Chamoli
बदरीनाथ धाम के कपाट रवि पुष्य योग में खुले, पुष्पवर्षा और जयकारों से गूंजा धाम; मुख्यमंत्री धामी ने किए दर्शन..

चमोली/बदरीनाथ – आज प्रातः 6 बजे शुभ रवि पुष्य योग में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधिवत रूप से खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के साथ ही पूरे धाम में “जय बदरी विशाल” के जयकारों की गूंज सुनाई दी। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। छह माह से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु इस पावन धाम में पहुंचे हैं। अनुमानित रूप से आज पहले ही दिन 10,000 से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे।

कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी बदरीनाथ धाम पहुंचे और उन्होंने श्री बदरी विशाल के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को लगभग 40 कुंतल गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसकी सुंदरता देर शाम तक अंतिम चरण तक जारी रही। मंदिर का सिंहद्वार विशेष रूप से आकर्षक फूलों की सजावट से सुसज्जित किया गया।

धार्मिक भावना के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने इस वर्ष की यात्रा को पॉलीथिन मुक्त रखने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने धाम क्षेत्र सहित यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबा और प्रतिष्ठान संचालकों से पॉलीथिन का न्यूनतम उपयोग करने और सफाई बनाए रखने का आग्रह किया है।

प्रशासन द्वारा कर्णप्रयाग, गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर के होटल संचालकों को रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और फायर सिलेंडर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
बदरीनाथ धाम के कपाट अब आगामी छह माह तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे, और भक्तजन प्रतिदिन भगवान बद्री विशाल के दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।
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big news
चमोली पीपलकोटी टनल हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 9, जिलाधिकारी ने की पुष्टि…

Pipalkoti Tunnel Accident : उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। सुरंग के भीतर अचानक पानी और मलबा आने के बाद कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए थे। हादसे के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
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चमोली पीपलकोटी टनल हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 9
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी के अनुसार, घटना के वक्त सुरंग के अंदर कुल 22 लोग मौजूद थे। रेस्क्यू टीमों ने रातभर अभियान चलाकर 19 लोगों को सुरंग से बाहर निकाल लिया। इनमें से 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
तीन लोग अब भी लापतास तलाश जारी
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद से अब भी तीन लोग लापता हैं। उन्हें खोजने के लिए सुरंग के अंदर राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

THDC की निर्माणीधीन टनल में हुआ ये हादसा
बता दें कि ये हादसा टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। देर शाम टनल के अंदर पानी और मलबा अचानक अंदर घुस गया था। जिस कारण 22 मजदूर अंदर ही फंस गए थे। रातभर चले रेस्क्यू अभियान के बाद 19 लोगों को बाहर निकाला जा सका।

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खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी, घटनास्थल का किया निरीक्षण

chamoli Tunnel Accident : चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया। पानी के रिसाव और भू-धंसाव के कारण सात लोगों की मौत हो गई। जबकि की लोग अब भी लापता हैं। आज सीएम धामी खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे। जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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खराब मौसम के बाद भी पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी
बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी। सीएम धामी ने टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया।
घायल श्रमिकों से भी मुलाकात करेंगे सीएम धामी
अब से कुछ ही देर में मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम भी जानेंगे। बता दें कि राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी व विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

मौके पर राहत और बचाव कार्य अब भी जारी
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।
टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत व बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वहीं 3 लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। जबकि हादसे में सात लोगों की मौत हो गई।
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चमोली में पीपलकोटी बड़ा हादसा, THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत, 3 लापता

Chamoli Tunnel Landslide : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर अचानक भूस्खलन के साथ पानी का तेज रिसाव शुरू हो गया। जिससे अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया जो कि अब भी जारी है।
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चमोली में THDC की टनल धंसने से अब तक 7 की मौत
पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में बीती रात बड़ा हादसा हो गया। पानी के रिसाव और भू-धंसावर के कारण मजदूर फंस गए। मिली जानकारी के मुताबिक टनल के भीतर कुल 22 लोगों के फंसे होने की आशंका थी।
लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन अन्य श्रमिकों की तलाश अभी भी जारी है। बचाव कार्य में शामिल छह रेस्क्यू कर्मी भी पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
हादसे के बाद से तीन मजदूर लापता
चमोली में हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि तीन मजदूर लापता हैं। रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों को पहले पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सीएम धामी ने की रेस्क्यू किए गए घायलों से बात
घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से पूरे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बचाव कार्य की ताजा जानकारी ली और अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित श्रमिकों के उपचार, देखभाल और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
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