big news
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के ये हाल, जन्म नहीं लेकिन मौत की गारंटी !, डिलीवरी से पहले कराए जिम्मेदारी के साइन

Uttarkashi News : उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों के रेफर सेंटर बनने की खबरें अक्सर सामने आती हैं। लेकिन उत्तरकाशी से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में प्रसव के लिए गई महिला के परिजनों से कर्मचारियों ने प्रसव के बाद मौत अस्पताल की ना होने पर दस्तखत करवाए।
Table of Contents
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की जन्म नहीं लेकिन मौत की गारंटी !
एक प्रसूता दर्द में कहरा रही है और परिजन उसे अस्पताल ले जाते हैं। लेकिन कर्मचारी ईलाज से पहले मौत की जिम्मेदारी को लेकर हस्ताक्षर करवाते हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाला और इंसानियत को झकझोर देने वाली ये घटना Uttarkashi जिले के नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आई है।
मिली जानकारी के मुताबिक यहां प्रसूता को डिलीवरी के लिए ले जाया जाता है। लेकिन कर्मचारी उसका प्रसव कराने की तैयारी नहीं बल्कि अस्पताल प्रबंधन परिजनों से एक एग्रीमेंट साइन करवाता है। जिस पर लिखा होता है कि “अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है, न ब्लड बैंक की सुविधा है और न ही ऑपरेशन की व्यवस्था। इसके साथ ही पत्र में जच्चा-बच्चा की मौत की जिम्मेदारी अस्पताल की ना होने की बात लिखी गई।

Uttarkashi में डिलीवरी से पहले कराए जिम्मेदारी के साइन
बता दें कि इस पत्र में लिखा गया है कि “हमे बता दिया गया है कि इस अस्पताल मे कोई भी विषेशज्ञ डाक्टर नहीं हैं और न ही ब्लड बैंक और आप्रेश की सुविधा है प्रसव के दौरान होने वाले सभी खतरों के बारे में हमें अवगत करा दिया गया है, और मै इसके बावजूद भी अपनी पत्नी का प्रसव सामु०स्वा० केन्द्र नौगांव में उपलब्ध सीमित सुविधाओं के साथ करवाना चाहता हूं।
प्रसव के दौरान ज्यादा रक्तश्राव होने से मां और बच्चे के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना घट सकती है जिसमे मृत्यु भी भाामिल है यह सब जानते हुए हम इसी अस्पताल मे उपलब्ध सीमित सुविधाओं मे प्रसव कराने के लिए तैयार हैं। यदि उपरोक्त कोई भी घटना घटती है तो उसके लिये मैं स्वयं जिम्मेदार रहूंगा, इसके लिए अस्पताल के कर्मचारी और अधिकारी जिम्मेदार नही होगें।”

मौत का सौदागर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग
अस्पताल प्रबंधन द्वारा ऐसा पत्र लिखवाया जाना प्रदेश के लोगों को भद्दा मजाक ही नहीं है बल्कि ये उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता है। भले ही स्वास्थ्य मंत्री और सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लाख दावे करे लेकिन इस एक घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
Uttarkashi की इस घटना को देखकर ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग इलाज देने वाला ना बनकर मौत का सौदागर बन गया है। क्योंकि ये किसी एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल नहीं है बल्कि पूरे पहाड़ के हर अस्पताल का यही हाल है। जिसके मामले गाहे-बगाहे सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आते रहते हैं।
क्या पहाड़ों पर रहने वालों की जान का नहीं है कोई मोल ?
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि मरीजों और प्रसूताओं को रेफर कर देना या इस तरीके से मजबूरन उनसे जिम्मेदारी के लिए साइन करवाना कहां तक ठीक है ?, पहाड़ के लोगों की जान का कोई मोल नहीं है।
क्या उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि एक सुरक्षित प्रसव तक सरकारी अस्पतालों में नहीं हो सकता। अगर ऐसा नहीं हो सकता तो सरकार क्यों हर सुविधा होने के दावे करती है ? Qj आखिर कब तक पहाड़ की महिलाएं और अन्य लोग रेफर-रेफर के खेल में अपनी जान गंवा देंगे ?
big news
2027 चुनाव से पहले भाजपा में हलचल! जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। सोमवार,को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी का आगामी चुनाव और चकराता क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
Table of Contents
1.रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल
2.कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
3.भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में थामा पार्टी का हाथ
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामशरण नौटियाल ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामशरण नौटियाल का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी में शामिल किया।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे रामशरण नौटियाल
रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। अब लगभग 12 साल बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। भाजपा से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने की बात कही थी। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब कांग्रेस में शामिल होने के साथ विराम लग गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वापसी का चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। साथ ही, आगामी चुनाव में कांग्रेस उन्हें किस तरह की भूमिका देती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
big news
दुष्यंत गौतम ने संभाली सिक्किम के राज्यपाल की कमान, गंगटोक में ली शपथ

देहरादून।सिक्किम में नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम ने पदभार संभाल लिया है। सोमवार को गंगटोक स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने राज्यपाल पद की शपथ ली सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी इस समारोह में मौजूद रहे। इसके साथ ही सिक्किम में दुष्यंत कुमार गौतम की नई संवैधानिक पारी की शुरुआत हो गई है।

लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
सिक्किम की राजधानी गंगटोक स्थित लोक भवन में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इससे एक दिन पहले रविवार को गौतम गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे, जहां राज्य के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, गंगटोक नगर निगम के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

भाजपा संगठन से राज्यसभा तक का सफर
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में पार्षद के रूप में काम कर चुके हैं। मार्च 2020 में वह हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और अगस्त 2022 तक सांसद रहे। अब सिक्किम के राज्यपाल के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है।
Uttarakhand
राज्यपाल बनने के बाद सीएम धामी से मिले डॉ. ढाल सिंह बिसेन, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

देहरादून। उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में ली शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून के लोक भवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लेते हुए नई जिम्मेदारी संभाल ली।

सीएम धामी ने दी बधाई और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल बनने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति योगदान का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन से प्रदेश के विकास कार्यों को गति मिलेगी।शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन के बीच हुई मुलाकात को प्रदेश के संवैधानिक नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।
Breakingnews15 hours agoडॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
Dehradun12 hours agoउत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम
big news14 hours agoदुष्यंत गौतम ने संभाली सिक्किम के राज्यपाल की कमान, गंगटोक में ली शपथ
Uttarakhand14 hours agoराज्यपाल बनने के बाद सीएम धामी से मिले डॉ. ढाल सिंह बिसेन, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
big news12 hours ago2027 चुनाव से पहले भाजपा में हलचल! जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ
Dehradun9 hours agoविजयदशमी पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं, प्रदेशवासियों के लिए की सुख-समृद्धि की कामना








































