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हरिद्वार में रिश्वत लेती आंगनबाड़ी सुपरवाइजर गिरफ्तार, इस काम के लिए मांगी थी 50 हजार की रिश्वत

Haridwar News : हरिद्वार में विजिलेंस की टीम की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां टीम ने आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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हरिद्वार में रिश्वत लेती आंगनबाड़ी सुपरवाइजर गिरफ्तार
हरिद्वार जिले के रुड़की में विजिलेंस टीम ने एक आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक आंगनबाड़ी सहायिका से पदोन्नति दिलाने के बदले ये रकम मांगी थी। शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल विजिलेंस विभाग मामले की आगे की जांच में जुटा हुआ है।

प्रमोशन करवाने के एवज में मांगी थी रिश्वत
मिली जानकारी के मुताबिक देहरादून से रूड़की पहुंची विजिलेंस की टीम ने बाल विकास अधिकारी कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान टीम ने ग्रामीण द्वितीय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
राखी सैनी ने आंगनबाड़ी सहायिका से प्रमोशन के नाम पर ये रिश्वत मांगी थी। सहायिका की शिकायत पर ही विजिलेंस की टीम ने ये कार्रवाई की है। टीम ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर सुपरवाइजर राखी सैनी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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बद्रीनाथ चढ़ावा मामले को लेकर मौन व्रत पर बैठे लखपत बुटोला, BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग

Chamoli News : बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर बद्रीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने सोमवार को मंदिर के सिंह द्वार के बाहर मौन व्रत शुरू किया। इस दौरान उनके साथ ज्योतिर्मठ के ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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बद्रीनाथ चढ़ावा मामले को लेकर मौन व्रत पर बैठे लखपत बुटोला
विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि चढ़ावे और दान से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका आरोप है कि इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच या विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग उठाई।
BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग
मौन व्रत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला और कांग्रेसियों ने BKTC अध्यक्ष को हटाने की मांग की है।

जानें क्या है पूरा मामला?
हाल ही में ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
BKTC ने बनाई जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
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बड़ी खबर : उत्तराखंड में 20 लाख में बिकती हैं सरकारी नौकरियां, खुद मंत्री करते हैं इनका सौदा

Uttarakhand News : उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की कथित खरीद-फरोख्त को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि प्रदेश में 20-20 लाख रुपये लेकर सरकारी नौकरियां बेची जा रही हैं और इसमें सत्ता से जुड़े नेताओं की भूमिका है। गोदियाल के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
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उत्तराखंड में 20 लाख में बिकती हैं सरकारी नौकरियां
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियां बिक रही हैं और उत्तराखंड के नेता ही इन नौकरियों को बेच रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या युवाओं के सपनों का सौदा किया जा रहा है? ये सवाल इसलिए क्योंकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
गोदियाल के बयान से मचा सियासी घमासान
गोदियाल का कहना है कि प्रदेश में नेता ही 20-20 लाख रुपये लेकर सरकारी नौकरियां बेच रहे हैं। इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर नौकरियों की खरीद-फरोख्त का मुद्दा गरमा गया है।

उत्तराखंड सरकार के मंत्री करते हैं नौकरियों का सौदा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं। गोदियाल का आरोप है कि खुद सत्ता से जुड़े नेता 20-20 लाख रुपये लेकर सरकारी नौकरियां बेच रहे हैं।
इतना ही नहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों को बचा रही है। अधिकारी मौज़ ले रहे हैं विधायक अपने अच्छे दिनों का आनंद उठाने में व्यस्त हैं।
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Agnipath Yojna 2026: अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! देखें लेटेस्ट अपडेट…

