Dehradun
स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं एवं सुझावों को कर लिया नोट,सचिवों के विचार-विमर्श के बाद रखा जाएगा सीएम धामी के समक्ष, फिर होगा निर्णय।

देहरादून – मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि चारधाम यात्रा सुगम, सुव्यवस्थित, और सुरक्षित हो तथा यात्रियों एवं स्थानीय स्टेकहोल्डर्स को कोई समस्या न हो इस व्यवस्था पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आयुक्त गढवाल मण्डल विनय शंकर पाण्डेय ने यात्रा ट्रांजिस्ट कैम्प ऋषिकेश में चारधाम यात्रा से जुड़े चारधाम यात्रा जनपद से सम्बन्धित स्टेकहोल्डर्स, हितधारकों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए हितधारकों की समस्याओं को सुना तथा चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाऐ जाने के सम्बन्ध में सुझाव प्राप्त किए गए।

आयुक्त गढवाल मण्डल की अध्यक्षता में आयेाजित बैठक में चारधाम यात्रा मार्गों एवं धामो हेतु यात्रियों के पंजीकरण के सम्बन्ध मे विचार विमर्श । यात्रा मार्गों एवं धामों में स्थित होटलो, धर्मशालाओ, गेस्ट हाउसों में रूकने वाले यात्रियों की संख्या के आधार पर सुविधा, चारधाम यात्रा मे संचालित होने वाली टूर एंड ट्रेवल्स कम्पनियों, धामो में तीर्थ पुरोहितो के हित में पर्याप्त सुविधा, यात्रियों को धामों में दर्शन कराने की व्यवस्था हेतु पारदर्शिता बनाए रखने, ऋषिकेश एवं हरिद्वार में होटल, धर्मशालाओ, प्रतीक्षालयो मे यात्रियों के रूकने की सुविधा, यात्रा मार्गाे पर जनपदो मे स्थित पर्यटन विभाग/पर्यटन कार्यालयों से अपेक्षित कार्यों, श्री गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर समिति के कार्यों पर विचार विमर्श तथा सुझाव प्राप्त करते हुए यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो इस पर स्थानीय स्टेक होल्डर्स, व्यापरियों से विचार विमर्श करते हुए उनके सुझाव की भी प्राप्त किए।
आयुक्त गढवाल मण्डल ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड के साथ ही सम्पूर्ण भारत की महत्वपूर्ण यात्रा है, यात्रा का प्रथम चरण समाप्त हो गया है, सितम्बर के पहले सप्ताह से यात्रियों की संख्या बढ जाती है, तथा सितम्बर एवं अक्टूबर यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहता है। पुरानी यात्रा एवं इस यात्राओं के अनुभवों से यात्रा में किसी प्रकार और अधिक सुगम बनाया जाए। सभी पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि चारधाम यात्रा में यात्रियों एवं स्थानीय स्टेकहोल्डर्स को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो तथा किसी के हित प्रभावित न हो।
आयुक्त गढवाल मण्डल ने कहा कि स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं एवं सुझावों को नोट कर लिया गया है सम्बन्धित विभागों के सचिवों से विचार-विमर्श कर मुख्यमंत्री के सम्मुख सभी विषय रखे जाएंगे तथा जल्द से जल्द इन पर निर्णय लिया जाएगा।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले, कई चौकियों के प्रभारी बदले

Dehradun News : देहरादून में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत 28 उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई पुलिस चौकियों के प्रभारियों को बदला गया है। वहीं, पुलिस लाइन और एसएसपी कार्यालय में तैनात कुछ उपनिरीक्षकों को भी फील्ड में नई तैनाती दी गई है।
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देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 28 दरोगाओं के तबादले
तबादला सूची के अनुसार, आशारोड़ी चौकी प्रभारी विवेक भंडारी को सहसपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कालसी चौकी प्रभारी संदीप पंवार को सेलाकुई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया गया है। आराघर चौकी प्रभारी अश्वनी बलोनी अब ऋषिकेश की त्रिवेणीघाट चौकी का जिम्मा संभालेंगे, जबकि त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार को आराघर चौकी भेजा गया है।
कई चौकियों के प्रभारी बदले
एसएसपी कैंप कार्यालय में तैनात रविंद्र नेगी को हर्रावाला चौकी प्रभारी बनाया गया है। कुठालगेट, मयूर विहार, लालतप्पड़, श्यामपुर और बालावाला चौकियों में भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।

इस फेरबदल के तहत अन्य उपनिरीक्षकों को भी अलग-अलग थानों और पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एसएसपी के इस फैसले से जिले की पुलिस चौकियों और फील्ड स्तर पर तैनाती में बदलाव हुआ है।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी, मंत्री ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय

Uttarakhand News : उत्तराखंड की 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी है! लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहीं इन महिलाओं के लिए सरकार ने विधानसभा में बड़ा जवाब दिया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लिखित जवाब में कहा है कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी
उत्तराखंड में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? अगर सरकार मानदेय बढ़ाएगी, तो कितनी धनराशि की बढ़ोतरी की जाएगी ?
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय
इस सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी। हालांकि, कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा। यानी मानदेय बढ़ाने की बात तो सरकार ने कही है, लेकिन बढ़ोतरी की रकम और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने मिलते हैं 9 हजार रूपए
आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 9 हजार 300 रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यानी कुल 9 हजार 800 रुपये प्रतिमाह। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 5 हजार 250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। यानी कुल 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह। ऐसे में मानदेय बढ़ाने की सरकार की बात से इन महिलाओं की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि बढ़ोतरी कितनी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सके।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला, STF ने दिल्ली से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Dehradun News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा गया है। वह परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात था और उस पर नकल कराने वाले गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में एक और गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम और भूमिगत चैंबर में छिपाए गए लैपटॉप, राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सी सर्वर) की मदद से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इसके जरिए बाहर बैठे लोगों से परीक्षा के प्रश्न हल कराए जाते थे।
मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड जांचने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का निवासी है। एसटीएफ के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और परीक्षा के दौरान निगरानी रखने की थी।
आरोप है कि अंकित कुमार ने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को दूर से एक्सेस करने के लिए जरूरी आईपी संबंधी जानकारी नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई थी। एसटीएफ मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।







































