Crime
एसपी रुद्रप्रयाग ने प्रेस वार्ता कर फर्जी पंजीकरण के नाम पर चल रहे काले कारोबार का किया भण्डाफोड़।

एसपी रुद्रप्रयाग ने प्रेस वार्ता कर फर्जी पंजीकरण के नाम पर चल रहे काले कारोबार का किया भण्डाफोड़
रुद्रप्रयाग पुलिस की चेकिंग के दौरान फर्जी एवं कूटरचित पंजीकरण लेकर चल रहे यात्रियों की शिकायत पर एक ही दिन में कोतवाली रुद्रप्रयाग पर दर्ज किये गये 09 मुकदमे
फर्जी या कूटरचित पंजीकरण लेकर चलने वाले हो जायें सावधान, मुकदमा दर्ज कर पुलिस करेगी आवश्यक वैधानिक कार्यवाही
रुद्रप्रयाग – जनपद रुद्रप्रयाग में प्रचलित श्री केदारनाथ धाम यात्रा में अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु एवं यात्री वाहन आ रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से लेकर आतिथि तक यानि मात्र 12 दिवसों में ही साढ़े तीन लाख से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। जबकि केदारनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर रुकने की एक निश्चित क्षमता है और जनपद में स्थित पार्किंगों की भी एक निश्चित क्षमता है। सबसे बड़ी बात कि सीतापुर व सोनप्रयाग स्थित पार्किंगों में किसी वाहन की एन्ट्री हो जाने के उपरान्त वाहन तीन दिन तक पार्किंग में ही रहता है। पार्किंग की एक निश्चित क्षमता होने तथा इससे निकासी काफी कम होने व बाहर से अत्यधिक संख्या में वाहनों के आने से यात्रा मार्ग पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है।

