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टिहरी सांसद ने अफसरों को दिया सख्त संदेश – जनहित में काम हो वक्त पर, नहीं तो होगी कार्रवाई

देहरादून : टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने बृहस्पतिवार को देहरादून वन मुख्यालय के मंथन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लेते हुए केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने जन प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों को बेहतर तालमेल के साथ जनहित में संचालित केंद्र पोषित योजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।
सांसद ने केंद्र पोषित योजनाओं के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पीएम खनिज क्षेत्र कल्याण, पीएम कौशल विकास, पीएम रोजगार सृजन, श्रम पोर्टल, मनरेगा, दीन दयाल अंत्योदय, पीएम आवास ग्रामीण, खेलो इंडिया, दूरसंचार अवसंरचना, पीएम मत्स्य संपदा, स्मार्ट सिटी, पीएम जनधन, सुकन्या समृद्धि, सांसद निधि, सांसद आदर्श ग्राम आदि केंद्र पोषित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए जनहित में आपसी समन्वय से विकास कार्याे को गति प्रदान करने को कहा।

दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दिशा की बैठक में प्रतिभाग न करने पर सांसद ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक से गायब रहने वाले अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही उन्होंने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की सख्त हिदायत भी दी। नवादा में मोबाइल टावर की मांग पर उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए। आईटीडीए को तहसील चकराता और विकास नगर में स्वान नेटवर्क की व्यवस्था हेतु शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।
खनन न्यास निधि की समीक्षा करते हुए सांसद ने निर्देशित किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल सहित अन्य छोटी-छोटी विकास योजनाएं एवं जरूरतों को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। सांसद ने लघु सिंचाई विभाग को सांसद निधि के तहत अपूर्ण 05 योजनाओं का आंगणन शीघ्र तैयार करने और वर्षात के बाद तत्काल काम शुरू करने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि कृषि और उद्यान विभाग ने जिन लाभार्थियों को कृषि यंत्र और औद्यानिक उपकरण वितरण किए है, उन सभी लाभार्थियों की सूची उपलब्ध की जाए। मत्स्य विभाग को विकासनगर व डोईवाला में वर्षवार मत्स्य उत्पादन की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि मत्स्य और मुर्गी पालन के लिए समेकित योजनाओं पर काम किया जाए।
खेलों इंडिया कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि जिला स्तर पर समिति गठित करते हुए खिलाड़ियों की समस्याओं का त्वरित निदान किया जाए। खिलाडियों को उचित खेल सुविधाएं मुहैया करें। प्रतिभावान खिलाड़ियों की काउंसलिंग की जाए। खिलाड़ियों को ओलंपिक में सम्मिलित खेलों का प्रशिक्षण दें।
सांसद ने सड़क दुर्घटनाओं पर चितां व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। सांसद ने कहा कि सुगम, सुरक्षित और सुखद यातायात हेतु नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने आरटीओ को स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से यातायात एवं सड़क सुरक्षा नियमों का प्रचार प्रसार किया जाए। सांसद ने निर्देश दिए कि केंद्र पोषित सभी योजनाओं के लक्ष्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान विधायकों और समिति के सदस्यों ने विभिन्न विकास योजनाओं में आ रही समस्याओं को प्रस्तुत किया और उनके समाधान पर चर्चा की।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं परियोजना निदेशक विक्रम सिंह ने जिले में केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति से मा0 सांसद को अवगत कराया। बताया कि उज्जवला योजना के तहत 54286 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। डिजिटल भारत भू अभिलेख आधुनिकीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत 780 कार्याे में से 480 पूर्ण, 296 प्रगति पर है। भारत नेट के तहत 209 ग्राम पंचायत में से 188 जीपी को आच्छादित कर लिया गया है। स्मार्ट सिटी के 21 में से 20 कार्य पूर्ण हो गए है। सांसद आदर्श ग्रामों में वीडीपी में कुल 448 स्वीकृत कार्याे में से 385 पूर्ण, 07 प्रगति पर और 56 कार्य अभी शुरू होने है। पीएम आवास ग्रामीण के तहत कुल 12754 घरों का सर्वेक्षण किया गया।
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उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, बोनस देने का शासनादेश जारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी कर दिया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये तक बोनस दिया जाएगा। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में बोनस की पात्रता से लेकर भुगतान की शर्तों तक का विवरण दिया गया है।
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उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर
सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा। इसके लिए कर्मचारियों का ग्रेड-पे 4,800 रुपये तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ दिया जाएगा। हालांकि, जो कर्मचारी किसी अन्य उत्पादकता आधारित बोनस योजना के दायरे में आते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
छह महीने की सेवा पूरी करना जरूरी
शासनादेश के अनुसार, बोनस पाने के लिए कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 तक कम से कम छह महीने की निरंतर सेवा पूरी करनी होगी। जिन कर्मचारियों ने पूरे वित्तीय वर्ष में लगातार सेवा की है, उन्हें पूरा बोनस दिया जाएगा। वहीं, छह महीने से अधिक और एक साल से कम अवधि तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुपात में बोनस मिलेगा। कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित पात्रता और सेवा अवधि की शर्तें पूरी करने पर बोनस दिया जाएगा।

इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस
सरकार ने बोनस भुगतान के लिए कुछ प्रतिबंध भी तय किए हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उन्हें मामले का निपटारा होने तक बोनस का भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो वह बोनस पाने का पात्र नहीं होगा इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दंडित किए गए कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ नहीं मिलेगा।
स्थानीय निकायों को अपने संसाधनों से करना होगा भुगतान
शासनादेश में स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था की गई है। यदि संबंधित निकाय लाभ की स्थिति में है तो वह अपने कर्मचारियों को बोनस दे सकता है। हालांकि, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त अनुदान नहीं दिया जाएगा। भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित निकाय को अपने वित्तीय संसाधनों से उठानी होगी।
सरकार के इस आदेश से हजारों पात्र कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बोनस की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है और वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और सेवा अवधि के आधार पर होगा।
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अमित शाह के दौरे से गरमाएगी उत्तराखंड की सियासत, 6 नवंबर को देहरादून में करेंगे रैली

Uttarakhand Politics : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 6 नवंबर को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल पदयात्रा और जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का दावा है कि इस आयोजन में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
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अमित शाह के दौरे से गरमाएगी उत्तराखंड की सियासत
6 नवंबर को अमित शाह उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं।अमित शाह अपने दौरे की शुरुआत पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। इसके बाद वह परेड ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत विशाल पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
6 नवंबर को देहरादून में करेंगे रैली
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पदयात्रा में देहरादून महानगर, ऋषिकेश, देहरादून ग्रामीण और हरिद्वार जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में 25 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रहेगी।
भट्ट के अनुसार, विपक्ष की राजनीति को लेकर जनता में नाराजगी है और भाजपा कार्यकर्ताओं में केंद्रीय गृह मंत्री का मार्गदर्शन सुनने को लेकर खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार तैयारियों में जुटी है।
प्रदेश कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित
वहीं, अमित शाह के दौरे के दौरान 6 नवंबर की शाम को भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में गृह मंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बैठक को अहम माना जा रहा है। इसमें प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की रणनीति और विपक्ष को घेरने की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक, फिलहाल कोर कमेटी की बैठक प्रस्तावित है।
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देहरादून में विवाहिता की संदिग्ध मौत, पिता ने पति-सास और ननद पर लगाए गंभीर आरोप

Dehradun News : देहरादून में दहेज प्रताड़ना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ननद की शादी के लिए एक लाख रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित किया गया। इसके बाद विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अब मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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देहरादून में विवाहिता की संदिग्ध मौत
मामला देहरादून का है। आगरा के अछनेरा क्षेत्र के साधन गांव निवासी महेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी रचना की शादी 22 अप्रैल 2024 को देहरादून निवासी संजय के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति दहेज को लेकर रचना को परेशान करने लगा था। यहां तक कि एक बार प्रेस से उसका हाथ भी जला दिया गया था।
पिता ने पति-सास और ननद पर लगाए गंभीर आरोप
महेश के मुताबिक, 25 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर रचना मायके आई थी। ससुराल लौटने के बाद उसने फोन पर बताया कि उसका पति संजय अपनी बहन पूजा की शादी के लिए एक लाख रुपये मांग रहा है। पिता ने आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही तो आरोप है कि इसके बाद पति, सास नीतू देवी और ननद पूजा ने रचना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
परिजनों के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच पुलिस ने फोन कर रचना की मौत की सूचना दी। जब पिता देहरादून पहुंचे, तब तक बेटी का पोस्टमार्टम कराया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी।
सीओ नितिन लोहानी के अनुसार, पुलिस ने एक नवंबर की रात पति संजय, सास नीतू देवी और ननद पूजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
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