Uttarakhand
बेटा निकला पिता की हत्या का मास्टरमाइंड, 30 लाख और स्कार्पियो में दी सुपारी

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार से रिश्ते को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आयी है। जहाँ एक युवक ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। आरोपी पहले मनगढ़ंत कहानी से पुलिस को गुमराह कर रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल किया। पिता की करोड़ों की सम्पति के लालच में आरोपी बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
सम्पति के लालच में बेटे ने करवाई पिता की हत्या
दरअसल, 29 नवंबर की देर रात पुलिस कण्ट्रोल रूम को मृतक भगवान् सिंह के बेटे यशपाल ने एक सूचना दी थी। जिसमें उसने एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पिता की गोली मरकर हत्या करने की बात कही थी। उसने बताया कि, वो अपने पिता के साथ रोशनाबाद शादी में जा रहा था। जटवाड़ा पुल के करीब एक व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही पिता को गोली मारकर मौके से फरार हो गया। सम्बंधित मामले की जाँच बहादराबाद थाना, रानीपुर कोतवाली और सीआईयू की संयुक्त टीमें कर रहीं थी।
सख्ती से पूछताछ के बाद कबूला जुर्म
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि जब पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर यशपाल से पूछताछ की तो वह अपने ही बयान बदलने लगा। शादी में किस दोस्त के यहां जाना था, इस पर भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। यहीं से शक की सुई बेटे की ओर घूम गई। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बेटे के जवाब लगातार उलझते गए। आखिरकार वो टूट गया और उसने पिता की हत्या करवाने का जुर्म स्वीकार किया। उसने पुलिस को बतया कि पिता की हत्या उसी ने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर करवाई है।
सम्पति के लालच में करवाई पिता की हत्या
पुलिस के अनुसार मृतक भगवान सिंह एयरफोर्स से सेवानिवृत थे। उनके पास करोड़ों की सम्पति थी, बेटे की गलत संगत और आदतों के चलते दोनों के बीच हमेशा विवाद की स्थिति बनी रहती थी। आरोपी यशपाल ने पिता पर कई बार संपत्ति अपने नाम कराने को लेकर दबाव बनाया था, लेकिन मृतक ने साफ मना कर दिया और उसे सम्पति से बेदखल करने तक की चेतावनी दी थी। इसी रंजिश के चलते बेटे ने बाप की हत्या की योजना बना कर अपने मंसूबों को अंजाम दिया।
30 लाख और एक स्कॉर्पियो के बदले दी हत्या की सुपारी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यशपाल ने अपने दोस्त ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर से बात कर पिता की हत्या के बदले 30 लाख और एक स्कॉर्पियो देने का सौदा तय किया था। तीनों ने 29 नवंबर की दोपहर नहर पटरी पर रेकी की और रात में वारदात को अंजाम दिया। रात करीब आठ बजे यशपाल अपने पिता को दोस्त की शादी का झांसा देकर कार में साथ ले गया। जटवाड़ा पुल से आगे बैराज के पास उसके साथी राजन और शेखर पहले से मौजूद थे। योजना के तहत यशपाल ने पिता से गाड़ी रुकवाई और खुद ड्राइवर सीट पर बैठ गया। इसी दौरान राजन को उसने दोस्त बताकर कार में बैठाया।
कार चलने के कुछ ही मिनट बाद राजन ने तमंचे से भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियां मार दीं। वारदात के बाद राजन मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद बेटे ने घटना को अंजान बताकर 112 पर कॉल कर पुलिस को गुमराह किया। आरोपी यशपाल, ललित मोहन उर्फ राजन, शेखर को धर दबोचा। राजन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, एक खोखा कारतूस, वारदात के समय पहने कपड़े व जूते उसके किराये के कमरे से बरामद हुए।
Pithoragarh
आदि कैलाश यात्रा पर लगी अस्थाई रोक, 20 सितंबर तक टाला गया यात्रा का दूसरा फेज

Pithoragarh News : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। खराब मौसम और कई स्थानों पर सड़क मार्ग प्रभावित होने के कारण यात्रा के दूसरे चरण को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होना प्रस्तावित था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब इसे आगे बढ़ाकर 20 सितंबर तक टाल दिया गया है।
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आदि कैलाश यात्रा पर लगी अस्थाई रोक
धारचूला के उपजिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि ये तारीख अभी अंतिम नहीं है। यात्रा शुरू करने का फैसला क्षेत्र में मौसम और सड़क समेत अन्य यात्रा परिस्थितियों की स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा।
20 सितंबर तक टाला गया यात्रा का दूसरा फेज
20 सितंबर से परमिट जारी करने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए मौसम का अनुकूल होना और यात्रा मार्गों का सुरक्षित होना जरूरी होगा। प्रशासन किसी भी स्थिति में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहता।

BRO ने शुरू किया पुल निर्माण का काम
यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है। वहीं, सेना की ओर से ऊंचाई वाले इलाकों की ओर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा तभी दोबारा शुरू की जाएगी, जब मौसम और परिवहन व्यवस्था को लेकर सुरक्षा की पर्याप्त पुष्टि हो जाएगी। इसके बाद ही तीर्थयात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
दो महीने में 52 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
आदि कैलाश यात्रा को इस साल श्रद्धालुओं का जबरदस्त रुझान मिला है। 1 मई से यात्रा शुरू होने के बाद महज दो महीनों के भीतर 52,441 यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से ये यात्रा लगातार देशभर में लोकप्रिय होती जा रही है।
Dehradun
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में सामने आए 31 नए केस, आंकड़ा 484 पार

Dehradun News : उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में संक्रमण के 31 नए मामले सामने आए हैं। जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
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स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में सामने आए 31 नए केस
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एक ही दिन में 31 नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी हैं। नए मामलों के साथ राज्य में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 484 हो गई है। इनमें से 84 मरीज अभी सक्रिय हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
देहरादून में सबसे ज्यादा नए मामले
24 घंटे में सामने आए 31 नए मामलों में 23 मरीज देहरादून जिले से हैं। राज्य में अब तक सामने आए कुल 484 मामलों में भी बड़ी संख्या देहरादून जिले से ही है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए देहरादून के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय
स्वाइन फ्लू के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलग-अलग जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों के जरिए नए मरीजों की जानकारी जुटाने के साथ संक्रमण के संभावित स्रोत और संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए हो रहा काम
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां भी स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटा रही हैं। इसके साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस नए मामलों की समय पर पहचान करने और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने पर है। बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं।
Dehradun
उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 12 अपर पुलिस अधीक्षकों के हुए ट्रांसफर

Uttarakhand News : उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के 12 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए उनके स्थानांतरण और नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लंबे समय से पुलिस विभाग में तबादलों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब सरकार ने अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों पर मुहर लगा दी है।
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12 अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार प्रांतीय पुलिस सेवा के 12 अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। इनमें कई अधिकारियों के महत्वपूर्ण पदों में बदलाव किया गया है। प्रशासनिक जरूरतों और रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
मैदानी जिलों में भी देखने को मिला है असर
फेरबदल का असर प्रदेश के मैदानी जिलों में भी देखने को मिला है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

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