इस सम्बन्ध में स्थानीय प्रशासन व पुलिस के स्तर से समय-समय पर जानकारी साझा करते हुए आने वाले श्रद्धालुओं से अपना पंजीकरण के उपरान्त ही यात्रा पर आने की अपील की जा रही है। पुलिस के स्तर से बिना पंजीकरण अथवा बाद की तिथि के पंजीकरण वाले यात्रियों व वाहनों की चेकिंग निरन्तर की जा रही है। पुलिस के स्तर से की जा रही चेकिंग की मॉनीटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के स्तर से भी की जा रही है।
आज चेकिंग ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल ने सख्ती के साथ चेकिंग की कार्यवाही की गयी। पुलिस बल के स्तर से जवाड़ी पर पहुंचे वाहनों में आये यात्रियों के पंजीकरण को पर्यटन विभाग की टीम के स्तर से नियुक्त स्कैन करने वाले कार्मिकों द्वारा चेक करने पर पाया तो यात्रियों द्वारा दिखाये जा रहे पंजीकरण एवं पंजीकरण में अंकित तिथि में काफी अन्तर आ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि बाद की तिथि के पंजीकरणों में कूट रचना करते हुए आजकल की तिथि हेतु उपयोग में लाया जा रहा है। पुलिस के स्तर से मौके पर सम्बन्धित यात्रियों एवं ट्रैवल्स एजेन्सी से पूछताछ करने पर इनके द्वारा गोल-मोल जवाब दिये जाने पर ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु नजदीकी कोतवाली रुद्रप्रयाग भिजवाया गया है। जहां पर कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से ऐसे कुल 09 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया है। थाने पर आवश्यक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आये यात्रियों को सम्बन्धित टूर ऑपरेटर, हरिद्वार क्षेत्र में मिले व्यक्तियों इत्यादि द्वारा धोखे में रखकर कूटरचित पंजीकरण दिये गये हैं, जिसका इनको आज पुलिस की चेकिंग में पता चला है।
शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का संक्षिप्त विवरणः-
1 भिमाराव गंगाराम शिंदे पुत्र गंगाराम निवासी ग्राम कोशलज थाना भाराम जिला हिजोली महाराष्ट्र को हरिद्वार निवासी राजेश नाम के व्यक्ति ने रजिस्ट्रेशन उपलब्ध कराये गये। इस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से दो बसों में लाये यात्रियों के रजिस्ट्रेशन कराने के एवज में तीन लाख पचास हजार रुपये की धनराशि भी ली गयी थी। इन रजिस्ट्रेशन के फर्जी होने की सूचना इनको आज चेकिंग के दौरान पता चली।
2 धीरज कुमार पुत्र राम प्रकाश निवासी मीरानपुर, कटरा, शाहजहांपुर ने बताया कि हरिद्वार में किसी व्यक्ति ने उनसे प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेकर पंजीकरण उपलब्ध कराये गये थे, परन्तु ये पंजीकरण फर्जी है, इसकी जानकारी इनको आज पुलिस चेकिंग में पता चली।
3 अमर सिंह पुत्र श्री मोहन सिंह निवासी एमडी मिशन के पास पीके पुरम थाना क्षेत्र जिला कोटा, राजस्थान ने बताया कि हरिद्वार में सोनू बब्बर टूर एण्ड ट्रेवल्स के द्वारा इनसे प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया गया, इनको इसके फर्जी होने की जानकारी आज पता चली।
4 बृजेश कुमार पुत्र श्री राम किशन राणा निवासी दीवान मौहल्ला, खाण्डेवाला जिला पटना, बिहार ने शिकायत की है कि सौरभ नामक व्यक्ति ने उनका फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार किया गया।
5 पटेल भास्कर भाई निवासी सादली शिजारे बड़ोदरा, गुजरात ने शिकायत की है कि हरिद्वार में एक व्यक्ति ने इनके रजिस्ट्रेशन किये जो कि फर्जी हैं इसकी जानकारी आज पता चली।
6 विजय जायसवाल पुत्र श्री ओम प्रकाश जायसवाल निवासी वार्ड नम्बर 3, जवाहरनगर, गोलाबाजार जनपद कुशीनगर ने शिकायत की है कि हरिद्वार में अक्षय नाम के व्यक्ति जिसने स्वयं को टूर एण्ड ट्रैवल्स संचालक बताया और रजिस्ट्रेशन बनाने के उनसे 35600 रुपये की धनराशि ली गयी।
7 आशीष कुमार सिंह पुत्र श्री राधे श्याम सिंह निवासी विद्यावतीपुर, मंगलपुर, थाना लोहता, वाराणसी ने शिकायत की है कि हरिद्वार में एक व्यक्ति ने उनसे 13000 रुपये लेकर रजिस्ट्रेशन दिलाया गया, अपनी शिकायत में इन्होने ठगी करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नम्बर और पैसे ट्रांसफर करने में प्रयुक्त यूपीआई उपलब्ध कराया है।
8 सजैराओ भगवान हणुमर पुत्र भगवान पंवार निवासी नियर मार्केट यार्ड पलूस जिला सांगली महाराष्ट्र ने शिकायत की कि हरिद्वार निवासी जोगेन्द्र सिंह व दिल्ली निवासी राकेश ने इनके तीन साथियों से रजिस्ट्रेशन के 25000 रुपये लिये गये व आज चेकिंग में रजिस्ट्रेशन का फर्जी होना पाया गया है।
9 लम्बाकुला किरन कुमार पुत्र लम्बाकुला वस्वाराज श्री निवास कॉलोनी, शादनगर, मंडल गुरूनगर,, जिला महबूब नगर तेलंगाना ने शिकायत की है कि ऋषिकेश व हैदराबाद निवासी व्यक्तियों ने मिलकर इनके कुल 13 व्यक्तियों के 17000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से हैदराबाद से ऋषिकेश तक लाने का पैकेज एवं उसमें रजिस्ट्रेशन का भी पैसा लिया गया है। जब आज यहां पहुंचे हैं तो उनको रजिस्ट्रेशन के फर्जी होने व उनके साथ ठगी होने की जानकार पता चली है।
पुलिस के स्तर से ठगी करने, जालसाजी व दस्तावेज का उपयोग धोखाधड़ी करने के प्रयोजन, जाली दस्तावेज का असली में उपयोग करने सम्बन्धी धाराओं मे पंजीकृत हुए इन सभी 9 अभियोगों में विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित कर दी गयी है।
जनपद पुलिस केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत करती है व जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों से अपील है कि वे अपना पंजीकरण करने के उपरान्त ही श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आयें व पुलिस प्रशासन द्वारा बनायी जा रही व्यवस्थाओं में सहयोग करें। साथ ही इस बात के लिए भी चेतावनी जारी करती है कि यदि किसी भी यात्री अथवा टूर ऑपरेटर या ट्रैवल्स ऐजेन्सी के स्तर से कूटरचित पंजीकरण लाया जाना पाया जाता है तो सम्बन्धितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कार्यवाही की जायेगी। इसलिए यात्रा पर ही आयें न कि ऐसा कृत्य करें कि यात्रा तो नहीं कर पाये परन्तु मुकदमा झेलना पड़ जाये।
Haridwar
हरिद्वार में ICICI बैंक के 50 लाख ट्रांजेक्शन फ्रॉड का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

