Uttarkashi
दिसंबर बीत गया पर अब तक नहीं हुई बर्फबारी, जम गए नदी- घरने, काश्तकार परेशान

Uttarkashi News : दिसंबर माह बीत जाने और जनवरी माह शुरू हो चुका है। लेकिन गंगोत्री धाम में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है। जिस कारण बारहमासी पानी से सदाबहार रहने वाले छोटी-बड़ी नदियां पूरी तरह जम चुके हैं। बर्फबारी ना होने के कारण काश्कात परेशान हैं।
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दिसंबर बीत गया पर अब तक नहीं हुई बर्फबारी
दिसंबर का महीना बीत गया है और जनवरी का पहला सप्ताह भी खत्म होने को है। लेकिन अब तक गंगोत्री धाम में बर्फबारी नहीं हुई है। जनवरी का पहला सप्ताह बीतने को है लेकिन गंगोत्री धाम में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है। बारिश और बर्फबारी ना होने के कारण नदी-झरने जम गए हैं। पाले की मोटी परतों ने उन्हें ढांक लिया है।

बर्फबारी ना होने के कारण काश्तकार परेशान
बर्फ न गिरने के कारण सेब बागवान और अन्य काश्तकार निराश नजर आ रहे हैं। क्योंकि समय पर बर्फबारी न होने के कारण काश्तकार काफी चिंतत है। सूखे के कारण मटर, गेंहूं आदि की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है।
गंगोत्री में इन दिनों तापमान माइनस जीरो डिग्री से लेकर माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस जा रहा है। इसके बावजदू वहां पर इन दिनों करीब 25 साधु साधनारत हैं। इसके साथ ही गंगोत्री नेशनल पार्क के छह और पुलिस के दो कर्मचारी सहित गंगोत्र मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात हैं। जिससे उन्हें भी काफी दिक्कतें हो रही है।
पाले के कारण लोग हुए परेशान
गंगोत्री धाम में सबसे ज्यादा दिक्कतें धाम में हो रही है। वहां पेयजल लाइनों में पानी के जमने से हो रही है। इसके साथ ही शीतलहर बढ़ने से धाम में ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। कनखू बैरियर इंचार्ज राजवीर रावत ने बताया कि गंगोत्री धाम में इस सीजन में अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है।

लेकिन तापमान में भारी गिरावट आने के कारण गंगोत्री सहित गोमुख ट्रैक के सभी नदी नाले पूरी तरह जम चुके हैं। पाले की कई इंच मोटी परत के बीच भागीरथी नदी में बहुत कम पानी बह रहा है। साथ ही केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला, चीड़बासा नाला भी पूरी तरह जम चुके हैं। गंगोत्री में पानी की आपूर्ति के लिए पाले को आग में पिघलाकर पूरा किया जा रहा है।
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उत्तरकाशी में भतीजे की पत्नी से था प्रेम संबंध, 3 साथियों संग चाचा को पीट-पीटकर मार डाला

Uttarkashi News : चिन्यालीसौड़ के बधाण गांव में रिश्तों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मारपीट के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान रोशनलाल के रूप में हुई है। मामले में उसके रिश्ते के भतीजे समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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उत्तरकाशी में भतीजे की पत्नी से था प्रेम संबंध
पुलिस के मुताबिक 28 सितंबर को रोशनलाल अपने रिश्ते के भतीजे की पत्नी को लेकर चला गया था। महिला के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को चिन्यालीसौड़ से बरामद किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी थी। तय हुआ था कि महिला रोशनलाल के साथ रहेगी और अपने पति से कानूनी तौर पर तलाक लेने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
3 साथियों संग चाचा को पीट-पीटकर मार डाला
बता दें कि इसी सिलसिले में बीते शनिवार को दोनों पक्ष न्यायालय पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने से पहले महिला के पति अर्जुन ने अपने तीन साथियों विकास, वीरेंद्र और केशव के साथ मिलकर रोशनलाल को उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग की ओर ले गया।
आरोप है कि वहां चारों ने रोशनलाल के साथ जमकर मारपीट की। गंभीर हालत में रोशनलाल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन आरोपी उसे अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद रोशनलाल के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर नगर कोतवाली में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल दिनेश कुमार के अनुसार मामले की जांच जारी है। वहीं, जीरो एफआईआर को आगे की कार्रवाई के लिए धरासू थाने भेज दिया गया है।
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यमुनोत्री यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की मौत, यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वालों की संख्या हुई 34

Uttarkashi News : यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए दो यात्रियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसमें से एक यात्री की जानकीचट्टी के पास मौत हो गई। जबकि दूसरी महिला यात्री ने बड़कोट अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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यमुनोत्री यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की मौत
यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंचे दो श्रद्धालुओं की शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। एक श्रद्धालु ने जानकीचट्टी के पास दम तोड़ा, जबकि महिला तीर्थयात्री की बड़कोट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।
अल्पातल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के रहने वाले 66 वर्षीय गंगधार बीशेठी यमुनोत्री धाम की ओर जा रहे थे। यात्रा मार्ग में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं, महाराष्ट्र की 49 वर्षीय लक्ष्मी बाई, पत्नी नामदेव गतीर, दोबाटा में ठहरी हुई थीं। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए बड़कोट अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वालों की संख्या हुई 34
पुलिस के एसआई विक्रम सिंह के अनुसार, दोनों घटनाओं में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को हुई इन दो मौतों के साथ ही इस ग्रीष्मकालीन यात्रा सीजन में यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
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उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, पीएचसी आराकोट में आग लगने से सेवानिवृत्त ANM की मौत

Uttarkashi News : उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट के पुराने भवन में मंगलवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा भवन इसकी चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया। हादसे में भवन में रह रहीं सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती जैन की दर्दनाक मौत हो गई।
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उत्तरकाशी में पीएचसी आराकोट में लगी भीषण आग
मंगलवार देर रात पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को घेर लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए मोरी और त्यूणी के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू से भी अग्निशमन वाहन बुलाए गए।
सेवानिवृत्त ANM की जिंदा जलने से मौत
तीनों स्थानों से पहुंची दमकल टीमों और पुलिस-प्रशासन ने कई घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक स्वास्थ्य केंद्र का पुराना भवन पूरी तरह जल चुका था। हादसे के दौरान भवन के अंदर मौजूद सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती जैन की जान नहीं बच सकी। वो लंबे समय से इसी पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में अकेली रह रही थीं।

उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पार्वती जैन स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद से वर्षों से इसी भवन में निवास कर रही थीं। सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि पार्वती जैन मूल रूप से देहरादून के आराघर क्षेत्र की रहने वाली थीं। उनके पास समय-समय पर उनकी एक मुंहबोली बेटी भी मिलने आती थी।
हादसे में उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।








































