Uttarakhand
उतरकाशी: नाकुरी गाड़ के बरसाली में भारी बारिश ने मचाई तबाही, घरों में भरा पानी खेत खलियान बर्बाद।

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी में बादल फटने की खबर सामने आई है। यहां नाकुरी गाड़ के बरसाली क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। सिंगोट की भी कई जगहों पर लोगों के खेत बर्बाद हो गए। घरों में पानी भर गया। सुरक्षा दीवार बह जाने से गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है।

गत रात्रि को भारी बारिश और बादल फटने की घटना से ना्कुरी गाड़ ने बरसाली क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। नाकुरी गाड़ में बाढ़ आने से ग्रामसभा सिंगोट, ग्रामसभा मांगली सेरा, ग्रामसभा बरसाली के नाकुरी में काश्तकारों को भारी नुकसान पहुंचा है। लोगों के शौचालय, छानिया और घर क्षतिग्रस्त हो गए।
मांगली सेरा, सिंगोट, मलान गांव, नाकुरी में गांव के सुरक्षा दीवार बह जाने से गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग और लघु सिंचाई विभाग की दर्जनों नहरें बाढ़ में बह जाने से सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है।
Ramnagar
रामनगर में बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप, 80 से ज्यादा परिवारों के आशियाने उजड़े

Ramnagar News : रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई।
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रामनगर में बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप
रामनगर में इस अभियान के तहत करीब 80 से 82 परिवारों के कच्चे और पक्के मकानों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं।
प्रशासन की ये कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे चरण के तहत की जा रही है। अभियान शुरू होने से पहले ही शुक्रवार देर रात कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। प्रभावित लोग घरों से ईंटें, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने तय कार्यक्रम के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

80 से ज्यादा परिवारों के आशियाने उजड़े
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में वर्ष 2025 के दौरान अभियान के पहले चरण में करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। वहीं दूसरे चरण में 90 से अधिक परिवारों को अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इनमें से 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। ऐसे में शेष 80 से 82 परिवारों के मकानों को हटाया जा रहा है।
कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों में डर और मायूसी का माहौल देखने को मिला। कई महिलाएं और पुरुष अपने घर उजड़ने की आशंका से भावुक नजर आए। प्रभावित परिवारों का कहना है कि ठंड के मौसम में वे अपने बच्चों और परिवार के साथ आखिर कहां जाएंगे। जिन घरों में कभी परिवारों की जिंदगी बसी थी, उन्हें अपनी आंखों के सामने टूटता देख लोगों की परेशानी साफ नजर आई।
प्रशासन ने पहले से की थी व्यापक तैयारी
अतिक्रमण हटाने के अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत योजना तैयार कर ली थी। वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में बांटा है। इसका उद्देश्य कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटना है। फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन का ध्वस्तीकरण अभियान जारी है।
Haridwar
कुंभ मेले में नहीं होगी राशन की कमी, केंद्र ने उत्तराखंड को दिया बड़ा आवंटन

Haridwar News : धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को बड़ी मदद मिली है। केंद्र ने अर्धकुंभ मेले के लिए राज्य को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किया है। इसमें गेहूं और चावल की बराबर मात्रा शामिल है।
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कुंभ मेले के लिए केंद्र ने उत्तराखंड को दिया बड़ा आवंटन
अर्धकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और अन्य व्यवस्थाओं के लिए खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त आवंटन की मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी दी।
7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल शामिल
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से आवंटित कुल खाद्यान्न में 7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त आवंटन से मेले के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने जताया पीएम मोदी का आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है। गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार अर्धकुंभ-2027 को लेकर आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई थी। इसके साथ ही मेले के लोगो का अनावरण और थीम सॉन्ग का लोकार्पण भी किया गया। आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अर्धकुंभ से जुड़ी जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
Breakingnews
चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत

Chamoli News : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरने वाला एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बर्फबारी के बीच बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम भी उसकी लोकेशन पता नहीं लगा सका। कुछ देर बाद हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली।
पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
प्रशासन के अनुसार, भारतीय सेना ने सबसे पहले चमोली के जिलाधिकारी को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सेना, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के लिए मौके पर रवाना की गईं। हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई।
कई कंपनियों के बीच बंटी थीं परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां
यूसीएडीए के हेड ऑफ ऑपरेशंस के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था। इसे चार्टर उड़ानों के संचालन के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। जानकारी के अनुसार, शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना एनएसओपी (नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट) नहीं था। कंपनी ने डीजीसीए में परमिट के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया जारी थी। इस दौरान उड़ानों के संचालन के लिए दूसरी कंपनी के परमिट का इस्तेमाल किया जा रहा था।
संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास
हेलीकॉप्टर के संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास थी। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था, जबकि इसका संचालन लीज पर शिव भोले ट्रेवल मार्ट कर रहा था। उड़ान भरने वाले पायलट चिप्सन कंपनी के थे और हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर के स्वामित्व, संचालन, परमिट और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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