Champawat
पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया लोहाघाट लॉकअप से फरार कैदी, पुलिस पर बरसा रहा था गोलिया

लोहाघाट – बन्दीगृह लोहाघाट से फरार केदी को पुलिस ने बिनवाल गाव, रीठा साहिब जंगल क्षेत्र मे मुठभेड के दौरान गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक देसी पिस्टल एक जिन्दा व दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस टीम पर फायरिंग करने और अवैध हथियार रखने पर अभियुक्त के खिलाफ़ थाना रीठा साहिब में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
27 सितंबर को चल्थी क्षेत्र मे अभियुक्त शंकर लाल चौधरी पुत्र विपत लाल चौधरी, निवासी ग्राम धर्मपुर महेंद्र नगर (नेपाल) द्वारा एक महिला के साथ बलात्कार करने के आरोप में अभियुक्त को न्यायिक बन्दीगृह लोहाघाट भेजा गया था, जो कि 12 सितंबर को बन्दीगृह, लोहाघाट से फरार हो गया था। कैदी के भागने से पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था…जिस संबंध में थाना लोहाघाट में आरोपी के खिलाफ धारा 262 बीएनएस पंजीकृत किया गया। एसपी चंपावत अजय गणपति द्वारा जनपद के सभी थाना क्षेत्र मे सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किए जाने हेतु सभी थाना प्रभारियो को निर्देशित किया गया।
एसपी के निर्देश पर जनपद चंपावत पुलिस द्वारा दो दिनों से हो रही भारी बारिश/आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य तथा सुगम यात्रा व्यवस्था बनाते हुए जनपद मे सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए 13 सितंबर की सांय को थाना रीठासाहिब क्षेत्र से कमलेश भट्ट, थानाध्यक्ष, थाना रीठा साहिब को अभियुक्त शंकर लाल के रीठासाहीब क्षेत्र मे बिनवालगांव जंगल क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। जिस पर थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा तत्काल बिनवाल गांव जंगल क्षेत्र में जाकर अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए दबिस दी गई।
इस दौरान जंगल क्षेत्र में अभियुक्त के दिखाई देने पर पुलिस टीम द्वारा उसे पकड़ने का प्रयास करने पर अभियुक्त द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी जिस पर पुलिस टीम द्वारा बचाव मे जवाबी फायरिंग की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने के दौरान गिरने से अभियुक्त को कुछ चोटे आई हैं। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शंकर लाल को बिनवाल गाव के जंगल से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध देसी पिस्टल , एक जिन्दा व 02 खोखा कारतूस बरामद किया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। कैदी जेल से कैसे भागा पुलिस इस बारे में कैदी से पूछताछ कर रही है। पुलिस टीम मे एसओ कमलेश भट्ट, एसआई तेजकुमार,हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद ,हेड कांस्टेबल दीपक बिष्ट,हेड कांस्टेबल हरीश नाथ,कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे फरार कैदी के पकड़े जाने से चंपावत पुलिस ने राहत की सांस ली।
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चंपावत में शौच के लिए गए शख्स को तेंदुए ने बनाया निवाला, घटना से इलाके में दहशत का माहौल

प्रदेश में तेंदुए का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पौड़ी में दहशत के बाद अब चंपावत से खबर सामने आ रही है। चंपावत में शौच के लिए गए एक शख्स को निवाला बना लिया।
चंपावत में शौच के लिए गए शख्स को तेंदुए ने बनाया निवाला
चंपावत में शौच के लिए गए एक शख्स को तेंदुए ने मौत के घाट उतार दिया। मिली जानकारी के मुताबिक चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के चुयरानी ग्राम सभा के धरगड़ा में तेंदुए ने मंगलवार सुबह देव सिंह अधिकारी (42) पुत्र कल्याण सिंह अधिकारी पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

शौच के लिए बाहर गया था मृतक
बताया जा रहा है कि मृतक शौच के लिए बाहर गया था। लेकिन इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। गांव के साथ ही आस-पास के गांवों के लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे।
घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
तेंदुए के हमले में शख्स की मौत के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के साथ ही मारने की मांग की है। घटना की जानकारी पर काली कुमाऊं रेंज के वन दरोगा प्रकाश गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है।
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Champawat Accident : मातम में बदली शादी की खुशियां, बारात का वाहन खाई में गिरने से 5 की मौत