Agnipath Yojna 2026 Latest Updates
भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) में युवाओं की भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) एक बार फिर देश भर में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है। साल 2022 में शुरू हुई इस क्रांतिकारी योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर साल 2026 के अंत तक अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। इसी बीच, रक्षा गलियारों से अग्निवीरों के भविष्य को लेकर कई बड़ी और सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, जो इस योजना का स्वरूप बदल सकती हैं।
यदि आप भी भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा का जज्बा रखते हैं या अग्निवीर भर्ती 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह विस्तृत और व्यापक लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं अग्निपथ योजना क्या है, इसकी चयन प्रक्रिया, सैलरी स्ट्रक्चर, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ और 2026 में इसमें होने वाले बड़े बदलावों के बारे में।
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1. अग्निपथ योजना क्या है? (What is Agnipath Yojna?)
अग्निपथ योजना भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा 14 जून 2022 को शुरू की गई एक अल्पकालिक सैन्य भर्ती प्रणाली है। इसके तहत देश के युवाओं को 4 साल की अवधि के लिए भारतीय थल सेना (Indian Army), नौसेना (Indian Navy) और वायु सेना (Indian Air Force) में सेवा करने का अवसर मिलता है। इस योजना के माध्यम से सेना में भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ (Agniveers) के नाम से जाना जाता है।
सरकार का इस योजना को लाने के पीछे मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के प्रोफाइल को और अधिक युवा (Youthful Profile) बनाना, औसत आयु को 32 वर्ष से घटाकर 26 वर्ष करना और सेना को आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रोन, एआई, और डिजिटल युद्ध प्रणालियों) से लैस करना है।
2. साल 2026 में सबसे बड़ा बदलाव: क्या 25% से ज्यादा जवान होंगे परमानेंट?
अग्निपथ योजना के मूल नियमों के अनुसार, 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर (15 साल की नियमित सेवा के लिए) में बरकरार रखा जाना था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवामुक्त कर दिया जाना तय था।
लेकिन वर्ष 2026 में सबसे बड़ी ‘गुड न्यूज’ यह आ रही है कि तीनों सेनाओं ने परिचालन आवश्यकताओं और जमीनी अनुभवों के आधार पर इस रिटेंशन दर (Retention Rate) को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है:
- भारतीय नौसेना (Indian Navy): तकनीकी और विशिष्ट कार्यप्रणाली को देखते हुए नौसेना लगभग 75 प्रतिशत तक अग्निवीरों को स्थायी रूप से बनाए रखने की मांग कर रही है।
- थल सेना और वायु सेना (Army & IAF): दोनों सेनाएं वर्तमान 25% की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने के पक्ष में हैं।
ऐसा क्यों किया जा रहा है?
सेना के अधिकारियों का मानना है कि पिछले 4 वर्षों में अग्निवीरों ने कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है, कई बड़े अभियानों में हिस्सा लिया है और आधुनिक हथियारों का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया है। ऐसे में पूरी तरह से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम इन जवानों को केवल 4 साल बाद बाहर करना व्यावहारिक नहीं होगा। अधिक रिटेंशन से सेना के पास अनुभवी सैनिकों का एक मजबूत पूल हमेशा उपलब्ध रहेगा।
3. अग्निवीर पात्रता और चयन प्रक्रिया 2026 (Eligibility & Selection Process)
यदि आप अग्निपथ योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित योग्यताओं को पूरा करना आवश्यक है:
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):
- आयु सीमा: उम्मीदवार की आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: पदों के अनुसार (जैसे जनरल ड्यूटी, टेक्निकल, क्लर्क आदि) उम्मीदवार का 10वीं या 12वीं पास होना अनिवार्य है।
- लिंग: इस योजना के तहत पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र हैं।
चयन प्रक्रिया के चरण:
