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UPSC NDA, CDS 2025: पंजीकरण की आखिरी तारीख नजदीक, अभी करें आवेदन !

UPSC CDS, NDA 1 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 2025 की संयुक्त रक्षा सेवा (CDS 1 2025) और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौसेना अकादमी (NDA, NA 1 2025) परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवारों के पास इन परीक्षाओं के लिए पंजीकरण करने के लिए बहुत कम समय बचा है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार जल्द ही UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण की अंतिम तिथि नजदीक
यदि आपने अब तक आवेदन नहीं किया है, तो आपको तुरंत पंजीकरण करना चाहिए क्योंकि अंतिम तिथि बहुत जल्द आने वाली है। अंतिम समय में किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए यह आवश्यक है कि उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया को जल्द पूरा करें।
UPSC OTR पंजीकरण: एक बार पंजीकरण करें
UPSC ने उम्मीदवारों के लिए ओटीआर (One Time Registration) पंजीकरण का प्रावधान किया है। उम्मीदवारों को जीवन में केवल एक बार पंजीकरण करना होता है, जिसके बाद वे सीधे परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि उम्मीदवार पहले से पंजीकृत हैं, तो वे सीधे परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
UPSC NDA, CDS सुधार विंडो
दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन सुधार की विंडो जनवरी में खुलेगी। उम्मीदवारों को सात दिन का समय दिया जाएगा, ताकि वे अपने आवेदन पत्र में आवश्यक सुधार कर सकें।
UPSC NDA, CDS परीक्षा तिथि
UPSC ने NDA-I और CDS-I की परीक्षा तिथि घोषित कर दी है। ये दोनों परीक्षाएं 13 अप्रैल, 2025 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी।
शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा
एनडीए परीक्षा के लिए, उम्मीदवारों को कक्षा 12वीं पूरी करनी होगी, जबकि सीडीएस परीक्षा के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों के आधार पर शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता होगी।
एनडीए-I के लिए आयु सीमा 2 जुलाई, 2006 से पहले और 1 जुलाई, 2009 के बाद जन्मे उम्मीदवारों के लिए निर्धारित की गई है। वहीं, CDS-I के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा अलग-अलग अकादमियों के अनुसार 19 से 25 वर्ष के बीच होगी।
आवेदन शुल्क
- CDS परीक्षा: सामान्य उम्मीदवारों के लिए 200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी, और महिला उम्मीदवारों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- NDA परीक्षा: सामान्य उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी, महिला उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है।
कैसे करें आवेदन
- UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
- “CDS 1 2025” या “NDA 1 2025” लिंक पर क्लिक करें।
- ओटीआर पंजीकरण करें या यदि पहले से पंजीकृत हैं तो लॉगिन करके आवेदन भरें।
- आवेदन शुल्क का भुगतान करें और आवेदन पत्र को सबमिट करें।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग

Haridwar News : हरिद्वार के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक का बैग दरगाह परिसर में लावारिस हालत में मिला, जिसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, वहीं पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता
बिहार निवासी शंकर सिंह भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में है। उनका बेटा सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। बताया गया है कि सत्यम लंबे समय से अपने पिता के संपर्क में भी नहीं था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।
लावारिस हालत में मिला बैग
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पिरान कलियर पुलिस को दरगाह परिसर से एक काला बैग मिला था। बैग लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने इसकी सूचना सत्यम के पिता को दी। 18 अक्टूबर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उन्हें सौंप दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की युवक की गुमशुदगी
बैग की जांच के दौरान उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनसे बैग की पहचान सत्यम से जुड़ी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य माध्यमों से सत्यम का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों और उसके संभावित ठिकाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Dehradun
उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
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1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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