Uttarakhand
गंगोत्री धाम में कपाट बंद होने का समय नजदीक, जानिए तिथि…

उत्तरकाशी – गंगोत्री धाम धाम के कपाट शीतकाल के लिए दो नवंबर को 12:14 पर अभिजीत मुहूर्त में बंद कर दिए जाएंगे। गंगा की विग्रह डोली गंगोत्री से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम मारकंडे मंदिर में करेगी।
तीन नवंबर को गंगा की डोली मुखवा में शीतकालीन प्रवास में विराजमान हो जाएगी। उसके बाद छह माह तक गंगा जी के दर्शन मुखबा गांव में होंगे।
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Uttarakhand
देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेली सर्विस शुरू, 14 घंटे का सफ़र 60 मिनट में, सीएम धामी ने किया शुभारंभ

DEHRADUN PITHORAGARH HELI SERVICE: एलाइंस एयर देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच संचालित करेगा 42 सीटर विमान सेवा
DEHRADUN PITHORAGARH HELI SERVICE: देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेली सर्विस शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। 42 यात्री क्षमता वाला ये विमान एक घंटे में अपना सफ़र पूरा करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य बिंदु
देहरादून पिथौरागढ़ हेली सेवा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से ओर छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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उड़ान योजना 2.0 को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है।

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2023 में शुरू हुई थी “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना”
राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।
एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

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450 करोड़ रुपये से विकसित होगा पिथौरागढ़ हवाई अड्डा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी कड़ी में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।
Haridwar
कुंभ मेला नियंत्रण भवन की इमारत का होगा विस्तार, सरकार ने 50 करोड़ रुपए का बजट किया जारी

Haridwar News : हरिद्वार में कुंभ मेले की व्यवस्था को संभालने वाली मेला नियंत्रण भवन के विस्तार के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है। इसके लिए 50 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।
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कुंभ मेला नियंत्रण भवन की इमारत का होगा विस्तार
चार कुंभ नगरियों में से हरिद्वार एक है। धर्मनगरी में 12 साल में कुंभ मेले और छह साल में अर्धकुंभ होता है। जिसके चलते करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार हैं। इसके अलावा साल भर गंगा स्नान और कांवड़ लेने भी भक्त हरिद्वार पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला नियंत्रण भवन के विस्तार किया जा रहा है।
स्थाई कंट्रोल रूम बनाने की हमेशा से थी जरूरत
कुंभ मेले और अर्धकुंभ के साथ ही सालभर आने वाली भीड़ के चलते हरिद्वार में स्थाई कंट्रोल रूम बनाए जाने की जरूरत सालों से थी लेकिन इसके लिए कोई योजना नहीं बन सकी। साल 2004 में हर की पैड़ी के पास कुंभ और अन्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए आधुनिक मेला नियंत्रण भवन बनाया गया था। तब से लेकर अब तक सभी मेला के संचालन में यही भवन मेला संचालन में अहम भूमिका निभा रहा है।

पुरानी बिल्डिंग के बगल में ही बनाया जा रहा भवन
व्यवस्थाओं के सफल संचालन के लिए पुरानी बिल्डिंग के बगल में ही नया भवन बनाया जा रहा है जिसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। नई इमारत को हेलीपैड युक्त बनाया जा रहा है। इसके लिए 50 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। बता दें कि नई इमारत सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसमें कमांड कंट्रोल सेंटर, सर्विलेंस सिस्टम, भीड़ नियंत्रण के लिए तमाम उपकरण भी होंगे।
Dehradun
जनजातीय महोत्सव 2026 में पहुंचे सीएम धामी, जनजातीय समाज को राष्ट्र निर्माण का बताया सशक्त आधार

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
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जनजातीय महोत्सव 2026 में सीएम धामी ने किया प्रतिभाग
सीएम धामी ने जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सादगीपूर्ण जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह मंच जनजातीय भाई-बहनों की पीढ़ियों से संजोई गई लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिला रहा है तथा राज्य जनजातीय शोध संस्थान को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया।
जनजातीय समाज को राष्ट्र निर्माण का बताया सशक्त आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की समृद्ध विविधता और प्राचीन परंपराओं का सशक्त आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

जनजातीय समाज के सम्मान के लिए सरकार ने उठाए कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। इसी सोच के तहत ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित हुए हैं।
जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही, देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।
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