सरकार से सत्र की अवधि और उसमें प्रदेश की प्रमुख समस्याओं पर होने वाली चर्चा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उर्मिला सनावर का फिर होगा नार्को टेस्ट, CBI ने दिया नोटिस

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड में अभिनेत्री उर्मिला सनावर का फिर से नार्को टेस्ट होगा। उर्मिला ने दावा किया है कि सीबीआई की ओर से उन्हें नार्को टेस्ट के संबंध में नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि वो इस प्रक्रिया के लिए अपनी सहमति दे चुकी हैं और जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
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अंकिता मामले में उर्मिला सनावर का फिर होगा नार्को टेस्ट
उर्मिला सनावर के मुताबिक सीबीआई ने उन्हें शुक्रवार सुबह 10:30 बजे देहरादून बुलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह निर्धारित समय पर पहुंचेंगी। हालांकि, उन्होंने नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इससे पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी।
दुष्यंत गौतम और सुरेश राठौर से जुड़े सवाल पूछे जाने का दावा
उर्मिला सनावर का कहना है कि रविवार को सीबीआई की एक टीम उनके घर पहुंची थी। इस दौरान उनसे कई विषयों पर पूछताछ की गई। उनके दावे के मुताबिक, पूछताछ में दुष्यंत गौतम और सुरेश राठौर से संबंधित सवाल भी शामिल थे। इसके अलावा, जांच टीम ने उनसे उनके पास मौजूद साक्ष्यों के स्रोत के बारे में भी जानकारी मांगी।

54 करोड़ रुपये के ऑफर मिलने का दावा
उर्मिला सनावर ने दावा किया कि उन्हें 54 करोड़ रुपये तक के ऑफर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने नार्को टेस्ट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें सच्चाई सामने आने का डर नहीं है और वह जांच में सहयोग करेंगी। हालांकि, उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस प्रक्रिया के दौरान उनके साथ कोई अनहोनी होती है या साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की जाती है, तो इसके लिए सीबीआई और प्रदेश सरकार जिम्मेदार होंगी।
नोटिस की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
उर्मिला का कहना है कि रविवार को उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए थे। इसके बाद रात में दोबारा नोटिस दिए जाने का दावा करते हुए उन्होंने पूरी प्रक्रिया पर संदेह जताया। फिलहाल, नार्को टेस्ट को लेकर उनके बयान और जांच की प्रक्रिया इस मामले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा, राज्य आयोग ने सुनाया फैसला

Dehradun News : उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्रेन में यात्री के सामान की चोरी के मामले में रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश दिया है। हालांकि, आयोग ने मानसिक उत्पीड़न के लिए जिला आयोग की ओर से तय किए गए 25,000 रुपये के अतिरिक्त मुआवजे को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही मुआवजे पर ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत सालाना कर दी गई।
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ट्रेन में यात्री का सामान चोरी होने पर रेलवे देगा मुआवजा
बता दें कि ये पूरा मामला लीला धर डोभाल और उनके परिवार से जुड़ा है। परिवार के सदस्य उदयपुर से नई दिल्ली जा रहे थे। दो जुलाई को मथुरा रेलवे स्टेशन पर मेवाड़ एक्सप्रेस के धीमे होने के दौरान कुछ अज्ञात लोग एसी कोच बी-2 में दाखिल हुए और लीला धर डोभाल व वीणा डोभाल का कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गए।
राज्य आयोग ने सुनाया फैसला
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, घटना के समय कोच के दरवाजे खुले थे। उन्होंने कोच अटेंडेंट, रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और टीटीई की अनुपस्थिति को भी सुरक्षा में कमी का कारण बताया। दूसरी ओर, रेलवे ने अपनी ओर से किसी तरह की लापरवाही होने से इनकार किया था।
इस मामले में देहरादून जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 11 मई 2022 को शिकायतकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिला आयोग ने रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा, मानसिक पीड़ा के लिए 25,000 रुपये और मुकदमेबाजी पर हुए खर्च के रूप में 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया था। रेलवे ने इस आदेश को राज्य आयोग में चुनौती दी।

आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य आयोग ने माना कि रात के समय आरक्षित कोच के दरवाजे खुले रहना रेलवे की लापरवाही को दर्शाता है। आयोग ने यह भी कहा कि कोच अटेंडेंट या पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति सुरक्षा व्यवस्था में कमी का संकेत है। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के एक फैसले का हवाला देते हुए राज्य आयोग ने स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई चोरी के मामले में रेलवे को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
हालांकि, राज्य आयोग ने जिला आयोग के फैसले में संशोधन करते हुए मानसिक पीड़ा के लिए निर्धारित 25,000 रुपये की राशि हटा दी। इसके साथ ही मुआवजे पर वार्षिक ब्याज की दर नौ प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दी गई। रेलवे को 37,222 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च देने का निर्देश बरकरार रखा गया।
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