Chamoli
स्वाभिमान महारैली: भूख कानून ,मूल निवास और स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर तमाम संगठनों और स्थानीय लोगों ने निकाली विशाल रैली।

गैरसैंण – आज गैरसैंण में सशक्त भूख कानून ,मूल निवास 1950 , स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर तमाम संगठनों और स्थानीय लोगों ने स्वाभिमान रैली निकाली अपने संसाधनों से जुटी इस विशाल भीड में यह तो साबित कर दिया कि जनता अब अपना अधिकार चाहती है। फिर चाहे लड़के हो या छीन के, वहीं इस विशाल भीड़ को देखकर सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींचना भी लाजमी है।

जिन्हें लगती गैरसैंण में ठंड ,वो छोड़ दें उत्तराखंड

9 नवम्बर सन 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था । इस राज्य की मांग को लेकर हुए आंदोलन में कई राज्य आंदोलन कारियों ने अपनी कुर्बानी दी थी। इसके पीछे सोच यह थी कि अलग राज्य होगा तो इस पहाड़ी राज्य का समुचित विकास होगा और यहाँ का पानी और यहां की जवानी यही के काम आएगी लेकिन राज्य गठन के 24 साल बीत जाने को है लेकिन आज भी राज्य आन्दोलन कारियों के सपने साकार नही हो पाए है।

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गैरसैंण में 11 घंटे भी नहीं चला विधानसभा सत्र, हंगामे के बीच ₹7,844 करोड़ का बजट पास

Gairsain News : उत्तराखंड के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित विधानसभा सत्र विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के दौरान धामी सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित कराया। इसके साथ ही सदन में कुल 10 विधेयकों को भी मंजूरी दी गई।
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गैरसैंण में 11 घंटे भी नहीं चला विधानसभा सत्र
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन में विपक्ष ने कार्यवाही की अवधि कम रखे जाने को लेकर विरोध जताया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि इतने कम समय में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी। विरोध के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने वेल में कागज फेंके और काले झंडे लहराकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हंगामे के बीच पारित हुए 10 विधेयक
विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही जारी रही और सरकार का अनुपूरक बजट पारित हो गया। इसके अलावा 10 विधेयकों को भी सदन की मंजूरी मिल गई। बजट पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने 28 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजकर 10 मिनट पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

11 घंटे भी नहीं चल पाया विधानसभा सत्र
भराड़ीसैंण में आयोजित यह विधानसभा सत्र अपनी निर्धारित अवधि और सदन में हुई चर्चा को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा। विपक्ष ने कम समय में सत्र समेटे जाने पर सवाल उठाए और जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक चर्चा की मांग की। वहीं, हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और विधेयकों के पारित होने के बाद कार्यवाही समाप्त हो गई।
इस तरह उत्तराखंड विधानसभा का यह सत्र कुल मिलाकर 11 घंटे भी नहीं चल सका। सत्र के दौरान जहां सरकार ने बजट और विधायी कार्यवाही पूरी की, वहीं विपक्ष ने कम अवधि और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की कमी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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गैरसैंण विधानसभा सत्र शुरू, दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि, कांग्रेस का प्रदर्शन

Gairsain News : चमोली जिले के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को याद किया गया।
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गैरसैंण विधानसभा सत्र शुरू, दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर धरने पर रहे। वहीं, विधानसभा के मुख्य द्वार पर भी कांग्रेस विधायकों ने वोट चोरी, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
जंगलचट्टी बैरियर पर यूकेडी का प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के पहले दिन जंगलचट्टी बैरियर पर यूकेडी, प्रधान संगठन, स्वराज दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। ये कार्यकर्ता विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे थे। बैरियर पर प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के दौरान मीडिया कर्मियों, स्थानीय लोगों और अधिकारियों के फंसने की सूचना भी सामने आई।

कांग्रेस ने सीढ़ियों पर बैठकर की नारेबाजी
कांग्रेस ने सीढ़ियों पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। दो दिवसीय सत्र के दौरान सदन में प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है। ऐसे में पहले दिन सदन के भीतर की कार्यवाही के साथ ही विधानसभा परिसर के बाहर हुए प्रदर्शनों पर भी नजर बनी हुई है।
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गैरसैंण में आज से विधानसभा सत्र, धामी सरकार पेश करेगी अनुपूरक बजट, कई विधेयकों पर भी नजर

Chamoli News : उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र आज, 27 अक्टूबर से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो रहा है। सत्र को लेकर प्रशासन और विधानसभा सचिवालय की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्री और विधायक भी भराड़ीसैंण पहुंच चुके हैं।
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गैरसैंण में आज से विधानसभा सत्र
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे वंदे मातरम के साथ शुरू होगी। इसके बाद दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने की कार्यवाही होगी। दोपहर 3 बजे से वित्तीय और विधायी कार्य किए जाएंगे। सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें पेश की जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की रिपोर्ट, अध्यादेश और विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
धामी सरकार पेश करेगी अनुपूरक बजट
सत्र के पहले दिन की प्रमुख कार्यवाही अनुपूरक बजट से जुड़ी होगी। मुख्यमंत्री सदन में अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत करेंगे। इसके माध्यम से सरकार चालू वित्तीय वर्ष में पहले से निर्धारित बजट के अतिरिक्त जरूरी खर्चों के लिए विधानसभा से मंजूरी मांगेगी।
अनुपूरक बजट का इस्तेमाल विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करने में किया जाता है। हालांकि, विधानसभा की जारी कार्यसूची में अनुपूरक बजट की कुल राशि का उल्लेख नहीं है। सरकार कितनी अतिरिक्त धनराशि की मांग करेगी, इसकी जानकारी सदन में मांगें पेश होने के बाद सामने आएगी।

वित्त आयोग और मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट भी होगी पेश
विधानसभा की कार्यसूची में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और उस पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करना भी शामिल है। मुख्यमंत्री संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम के तहत ये विवरण सदन के पटल पर रखेंगे।
इसके अलावा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन भी पेश किया जाएगा। विधानसभा की विभिन्न विशेषाधिकार समितियों के प्रतिवेदन भी सदन में रखे जाने प्रस्तावित हैं।
कई विधेयकों को सदन में पुनर्स्थापित करने की तैयारी
दो दिवसीय सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों को सदन में पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। इनमें सिंचाई जल निकासी विधेयक, 2026, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026, निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026 शामिल हैं।
इसके अलावा अल्पसंख्यक शिक्षा, सिविल विधि, अग्निशमन एवं आपात सेवा, माल और सेवा कर तथा निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयक भी कार्यसूची में शामिल हैं। संबंधित मंत्री पहले विधेयकों को पुनर्स्थापित करने की अनुमति मांगेंगे और फिर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें सदन में प्रस्तुत करेंगे। गैरसैंण में आयोजित इस सत्र में अनुपूरक बजट, विभागीय रिपोर्टों और विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर होने वाली कार्यवाही पर नजर रहेगी।
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