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Petrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
Petrol-Diesel Price Hike Today: उत्तराखंड में 100 के पार हुआ पेट्रोल
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भूचाल का असर अब सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। देश में महंगाई की चौतरफा मार झेल रही आम जनता को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है, जिसने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित पूरे देश में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गई है, जबकि डीजल भी शतक लगाने की राह पर अग्रसर है।
10 दिनों में ₹7.50 से अधिक महंगा हुआ ईंधन: एक नजर में
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार दाम बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया है। आज की बढ़ोतरी का विवरण और पिछले 10 दिनों का गणित इस प्रकार है:
- आज पेट्रोल में बढ़ोतरी: ₹2.61 प्रति लीटर
- आज डीजल में बढ़ोतरी: ₹2.71 प्रति लीटर
- 10 दिनों का कुल बोझ: 15 मई को अप्रैल 2022 के बाद पहली बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। तब से लेकर अब तक मात्र 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर से अधिक बढ़ चुके हैं। ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में भी ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया है, जिसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। परिवहन के सभी साधनों का एक साथ महंगा होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई और यात्रा दोनों बेहद खर्चीली होने वाली हैं।
उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल के दाम (Uttarakhand Petrol Diesel Prices Today)
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में ईंधन की कीमतें भौगोलिक स्थिति और स्थानीय करों (VAT) के कारण मैदानी इलाकों से थोड़ी भिन्न होती हैं। राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों दोनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स नीचे दिए गए हैं:

1. देहरादून (Dehradun)
राज्य की राजधानी देहरादून में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- पेट्रोल: ₹101.45 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.30 प्रति लीटर
2. हरिद्वार (Haridwar)
धार्मिक नगरी हरिद्वार में मैदानी इलाका होने के कारण दाम देहरादून से मामूली कम हैं, लेकिन यहां भी बढ़ोतरी का असर साफ देखा जा रहा है।
- पेट्रोल: ₹100.80 प्रति लीटर
- डीजल: ₹93.65 प्रति लीटर
3. नैनीताल (Nainital)
सैलानियों के पसंदीदा हिल स्टेशन नैनीताल में परिवहन लागत अधिक होने के कारण ईंधन के दाम हमेशा थोड़े ऊंचे रहते हैं।
- पेट्रोल: ₹102.10 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.95 प्रति लीटर
4. हल्द्वानी (Haldwani)
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में भी आज तेल के दामों में उछाल आया है।
- पेट्रोल: ₹101.15 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.05 प्रति लीटर
पहाड़ी क्षेत्रों पर प्रभाव: उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी जिलों जैसे पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में परिवहन व्यय (Freight Charges) अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹103 से ₹104 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। चारधाम यात्रा के इस सीजन में ईंधन का महंगा होना टूर एंड ट्रैवल्स ऑपरेटरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
चार बड़े महानगरों में आज के लेटेस्ट रेट्स (Metro Cities Fuel Rates)
भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों (VAT) और डीलर कमिशन के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। देश के चार प्रमुख महानगरों में आज के संशोधित रेट्स नीचे तालिका में विस्तृत रूप से दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली (New Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | ₹99.55 |
तालिका से स्पष्ट है कि मुंबई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें ₹110 के पार जा चुकी हैं, जबकि डीजल भी ₹100 के आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गया है।
आखिर क्यों लग रही है ईंधन के दामों में आग? (Reasons Behind Price Hike)
वैश्विक बाजार में चल रही उथल-पुथल भारतीय ईंधन बाजारों को सीधे और गहराई से प्रभावित कर रही है। आर्थिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा संकट के पीछे निम्नलिखित तीन प्रमुख कारण हैं:
1. पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव (West Asia Geopolitical Crisis)
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न रोकने की जिद और अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनियों के चलते कच्चा तेल उत्पादक क्षेत्र पूरी तरह से अस्थिर है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी (Strait of Hormuz Blockade)
वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित होने और सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। जब भी शांति समझौते की खबरें आती हैं, तो कीमतों में थोड़ी गिरावट होती है, लेकिन समझौता विफल होते ही दाम फिर से आसमान छूने लगते हैं।
3. तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी और घाटा (OMCs Financial Losses)
भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर लंबे समय तक दामों को स्थिर रखा था। ओएनजीसी (ONGC) के अधिकारियों के अनुसार, तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में दाम न बढ़ाने के कारण दैनिक रूप से लगभग ₹1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने और इस घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियां अब लगातार दाम बढ़ा रही हैं।
आम जनता और भारतीय अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर
पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों को चलाने वाला ईंधन नहीं हैं, बल्कि ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके दामों में होने वाली वृद्धि का एक ‘डोमिनोज़ इफेक्ट’ (Chain Reaction) होता है, जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है:
* लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई लागत में वृद्धि
भारत में 70% से अधिक वाणिज्यिक सामानों की ढुलाई सड़कों के माध्यम से डीजल चालित ट्रकों द्वारा होती है। डीजल के दाम ₹95 के पार जाने से ट्रांसपोर्टर्स ने माल ढुलाई शुल्क (Freight Rates) में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है।
* रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं होंगी महंगी
माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर सीधे आपकी रसोई पर पड़ता है। आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध, दालें और अन्य एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। थोक बाजारों से खुदरा बाजारों तक सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में बढ़ोतरी होना तय है।
* मध्यम और गरीब वर्ग का बजट ध्वस्त
एक तरफ जहां वेतन और आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और घरेलू सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम नौकरीपेशा इंसान के लिए ऑफिस आने-जाने का खर्च (Commuting Cost) बढ़ गया है, जिससे उनके मासिक निवेश और अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
राजनीतिक घमासान और टैक्स कटौती की मांग
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर लगाया जाने वाला अत्यधिक उत्पाद शुल्क (Excise Duty) आम जनता पर एक ‘साइलेंट टैक्स’ की तरह है, जिसे तुरंत कम किया जाना चाहिए।
व्यापारिक संगठनों (जैसे CTI) ने भी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) और एक्साइज ड्यूटी में कम से कम ₹10 से ₹15 की कटौती करें, ताकि बाजार में मांग बनी रहे और आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।
अपने शहर के दैनिक रेट्स कैसे चेक करें? (How to Check Daily Fuel Rates)
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। यदि आप अपने शहर के सटीक और नवीनतम रेट्स जानना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- SMS के जरिए: * Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल से
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9224992249 पर भेजें।- BPCL:
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9223112222 पर भेजें। - HPCL:
HPPRICE <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9222201122 पर भेजें।
- BPCL:
- मोबाइल ऐप्स: आप इंडियन ऑयल के ‘Fuel@IOC’ ऐप या अन्य कंपनियों के आधिकारिक ऐप्स को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके सीधे ‘Check Price for Your Location’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कुछ और दौर की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने कड़े बजटीय प्रबंधन के लिए तैयार रहना होगा।
Uttarakhand
धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, सहकारिता नीति समेत 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 17 प्रस्ताव रखे गए। जिनमें सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और शहरी विकास समेत कई विभागों से जुड़े फैसले शामिल रहे।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
आज हुई धामी कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख मिशन तय किए गए हैं।
सहकारिता नीति समेत 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर
परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट आगे भी जारी रहेगी। वहीं, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए बड़े फैसले
कैबिनेट ने अलग-अलग राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई ईवी पॉलिसी तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इसका उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर प्रभावी और व्यावहारिक नीति तैयार करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को मंजूरी दी गई। इसके अलावा ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने से जुड़े अंत्योदय फाउंडेशन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
- उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को मंजूरी।
- उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को स्वीकृति।
- उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का निर्णय।
- इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जनपदों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
- रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में 116 आवासों से जुड़ी मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी।
- शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए मंजूरी।
- ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूरी।
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत प्रस्ताव को स्वीकृति।
- उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को मंजूरी।
कैबिनेट के इन फैसलों से सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों में नीतिगत बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Swine Flu Alert : उत्तराखंड में मौसम बदलते ही एक ऐसे वायरस ने दस्तक दे दी है, जो शुरुआत में आम वायरल जैसा लगता है। लेकिन लापरवाही पर ये गंभीर रूप से सकती है। स्वाइन फ्लू यानी H1N1 की दस्तक से प्रदेश में अलर्ट है।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 लोग मिले संक्रमित
स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के कई मामले प्रदेश में सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड में अगस्त महीने में अब तक 31 मरीजों में इसकी पुष्टि हो चुकी है और ज्यादातर मामले देहरादून से सामने आए हैं। मामले बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और एडवाइजरी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही अस्पतालों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
स्वाइन फ्लू होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
स्वाइन फ्लू की शुरुआत कई बार सामान्य वायरल जैसी ही होती है। अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और तेज थकान इसके आम लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी देखने को मिल सकती है।

लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क
सबसे जरूरी बात ये है कि अगर सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लगातार चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के मुताबिक मास्क का इस्तेमाल करें।
- इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।
- अगर आप बीमार हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से बचें और पर्याप्त आराम करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या कोई दवा खुद से न लें।
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सीएम धामी की अध्यक्षता में आज होगी कैबिनेट की बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

Dhami Cabinet : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित होने जा रही है। बैठक सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ फैसले लिए जाने की संभावना है।
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सीएम धामी की अध्यक्षता में आज होगी कैबिनेट की बैठक
सीएम धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक होगी। बैठक सुबह साढ़े दस बडे से शुरू होगी। आगामी विधानसभा मानसून सत्र को देखते हुए यह कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक में मानसून सत्र की तारीख और आयोजन स्थल को लेकर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी बैठक में विचार होने की संभावना है। प्रस्ताव के मुताबिक, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को बॉन्ड के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक सेवाएं देनी होती हैं। विभाग के सामने ये समस्या सामने आती रही है कि कुछ समय सेवा देने के बाद कई एमबीबीएस डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश के लिए आवेदन कर देते हैं। पीजी की पढ़ाई के लिए जाने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है।

इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए कम से कम तीन साल की सेवा अनिवार्य किए जाने का प्रावधान किया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, निर्धारित तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद ही डॉक्टरों को पीजी की पढ़ाई के लिए अनुमति देने का प्रावधान हो सकता है।
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी नजर
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा मामला भी रखा जा सकता है। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिए जाने की संभावना है।बैठक में परिवहन, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास समेत कई विभागों के प्रस्तावों पर विचार हो सकता है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट में चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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