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बड़ी खबर : गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !, मंदिर समिति ने लिया बड़ा फैसला…

Uttarkashi News : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने में एक महीने से भी कम का वक्त शुरू है ऐसे में प्रशासन और मंदिर समितियां तैयारियों में जुटी हैं। इसी बीच चारों धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर घमासान मच गया है। जहां एक ओर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ और बद्रीनाथ में दर्शन से पहले शपथ पत्र देने की बात कही है तो वहीं अब गंगोत्री धाम में भी दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है।
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गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !
प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले जहां एक तरफ़ बदरी-केदार मंदिर समिति ने उनके अधीन आने वाले उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण धाम बदरीनाथ और केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने और एफिडेविट व्यवस्था लागू करने को लेकर अपनी बोर्ड बैठक में फैसला लिया है।
चारों धामो में से बचे हुए दो धाम गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का संचालन करने वाली चारधाम महापंचायत ने इन दोनों धमों में गैर (हिंदुओं) सनातनियों के परिबंध को एक बिल्कुल नई और अनोखी व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है।
गंगोत्री धाम में “पंचगव्य” ग्रहण के बाद ही हो सकेगा प्रवेश
श्रीपंच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चार धाम पंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया की गंगोत्री धाम में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कानूनी और संवैधानिक पहलू को लेकर एक कमेटी बनाई गई है। जिसमें क़ानून के जानकारों को शामिल किया गया है, जो आगामी 10 दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश को संवैधानिक और क़ानूनी तरीक़े से प्रतिबंधित किया जाएगा।
वहीं इसके अलावा गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रतिबंध के धार्मिक पहलू पर भी ज़ोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य की व्यवस्था रखी जाएगी। जो इसे ग्रहण करेगा उसे सनातन में आस्था रखने वाला माना जाएगा।

पंचगव्य क्या होता है और है इसकी क्या मान्यता ?
पंचगव्य एक संस्कृत शब्द का है जो पंच यानी पांच और गव्य यानी गाय से प्राप्त पदार्थ है। हिन्दू परंपरा में गाय से प्राप्त पांच पदार्थों का मिश्रण पंचगव्य है, जिसमें दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर शामिल होते हैं। इसे पौराणिक मंत्रोचारण और वैदिक विधि से एक निच्छित मात्रा में मिश्रित किया जाता है। ये पाँचों तत्व मिलकर “पंचगव्य” बनाते हैं।
बता दें पंचगव्य को धार्मिक, आयुर्वेदिक और कृषि दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गंगाजल और शहद भी बेहद पवित्र माना जाता है और पंचगव्य में गंगाजल में शहद भी शामिल होता है।
धार्मिक मान्यता की बात करे तो हिन्दू धर्म में गाय को “माता” का दर्जा दिया गया है और इसलिए पंचगव्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ, यज्ञ और संस्कारों में इसका उपयोग शुद्धिकरण (पवित्रिकरण) के लिए किया जाता है। मान्यता है कि पंचगव्य के सेवन या स्पर्श से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। कई धार्मिक ग्रंथों में इसे पापों के नाश और पुण्य प्राप्ति से जोड़ा गया है।

आयुर्वेद में भी पंचगव्य का है बड़ा महत्व
आयुर्वेद में भी पंचगव्य का बड़ा महत्व है। आयुर्वेद के अनुसार पंचगव्य औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। कुछ पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग त्वचा रोग, पाचन समस्या आदि के लिए बताया गया है। तो वहीं कृषि में भी विशेष तौर पर जैविक खेती में पंचगव्य का उपयोग एक प्राकृतिक उर्वरक (fertilizer) और कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा, पत्थर गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत

Rudraprayag News : केदारनाथ यात्रा में मौसम खराब होने के कारण पैदल मार्ग पर भूस्खलन हो गया। चीड़बासा के पास पत्थर गिरने के कारण एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर दर्दनाक हादसा
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास रविवार शाम पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना में पांच साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मार्ग पर तैनात रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और बच्चे के शव को पालकी के जरिए एमआरपी भैरव मंदिर, जंगलचट्टी पहुंचाया।
पत्थर गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत
हादसे के दौरान रास्ते में फंसे करीब 1100 यात्रियों को भी रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस कंट्रोल रूम को रविवार, 27 सितंबर 2026 की शाम करीब 4:39 बजे चीरबासा क्षेत्र में लैंडस्लाइड की सूचना मिली थी।

बताया गया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप पहाड़ी से अचानक पत्थर नीचे आ गिरे, जिसकी चपेट में एक बच्चा आ गया। गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश के निवासी के रूप में हुई है मृतक की पहचान
सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद बच्चे के शव को पालकी के माध्यम से एमआरपी भैरव मंदिर, जंगलचट्टी तक पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक मृतक बच्चे की पहचान यश पुत्र रोहताश यादव, उम्र पांच वर्ष, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
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नौकरी चाहने वालों के लिए खुशखबरी, 29 सितंबर को रोजगार मेला, दुबई का जाने का भी मौका

Uttarakhand Jobs : कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून द्वारा आगामी 29 सितंबर को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग कर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।
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नौकरी चाहने वालों के लिए खुशखबरी
क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि रोजगार मेले में 18 निजी क्षेत्र की कंपनियां भाग लेंगी तथा कुल 904 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जा रहा है।
29 सितंबर को देहरादून में लगेगा रोजगार मेला
रोजगार मेले में देहरादून सहित अन्य जनपदों के बेरोजगार युवा भी प्रतिभाग कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर में पूर्व पंजीकरण (प्री-रजिस्ट्रेशन) की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है। साथ ही, रोजगार मेले के दिन भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों को अपना बायोडाटा, मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाण-पत्र, उनकी छायाप्रतियां, सेवायोजन कार्यालय का पंजीयन कार्ड तथा वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। सेवायोजन विभाग ने अधिक से अधिक युवाओं से रोजगार मेले का लाभ उठाने तथा निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होने की अपील की है।

रोजगार मेले में शामिल होने वाली कंपनियां
29 सितम्बर को आयोजित रोजगार मेले में कैंप 108, स्काई विंग एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड, बजाज ऑटो लिमिटेड, बजाज कैपिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक, टाटा मोटर्स, आरएसपीएल मैनपॉवर, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, बार्बीक्यूनेशन, अकल इनफॉरमेशन सिस्टम लिमिटेड गुरुग्राम, मेंटर वाटर एक्सपर्ट, नील मेटल हरिद्वार जैसी कंपनियां शामिल रहेंगी।
दुबई में भी मिल सकता है रोजगार का अवसर
सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल अनियन उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत युवाओं को दुबई में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आईटीआई/आईटीआई सर्टिफिकेट धारक अभ्यर्थी पात्र होंगे। फ्रेशर अभ्यर्थियों के लिए 6 माह का अनुभव तथा आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना के माध्यम से युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, आउट ऑफ टर्न नौकरी का शासनादेश जारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर है। खेल नीति-2021 के तहत अब 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। शासन की ओर से इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है।
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पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी
प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खेल नीति-2021 के अंतर्गत पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति प्रदान किए जाने को लेकर शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

आउट ऑफ टर्न नौकरी का शासनादेश जारी
प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा कि “खेलगा युवा तो आगे बढ़ेगा युवा” के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार लगातार खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ अपने भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर मिलेगा।
243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी नौकरी
खेल मंत्री ने बताया कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों में 34 स्वर्ण, 115 रजत और 94 कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण, गृह, परिवहन, वन तथा शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा।

खेल मंत्री ने साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के साथ अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर सकें।
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