Dehradun
नए वित्तीय बजट के लिए सरकार आम जनता से मांग रही सुझाव, किया जायेगा संवाद।

देहरादून – नए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। बजट को जनभावनाओं के अनुरूप बनाने के लिए सरकार ने बजट पर आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। 10 जनवरी 2024 तक कोई भी व्यक्ति बजट पर अपने सुझाव वेबसाइट, ई-मेल, व्हाट्सएप के माध्यम से सरकार को भेज सकते हैं।

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया, राज्य का बजट जनता का बजट होगा। बजट को जनता के सुझाव पर जनभावनाओं के अनुरूप बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने राज्य के वर्ष 2024-25 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कहा, प्रदेश का आम बजट बनाने में कुछ सुधार शुरू किए हैं। इसमें विभिन्न विभागों व सार्वजनिक संस्थाओं में कार्यरत मानव संसाधन की सटीक जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया। पहली बार विभागाध्यक्ष के स्तर पर आईएफएमएस पोर्टल पर स्वीकृत व कार्यरत पदों का पूर्ण विवरण भरने के बाद ही बजट की मांग करने का प्रावधान किया है।
बजट पर हितधारकों के साथ किया जाएगा संवाद
अग्रवाल ने बताया, सचिव स्तर पर विभाग में संचालित योजनाओं के लिए जेंडर बजट का प्रावधान करने की व्यवस्था की गई है। बजट तैयार करने में जनता की सहभागिता के लिए पिछले वर्ष में प्राप्त सुझाव का संज्ञान लेने के लिए सभी सचिवों को निर्देश दिए गए। नए वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के लिए लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
10 जनवरी 2024 तक वेबसाइट https://budget.uk.gov.in/feedback ,http://https://budget.uk.gov.in/feedback ईमेल budget- uk@nic.in और व्हाट्सएप मोबाइल नंबर 9520820683 पर सुझाव भेज सकते हैं। अग्रवाल ने बताया, पिछले साल की तरह इस बार भी बजट पर हितधारकों के साथ संवाद किया जाएगा।
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मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर, सरकारी आवास को भारी नुकसान

Mussoorie News : मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर खतरा बढ़ गया है। बोल्डरों की चपेट में आने से एक कमरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे कमरे की दीवार भी दोबारा ढह गई। भवन के अन्य हिस्सों में भी दरारें आने की सूचना है।
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मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर
मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर बोल्डर गिरने के कारण खतरा बढ़ गया है। घटना के बाद सरकारी आवास में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से पहाड़ी से रुक-रुककर बोल्डर गिर रहे हैं, जिसके चलते खतरा लगातार बना हुआ है।
पांच परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में बिताई रात
खतरे को देखते हुए सरकारी आवास में रहने वाले पांच परिवारों को रात सुरक्षित स्थान पर गुजारनी पड़ी। सभी परिवारों ने पूरी रात एसडीएम कार्यालय के एक हॉल में रहकर बिताई। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है और ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

कचहरी कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी के मुताबिक, जिस सरकारी आवास में पांच परिवार रह रहे हैं, वो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बोल्डर गिरने से भवन को काफी नुकसान पहुंचा है और मौजूदा हालात में वहां रहना जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन से तत्काल मदद की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का जल्द निरीक्षण कराने और तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के खतरे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मसूरी के कई पहाड़ी क्षेत्र संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
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नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!, उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’

Uttarakhand News : नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए उत्तराखंड सरकार एक बड़ी और संवेदनशील पहल करने जा रही है। अब नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को जेल जैसी बंदिशों का एहसास नहीं होगा, बल्कि उन्हें परिवार जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है।
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नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसके लिए ‘आलंबन गांव’ विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित माहौल के साथ-साथ घर जैसा अपनापन और स्वतंत्रता देना है।
उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक आईएएस बंशीलाल राणा के मुताबिक, नारी निकेतन में आने वाली कई महिलाएं और बच्चे खुद को एक बंद संस्थान या जेल जैसी जगह पर महसूस करते हैं। यही वजह है कि कई बार बच्चे वहां से निकलने या भागने की कोशिश तक करने लगते हैं।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग अब ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां रहने वाले लोगों को संस्थागत माहौल के बजाय परिवार जैसा वातावरण मिल सके।
16 घरों में मिलेगा परिवार जैसा माहौल
प्रस्तावित आलंबन गांव में कॉटेज और छोटे घर विकसित किए जाएंगे। यहां एक परिवार की तर्ज पर लोगों को रखा जाएगा। योजना के मुताबिक, एक यूनिट में करीब दो महिलाएं, चार बच्चे और एक किशोरी को शामिल किया जाएगा। इस तरह उन्हें एक परिवार की तरह साथ रहने का अवसर मिलेगा।
हर यूनिट में अलग किचन जैसी सुविधाएं भी होंगी, ताकि वहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के जीवन में ज्यादा स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का अनुभव हो सके। प्रस्तावित परिसर में कुल 16 घर विकसित किए जाएंगे, जिनमें करीब 88 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।

जेल नहीं, रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स जैसा होगा माहौल
आलंबन गांव की सबसे खास बात यही होगी कि यहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को यह महसूस न हो कि वे किसी जेल या बंद संस्थान में रह रहे हैं। इसके बजाय पूरा परिसर एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा, जहां सुरक्षा के साथ रहने, पढ़ाई, दैनिक जीवन और सामाजिक विकास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी खोले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक विद्यालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस पहल का मकसद सिर्फ महिलाओं और बच्चों को रहने की जगह देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे खुद को सुरक्षित, सम्मानित और परिवार का हिस्सा महसूस कर सकें।
5 एकड़ जमीन की हो रही है तलाश
आलंबन गांव विकसित करने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है। विभाग की पहली प्राथमिकता देहरादून जिले या उसके आसपास जमीन तलाशने की थी, लेकिन फिलहाल उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। अब विभाग की ओर से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि हरिद्वार में इसके लिए उपयुक्त जमीन मिल सकती है।
इसके अलावा उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में भी एक जमीन को लेकर संभावनाएं देखी जा रही हैं। विभाग यह जांच कर रहा है कि वहां की जमीन और परिस्थितियां आलंबन गांव के निर्माण के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।
महिलाओं और बच्चों को मिलेगा नया जीवन
आलंबन गांव की यह योजना सिर्फ एक नया भवन या परिसर तैयार करने की कवायद नहीं है, बल्कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों के प्रति सोच में बदलाव की कोशिश भी है।
अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो संस्थागत जीवन की जगह उन्हें परिवार जैसा माहौल, बेहतर स्वतंत्रता और सामाजिक वातावरण मिल सकेगा। इससे बच्चों और महिलाओं के मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन, 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी होंगे सम्मानित

Dehradun News : उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए चयनित नामों की घोषणा कर दी है।
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तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एक-एक महिला का चयन किया गया है, जबकि राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए विभिन्न जनपदों की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को सम्मान के लिए चुना गया है। दोनों पुरस्कार 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदान किए जाएंगे।
35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी होंगे सम्मानित
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार उत्तराखंड की उन महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने संघर्ष, साहस और समर्पण से समाज में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चयनित महिलाओं ने संस्कृति, खेल, वैज्ञानिक शोध, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, स्वरोजगार, समाजसेवा, महिला सशक्तीकरण और दिव्यांगजन कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

सरकार का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों को सामने लाना
रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाना है ताकि उनकी प्रेरक यात्रा नई पीढ़ी और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान महिलाओं के साहस, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।
उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व
मंत्री ने बताया कि इसी अवसर पर राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां मातृ और शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और महिला जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सरकार की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व है।
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