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भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाएं यात्रा से जुड़ी रणनीतियां: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाएं यात्रा से जुड़ी रणनीतियां: मुख्यमंत्री धामी
रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली
मुख्यमंत्री ने कहा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर अधिकारी संवेदनशीलता से करें कार्य
कर्मचारियों के लिए प्रशासन की ओर से तैयार गर्म जैकेट, यात्रा गाइडलाइन एवं बीमा किया लांच
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रुद्रप्रयाग पहुँच कर चारधाम एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदारनाथ जी से देश- विदेश के लोगों की श्रद्धा जुड़ी है और हर वर्ष बाबा के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले समय में यात्रा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही सभी रणनीति एवं योजनाएं बनाई जाएं। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर के साथ ही पेड़ लगाये जाने की पहल शुरू की जाए। इससे सड़क हादसों एवं नुकसान में कमी लायी जा सकेगी। जनपद में यह प्रयोग सफल होने पर पूरे राज्य में इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद रुद्रप्रयाग बाबा केदारनाथ जी का निवास स्थान है ऐसे में जनपद प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि यहां इस प्रकार की पहल शुरू हो और पूरा राज्य उसे अपनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विविधताओं से भरा राज्य है ऐसे में जनपद के भूगोल एवं अन्य संसाधनों को ध्यान में रखते हुए ही विकास की रणनीति बननी चाहिए। विकास के साथ साथ विरासत का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने वृक्षारोपण के अलावा जल संचय के लिए भी विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी हाल में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा बल खुद वीआईपी दर्शन की होड़ में न रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सड़क, स्वच्छता, शौचालय, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित रहने सहने की उचित व्यवस्था हो और इसे लगातार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को हेली सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्यता के साथ पेश आने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं आगामी मानसून सत्र के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला स्तर से की गई तैयारियों एवं नए प्रयासों की रिपोर्ट पेश की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, दर्जाधारी मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों के लिए गर्म जैकेट लांच किया
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा रूट पर तैनात सफाई कर्मचारियों, पीआरडी जवानों, स्वयंसेवकों, पुजारियों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए गर्म जैकेट एवं यूनीफॉर्म भी लॉन्च की। इसके साथ ही यात्रा रूट के लिए तैयार गाइडलाइन एवं हेल्प बुक की भी लांचिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए करवाए जा रहे सामूहिक बीमा मुख्यमंत्री ने लांच करते हुए पहला बीमा पत्र भी जारी किया।
यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
यात्रा संबंधी तैयारियां की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए दुग्ध विभाग की ओर बनाए गए आँचल कैफे का भी उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बनाई गई पार्किंग एवं पार्क का भी अवलोकन किया।
पिरुल लाओ धन पाओ की शुरुआत
मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अन्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा कार्यो का जायजा लिया तथा रतूडा के निकट चीड वन क्षेत्र में वनाग्नि रोकथाम में लगे वनकर्मियो एवं फायर वाचरो से मिले। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा फायर टीम के साथ फायर रेक द्वारा पिरूल हटाया तथा ब्लोअर को पिरूल हटाने व फायर लाइन सफायी में कारगर बताया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया कि वनाग्नि मुक्त चारधाम यात्रा हेतु प्रभाग के अन्तर्गत पाँच वनाग्नि नियत्रण सेक्टर बनाये गये है जो त्वरित एवं कुशल ढंग से आग को नियंत्रित करेगी । माननीय मुख्यमंत्री द्वारा चीड पिरूल का एकत्रीकरण कर ब्रेकैट बनाने को प्रोत्साहन देने पर बल दिया एंव स्थानीय रोजगार को जोडने की पहल “पिरुल लाओ धन पाओ” की शुरुआत स्वयं पिरुल एकत्रीकरण कर की। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने फायर लाइन प्रबंधन हेतु सामुदायिक भागीदारी एवं मिशन मोड पर किए जाने पर ज़ोर दिया।
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बड़ी खबर : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, मैक्स हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

BC Khanduri Death : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन हो गया है। खंडूरी की पुत्री व विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने क
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन
उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है।
लंबे समय से बीमार चल रहे BC khanduri का देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनकी पुत्री और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने की है।

बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक थे बीसी खंडूरी
उत्तराखंड की राजनीति में बीसी खंडूरी एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। सादगी, अनुशासन और साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाने वाले खंडूरी ने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साल 2007 में वो पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे और बाद में दोबारा भी उन्हें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, चकबंदी को लेकर मंत्रिमंडल ने लिया बड़ा फैसला, एक क्लिक में पढ़ें सारे फैसले

Dhami Cabinet Decisions : सीएम धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। बैठक में चकबंदी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजितमंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही बैठक में प्रदेश में चकबंदी को लेकर फैसला लिया गया है। उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी होगी। इसके लिए हर जिले में 10 गांवों का लक्ष्य रखा है। ये पूरी तरीके से डिजीटल होगी।
धामी कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले
- 1. मेडिकल कॉलेजों में समिति द्वारा तीन वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्तियां की जाती थीं, अब यह व्यवस्था सचिव स्तर पर संचालित होगी।
2. चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे में पुनर्गठन किया जाएगा। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
3. राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ मिलेगा।
4. लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के पद होंगे।
5. महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए कुल 16 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई।
6. लघु जल विद्युत परियोजनाओं की नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब डेवलपर्स के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य रहेगी।
7. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत शैक्षिक नियमावली को भी मंजूरी मिली।
राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
- वर्क फ्रॉम होम – सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नो व्हीकल डे – मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन – परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईवी पॉलिसी – इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेशी यात्राओं को किया जाएगा सीमित
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी। कंप्यूटर का ज्ञान के बजाय 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज का भी ज्ञान जरूरी सगंध पौध केंद्र का नाम परफ़्यूमरी अनुसंधान संस्थान होगा।
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तेल बचाने के लिए स्कूटी चलाकर फंस गए मंत्री जी, इंश्योरेंस और PUC दोनों निकले एक्सपायर, अब हो रहे ट्रोल …

Dehradun News : पीएम मोदी के आह्वान के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी स्कूटी से अपने कैंप कार्यालय पहुंचे थे। इस से वो पेट्रोल बचत का संदेश देना चाहते थे। लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि अब प्रदेश ही नहीं देशभर में उनकी चर्चाएं हो रही हैं।
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तेल बचाने के लिए स्कूटी चलाकर फंस गए मंत्री जी !
पेट्रोल बचाने और ईंधन संरक्षण का संदेश देने के लिए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया और स्कूटी से अपने आवास रवाना हुए। हालांकि, उनकी यह पहल दूसरे कारणों से चर्चा में आ गई।
इंश्योरेंस और PUC दोनों निकले एक्सपायर
जिस स्कूटी पर मंत्री सवार थे, उसका इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) एक्सपायर पाया गया। इतना ही नहीं, स्कूटी के पीछे उनका सरकारी वाहन भी चलता नजर आया। मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिसके बाद मंत्री को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।

पूरे मामले को लेकर सामने आई मंत्री जी की सफाई
मामले में मंत्री गणेश जोशी ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों की बचत की अपील की थी। इसके साथ ही सीएम धामी ने भी यही बात दोहराई। जिसके बाद उन्होंने कार्यक्रम के बाद ही अपने स्टाफ की स्कूटी से घर जाने का फैसला किया। ताकि लोगों तक पेट्रोल बचत का संदेश जा सके।
मंत्री ने एसएसपी से किया जुर्माना लगाने का अनुरोध
लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि जिस स्कूटी से वो घर पहुंचे उसका इंश्योरेंस और प्रदूषण की अवधि दोनों ही समाप्त हो चुके थे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा एसएसपी को पत्र दिया गया है जिसमें स्टाफ की स्कूटी के कारण जो भी नियम टूटे हैं उन पर जुर्माना लगाने के लिए अनुरोध किया गया है।

छोटी दूरी तय करने के लिए दोपहिया वाहन का करेंगे इस्तेमाल
इसके साथ ही मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भविष्य में भी वो छोटी दूरी तय करने के लिए दोपहिया वाहन का उपयोग जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि लंबी यात्राओं के लिए चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम रखने की कोशिश की जाएगी।
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