- केंद्रीयकृत ऑनलाइन परीक्षा (CEE): सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा पास करनी होती है।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और मापन (PMT): लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को दौड़, बीम, और अन्य शारीरिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
- चिकित्सीय परीक्षण (Medical Test): अंतिम चरण में पूर्ण चिकित्सा जांच की जाती है, जिसके बाद मेरिट लिस्ट जारी होती है।
4. अग्निवीर सैलरी और ‘सेवा निधि’ पैकेज (Salary Structure & Seva Nidhi)
अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के दौरान एक आकर्षक और कस्टमाइज्ड मासिक पैकेज दिया जाता है, जो हर साल बढ़ता है। इसके साथ ही उन्हें रिस्क और हार्डशिप अलाउंस भी मिलता है।
| वर्ष | मासिक वेतन (Gross Salary) | इन-हैंड सैलरी (70%) | अग्निवीर कॉर्पस फंड (30%) |
| प्रथम वर्ष | ₹30,000 | ₹21,000 | ₹9,000 |
| द्वितीय वर्ष | ₹33,000 | ₹23,100 | ₹9,900 |
| तृतीय वर्ष | ₹36,500 | ₹25,550 | ₹10,950 |
| चतुर्थ वर्ष | ₹40,000 | ₹28,000 | ₹12,000 |
सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package):
अग्निवीर के वेतन से जो 30% हिस्सा काटा जाता है, उतना ही योगदान (Matching Contribution) भारत सरकार भी देती है। 4 साल की अवधि समाप्त होने पर, संचित ब्याज सहित प्रत्येक अग्निवीर को लगभग ₹11.71 लाख का एकमुश्त ‘सेवा निधि’ पैकेज दिया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी राशि पूरी तरह से आयकर (Income Tax) से मुक्त होती है।
5. जीवन सुरक्षा और अन्य वित्तीय लाभ
अग्निपथ योजना के तहत जवानों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है:
- गैर-अंशदायी जीवन बीमा: सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को ₹48 लाख का मुफ्त जीवन बीमा कवर मिलता है।
- ड्यूटी के दौरान शहादत पर: यदि कोई अग्निवीर सेवा के दौरान शहीद होता है, तो उसके परिवार को ₹1 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता (सेवा निधि और गैर-सेवा अवधि का वेतन मिलाकर) दी जाती है।
- दिव्यांगता की स्थिति में: ड्यूटी के दौरान अक्षमता की गंभीरता के आधार पर ₹44 लाख तक की अनुग्रह राशि का प्रावधान है।
6. 4 साल बाद क्या हैं करियर के विकल्प? (Future Opportunities)
जो 75% या 50% अग्निवीर (नए नियमों के आधार पर) 4 साल बाद सेवामुक्त होंगे, उन्हें समाज में पुनर्वास के लिए कई तरह के विशेष अवसर दिए जा रहे हैं:
- सुरक्षा बलों में आरक्षण: गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) जैसे BSF, CISF, CRPF और असम राइफल्स में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% रिक्तियां आरक्षित की हैं।
- राज्य पुलिस में प्राथमिकता: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे कई राज्यों ने अपनी पुलिस और संबद्ध सेवाओं की भर्तियों में पूर्व-अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है।
- कॉर्पोरेट और बैंक लोन: कई बड़ी निजी कंपनियों (जैसे टाटा, महिंद्रा) ने पूर्व-अग्निवीरों को नौकरी देने की इच्छा जताई है। इसके अलावा, जो युवा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उन्हें बैंक ‘सेवा निधि’ के आधार पर प्राथमिकता से लोन प्रदान करते हैं।
- शैक्षणिक डिग्री: रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के समन्वय से पूर्व-अग्निवीरों के लिए विशेष डिप्लोमा और ग्रेजुएशन क्रेडिट सिस्टम तैयार किया गया है, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई आसानी से पूरी कर सकें।
निष्कर्ष (Conclusion)
अग्निपथ योजना 2026 न केवल भारतीय सेना को अत्याधुनिक और युवा बना रही है, बल्कि देश के युवाओं के लिए करियर के नए द्वार भी खोल रही है। वर्ष 2026 में सेना द्वारा रिटेंशन रेट (स्थायी होने की सीमा) को 25% से बढ़ाकर 50% या 75% करने की मांग ने युवाओं के बीच इस योजना के प्रति आकर्षण और भरोसे को और मजबूत कर दिया है। यदि आप अनुशासित जीवन, देश सेवा और एक सुरक्षित वित्तीय भविष्य की चाह रखते हैं, तो अग्निपथ योजना आपके सपनों को उड़ान देने का एक बेहतरीन माध्यम है।
अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूचनाओं के विश्लेषण पर आधारित है। भर्ती की सटीक तारीखों और नियमों में बदलाव की अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (joinindianarmy.nic.in) पर जाएँ।
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