Champawat Accident : मातम में बदली शादी की खुशियां, बारात का वाहन खाई में गिरने से 5 की मौतचंपावत जिले के लोहाघाट-घाट नेशनल हाईवे पर बागधारा के पास बारात की खुशी मातम में बदल गई। दुल्हन को विदा कर लौट रही बारात का बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में 5 की मौके पर ही मौत हो गई।
चंपावत में बारात का वाहन खाई में गिरने से 5 की मौत
चंपावत में शादी वाले घर में मातम पसर गया। लोहाघाट-घाट नेशनल हाईवे पर बागधारा के पास दुल्हन को विदा कर वापस लौट रहे परिजनों का वाहन हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में मां–बेटे सहित 5 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पिथौरागढ़ के किलोटा गांव से बालातड़ी आई हुई थी बारात
दुर्घटना रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही लोहाघाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार की अगुवाई में पुलिस, SDRF और फायर टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से खाई में फंसे घायलों को रेस्क्यू कर लोहाघाट उप जिला अस्पताल भेजा गया।
थानाध्यक्ष के मुताबिक बारात पिथौरागढ़ के शेराघाट के किलोटा गांव से बालातड़ी आई हुई थी। लौटते समय बागधारा मोड़ पर बोलेरो UK 04 TB 2074 गहरी खाई में समा गई। हादसे के बाद वाहन के परखच्चे उड़ गए।
वाहन चालक के नशे में होने से हुआ हादसा
प्राथमिक जांच में वाहन चालक का नशे में होना बड़ी वजह सामने आया है। अस्पताल में डॉक्टर विराज राठी और डॉक्टर अजीम की टीम घायलों का उपचार कर रही है, जिसमें एक गंभीर घायल को चंपावत जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मृतकों में भावना चौबे, उनका 6 वर्षीय बेटा प्रियांशु, प्रकाश चंद्र, केवल चंद्र उनियाल और सुरेश चंद्र नौटियाल शामिल हैं। रेस्क्यू अभियान में स्थानीय होटल स्वामी मदन सामंत और शिक्षक मनोज पंत का भी सहयोग रहा।
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Mystery Story Uttarakhand 40 साल से वीरान ‘भूतिया घर’ में आज भी सुनाई देती हैं अजीब आवाज़ें

Mystery Story Uttarakhand शांत पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसा चंपावत शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखी कहानी के लिए भी जाना जाता है। शहर के किनारे स्थित एक पुराना घर पिछले कई वर्षों से लोगों के बीच डर और रहस्य का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि शाम ढलते ही इस वीरान घर से अजीब-अजीब आवाजें आने लगती हैं। कभी किसी के रोने की, कभी हँसने की, कभी किसी के तेज़ी से भागने की।
40 साल पुरानी घटना के पिछे छिपा रहस्य
बताया जाता है कि करीब चार दशक पहले इस घर में एक परिवार रहा करता था। गांव वालों के मुताबिक, उसी परिवार की एक महिला एक दिन अचानक लापता हो गई। गांव के लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। महिला के गायब होने के बाद ही घर के भीतर से अजीब आवाजें आना शुरू हो गईं। बंद दरवाज़ा अपने आप खुलने की आवाज, फर्नीचर खिसकने जैसी ध्वनियाँ और रात के सन्नाटे में किसी के कदमों की आहट।
लोगों ने देखी ‘सफेद चादर वाली लड़की
कुछ ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने खिड़की पर सफेद चादर में लिपटी एक लड़की जैसी आकृति देखी। लेकिन जैसे ही वे हिम्मत जुटाकर घर के पास पहुँचे, आकृति अचानक गायब हो गई। धीरे-धीरे डर का माहौल बढ़ा और घर पूरी तरह खाली हो गया। गांव वालों ने इसे “भूतिया घर” कहना शुरू कर दिया।
शाम के बाद कोई नहीं जाता
आज भी इस घर के पास शाम के बाद कोई नहीं जाता। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई शाम के बाद इस जगह के पास पहुंचता है तो उसे अजीबों गरीब आवाजें सुनाई देती हैं। लोगों का मानना है कि वह महिला की आत्मा आज भी अपने घर आने का रास्ता तलाश रही है। कहा जाता है कि जिस रात घर की खिड़कियां अपने आप खुल जाती हैं, वही रात उस आत्मा की मौजूदगी की होती है।
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