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केदार घाटी के ग्रामीणों की सामूहिक पहल, नींद से जगा विभाग, साइट पर भेजी मशीनरी

Rudraprayag News: केदारघाटी के तरसाली गाँव में ग्रामीणों ने उठाया सड़क निर्माण का बीड़ा
मुख्य बिंदु
Rudraprayag news: लंबे समय से बंद पड़े मोटरमार्ग निर्माण कार्य से निराश तरसाली गांव के लोगों ने अब इंतजार छोड़कर खुद श्रमदान के जरिए सड़क बनाने का फैसला किया। जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवा तक कुदाल-फावड़ा लेकर आगे आ रहे हैं। ग्रामीणों की इस पहल के बाद लोक निर्माण विभाग भी नींद से जागकर सक्रिय हो गया है।
केदार घाटी के ग्रामीणों की पहल, सड़क निर्माण के लिए किया श्रमदान
केदार घाटी के तरसाली गाँव के लिए साल 2021 में तीन किलोमीटर मोटरमार्ग की स्वीकृति मिली थी। शुरुआत में लगभग दो किलोमीटर सड़क का निर्माण भी हो गया। लेकिन इसके बाद मार्च महीने से करीब एक किलोमीटर का काम पूरी तरह रुक गया। कई शिकायतों के बावजूद जब विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों ने स्वयं सड़क निर्माण का बीड़ा उठा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा।
कई शिकायतों के बाद भी विभाग नहीं ले रहा था सुध
अधूरी सड़क के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर आवाजाही में दिक्कतें बढ़ी हैं, वहीं मोटरमार्ग न होने से पलायन भी तेज हुआ है। इसके अलावा कच्चे रास्तों से गुजरते समय जंगली जानवरों का खतरा भी हमेशा बना रहता है। इसलिए, गांव के लोग मानते हैं कि सड़क पूरी होना उनकी बुनियादी जरूरत और सुरक्षा दोनों से जुड़ा मुद्दा है।
ग्रामीणों की पहल को देख (PWD) विभाग भी नींद से जगा
ग्रामीणों की इस पहल ने (PWD)लोक निर्माण विभाग Ukhimath को भी नींद से जगा दिया। विभाग अब सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। विभाग के मुताबिक, मोटरमार्ग पर कार्य प्रारंभ कराने के लिए मशीन भेज दी गई है। साथ ही एनएच, लोनिवि और जियोलॉजिस्ट की टीम संयुक्त निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर शासन – प्रशासन को भी बता दिया है कि अगर वो कोई सुध नहीं लेते हैं तो ग्रामीण स्वयं ही सड़क निर्माण के लिए प्रयास करेंगे। तरसाली के ग्रामीण धर्मानंद सेमवाल, प्रियधर अंथवाल ने बताया कि तरसाली गांव के लिए तीन किमी मोटर रोड स्वीकृत हुई, जिसमें दो किमी से अधिक कटिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि 800 मीटर के करीब निर्माण कार्य अभी भी बचा हुआ है।
तरसाली मोटरमार्ग पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए मशीन भेज दी गई है। एनएच, लोनिवि एवं जियोलजिस्ट की टीम का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही मोटर रोड के कार्य को लेकर आगे कार्य किया जाएगा। -नरेंद्र कुमार, एई, लोक निर्माण विभाग, Ukhimath
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चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, 35 साल पुराने नेता ने थामा बीजेपी का दामन

Rudraprayag News : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रुद्रप्रयाग की सियासत में हलचल तेज हो गई है। खलियाण वार्ड से जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस नेता ग्यालू लाल ने करीब 35 साल तक पार्टी में रहने के बाद कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। चुनाव से पहले हुए इस घटनाक्रम को जिले में भाजपा और कांग्रेस के सियासी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ग्यालू लाल के भाजपा में शामिल होने पर पार्टी जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं, भाजपा का पटका पहनने के बाद ग्यालू लाल ने पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का भरोसा दिलाया।

ग्यालू लाल के इस फैसले को केवल एक राजनीतिक दल बदलने के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य के रूप में क्षेत्र में उनकी पहचान और अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के मतदाताओं के बीच उनके प्रभाव को देखते हुए भाजपा को इस बदलाव से स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वहीं, करीब साढ़े तीन दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहे नेता के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस के सामने भी क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुआ यह बदलाव रुद्रप्रयाग की राजनीति में कितना असर डालता है।
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Kedarnath Yatra: चीड़बासा में मलबा गिरने से पैदल मार्ग बंद, गौरीकुंड में रोके गए यात्री

Rudraprayag News : केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बार फिर मौसम और पहाड़ी मलबे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीड़बासा में मलबा और पत्थर गिरने से पैदल रास्ता बंद हो गया है, जिसके चलते प्रशासन ने यात्रियों को गौरीकुंड में ही रोक दिया है।
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चीड़बासा में मलबा गिरने से पैदल मार्ग बंद
केदारनाथ पैदल मार्ग पर शनिवार सुबह चीड़बासा के पास मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन गौरीकुंड में ही यात्रियों को रोक दिया है। मार्ग से मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम मजदूरों के साथ जुटी हुई है। मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीम भी तैनात हैं।
गौरीकुंड में रोके गए केदरानथ धाम जाने वाले यात्री
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के मुताबिक, शनिवार सुबह 7:22 बजे गौरीकुंड के सेक्टर अधिकारी ने चीड़बासा में रास्ता बंद होने की सूचना दी। इसके बाद संबंधित विभागों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। फिलहाल मलबा और पत्थर हटाकर मार्ग को दोबारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

आवाजाही सामान्य होने तक गौरीकुंड से आगे जाने की अनुमति नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैदल मार्ग पर आवाजाही सामान्य होने तक यात्रियों को गौरीकुंड से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और रास्ता खुलने तक आगे बढ़ने से बचें।
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अक्टूबर में बाबा केदार के धाम पहुंचेंगे पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजा

Rudraprayag News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बाबा केदार के दरबार में पहुंच सकते हैं… अक्तूबर में प्रस्तावित दौरे को लेकर केदारनाथ में तैयारियां तेज हो गई हैं। 22 से 25 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित इस दौरे में पीएम मोदी केदारनाथ में पूजा-अर्चना के साथ पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा ले सकते हैं।
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अक्तूबर में बाबा केदार के धाम पहुंचेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्टूबर महीने में केदारनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक 22 से 25 अक्तूबर के बीच प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे की तैयारियां की जा रही हैं। हालांकि, पीएमओ की ओर से अभी तक प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है।
पूजा के साथ ही पुनर्निर्माण कार्यों का भी लेंगे जायजा
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी अब तक छह बार केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। इससे पहले 21 अक्टूबर 2022 को भी उन्होंने बाबा केदार के दर्शन किए थे। इस बार प्रस्तावित दौरे के दौरान प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने के साथ ही वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा ले सकते हैं।

पीएम के दौरे को देखते हुए तैयारियां हुईं तेज
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। एसपीजी की टीम केदारनाथ धाम का निरीक्षण कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे के दौरान टिहरी जिले में टीएचडीसी के 1000 मेगावाट क्षमता वाले पंप स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी कर सकते हैं।
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