Haridwar News : हरिद्वार पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध बैंक निकासी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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ICICI बैंक के 50 लाख ट्रांजेक्शन फ्रॉड का खुलासा
हरिद्वार पुलिस ने एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में ICICI बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज मुकदमे की जांच में पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा।
पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक स्कूटी, 12 लाख रुपये की प्लॉट रजिस्ट्री, फर्जी आधार कार्ड, डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड हासिल किया और फोन बैंकिंग से नया एटीएम कार्ड जारी करवाकर नकदी निकाली। इसी रकम से ज्वेलरी खरीदने, जमीन खरीदने और अन्य खर्च किए गए।

बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाता था गैंग
पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ कि गिरोह बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाता था और बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करता था।
पुलिस के अनुसार मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी एटीएम फ्रॉड और अन्य गंभीर मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
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Haridwar
हरिद्वार में प्रधान के पति ने अपने ही भाई को मारी गोली, वारदात को अंजाम देकर आरोपी हुआ फरार

Haridwar Crime : हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के बाजुहेड़ी गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लंबे समय से चल रही आपसी रंजिश के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने ही छोटे भाई पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गया।
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हरिद्वार में प्रधान के पति ने अपने ही भाई को मारी गोली
हरिद्वार जिले के बाजुहेड़ी गांव निवासी किशोर सैनी और राजेश सैनी के बीच काफी समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार देर रात दोनों के बीच एक बार फिर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट और फिर गोलीबारी तक पहुंच गई।
वारदार को अंजाम देकर आरोपी हुआ फरार
आरोप है कि विवाद के दौरान गुस्से में आए किशोर सैनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने से राजेश सैनी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और आरोपी मौके से फरार हो गया। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

गोली लगने से छोटा भाई गंभीर रूप से घायल
सूचना मिलते ही पिरान कलियर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर के क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गोली चलने की वजह सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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देहरादून में बड़ा खुलासा!, ठगी करता पकड़ा गया पूर्व मुख्य सचिव का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

EX Ias Son Yashvardhan Arrested in dehradun : राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को केंद्र सरकार और सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी के बेटे यशवर्धन के रूप में हुई है।
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देहरादून में ठगी करता पकड़ा गया पूर्व मुख्य सचिव का बेटा
बता दें कि दिल्ली की रहने वाली एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने प्रभावशाली सरकारी संपर्कों और ऊंचे पद पर होने का दावा करते हुए उससे करीब 4.5 लाख रुपये ले लिए। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लगातार और अधिक रकम की मांग कर रहा था। जांच के दौरान आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
अलग-अलग लोगों के सामने बदलता था अपनी पहचान
पूछताछ में ये बात सामने आई कि आरोपी अलग-अलग लोगों के सामने अपनी पहचान बदलता था। कभी वो खुद को गृह मंत्रालय का अधिकारी बताता, कभी रक्षा मंत्रालय से जुड़ा अफसर और कभी भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करता था।
देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार
देहरादून पुलिस को ये भी जानकारी मिली है कि वो कई होटलों में ठहरने के बाद भुगतान किए बिना चला जाता था और होटल कर्मचारियों व सुरक्षा कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर धोखाधड़ी करता था।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपी के पास से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, इन वस्तुओं का इस्तेमाल वो लोगों का भरोसा जीतने और खुद को प्रभावशाली अधिकारी साबित करने के लिए करता था।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे और मामले के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।
FAQs (EX Ias Son Yashvardhan Arrested)
1. क्या देहरादून पुलिस ने पूर्व मुख्य सचिव के बेटे को गिरफ्तार किया है ?
हां देहरादून पुलिस ने यशवर्धन नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है।
2. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
आरोपी पर खुद को केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है।
3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
दिल्ली निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी ने प्रभावशाली सरकारी संपर्कों का झांसा देकर उससे करीब 4.5 लाख रुपये ठग लिए।
4. आरोपी लोगों को कैसे झांसे में लेता था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग लोगों के सामने अपनी पहचान बदलता था और खुद को कभी गृह मंत्रालय, कभी रक्षा मंत्रालय तो कभी सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता था।
5. पुलिस को आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से सेना की वर्दी, बैज, कैप और वॉकी-टॉकी बरामद किए गए हैं।
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