Uttarkashi
उत्तरकाशी में वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त महिला को लगा करंट, मौके पर ही मौत

Uttarkashi News : उत्तरकाशी में वॉशरूम वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त दर्दनाक हादसा हो गया। महिला को करंट लग गया जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त महिला को लगा करंट
उत्तरकाशी में शुक्रवार शाम तहसील बड़कोट के ग्राम सुनाल्डी की मीना देवी (55) वॉशरूम में वाटर हीटिंग रोड में पानी गर्म कर रही थी। इसी दौरान महिला को करंट लग गया।
आनन- फानन में महिला को लेकर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
वॉटर हीटर रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां
- 1. हमेशा अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी में ही वॉटर हीटर रॉड का उपयोग करें। रॉड को कभी भी खाली हालत में पहले से गर्म न करें।
- 2. हीटर रॉड को पहले पानी में डुबोएं, उसके बाद ही स्विच ऑन करें। चालू होने के बाद बाल्टी या पानी को छूने से बचें।
- हीटर लगाते समय पैरों में रबर की चप्पल या सैंडल जरूर पहनें, ताकि करंट लगने का खतरा कम रहे।
- 3. स्विच बंद करने के बाद भी तुरंत हीटर या पानी को हाथ न लगाएं। कम से कम 10–15 सेकंड इंतजार करें।
- 4. एक ही हीटर रॉड को बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। लगभग दो साल बाद इसे बदल देना बेहतर होता है या पहले किसी इलेक्ट्रिशियन से जांच करा लें।
- 5. हमेशा अच्छी कंपनी का हीटर रॉड खरीदें और उसकी सही वाट क्षमता (Watt) का ध्यान रखें।
- 6. पानी गर्म हो जाने के बाद हीटर को प्लग से निकालना न भूलें। लंबे समय तक चालू रहने से हीटर ओवरहीट होकर आग का कारण बन सकता है।
- 7. जब तक स्विच ऑन हो, तब तक पानी में हाथ न डालें। करंट लगने की आशंका रहती है। स्विच बंद करने के कुछ सेकंड बाद ही हीटर बाहर निकालें।
- 8. हीटर को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें और इसे बाथरूम जैसे गीले स्थानों पर इस्तेमाल करने से बचें।
- 9. हीटर निकालने के बाद भी वह कुछ समय तक गर्म रहता है, इसलिए उसे प्लास्टिक बाल्टी या अन्य सामान से दूर रखें, वरना प्लास्टिक पिघल सकता है।
- 10. हीटर को लंबे समय तक लगातार चालू न छोड़ें। जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
Uttarkashi
उत्तरकाशी में भतीजे ने चाचा पर कुल्हाड़ी से किया वार, इलाज के दौरान मौत

Uttarkashi News : उत्तरकाशी से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां आपसी विवाद में एक युवक ने अपने ही चाचा की हत्या कर दी। इस खबर के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।
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उत्तरकाशी में भतीजे ने चाचा पर कुल्हाड़ी से किया वार
उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड की फतेपर्वत पट्टी के बरी गांव में आपसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कहासुनी के बाद एक युवक ने अपने ही चाचा पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल चाचा की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
मामूली कहासुनी के बाद युवक ने किया हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह बरी गांव निवासी करम चंद उर्फ गांधी और उनके भतीजे सुमन चंद उर्फ सुबेन के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और सुमन ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से अपने चाचा पर हमला कर दिया।
हमले में करम चंद की गर्दन और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।
पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी
वारदात की जानकारी मिलते ही मोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष दीपक रावत पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस उपाधीक्षक चंचल शर्मा के मुताबिक, घटना की जांच की जा रही है और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी का माहौल है।
Accident
Uttarkashi Accident News : गंगोत्री हाईवे पर टला बड़ा हादसा , खाई के मुहाने पर अटका कांवड़ यात्रियों से भरा एक पिकअप

Uttarkashi Accident News: पापड़गाड़ में खाई के मुहाने पर अटका पिकअप, बाल-बाल बचे कांवड़ यात्री
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कांवड़ यात्रियों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खिसक गया और सीधे खाई के मुहाने पर जाकर अटक गया।
समय रहते शुरू किए गए बचाव अभियान और प्रशासनिक तत्परता के कारण वाहन में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
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नियंत्रण खोने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन कांवड़ यात्रियों को लेकर गंगोत्री धाम की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही वाहन पापड़गाड़ के समीप पहुँचा, चालक का उस पर से नियंत्रण छूट गया।
वाहन मुख्य सड़क से फिसलकर नीचे गहरी खाई और उफनती गंगा नदी की ओर खिसकने लगा। हालांकि, किस्मत से पिकअप सीधे ढलान के मुहाने पर ही अटक गया। यदि वाहन कुछ इंच और नीचे खिसक जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
BRO और स्थानीय पुलिस का त्वरित रेस्क्यू
घटना घटते ही आसपास मौजूद राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची।
BRO के भारी उपकरणों और जेसीबी मशीनों की मदद से खाई की ओर लटके वाहन को बांधकर सावधानीपूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला गया। वाहन में सवार सभी कांवड़ यात्रियों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
मानसून के दौरान यात्रा में सावधानी बरतने की अपील
मामले की जानकारी देते हुए आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि वाहन चालक समेत सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
मानसून के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने गंगोत्री हाईवे से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है। लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए संवेदनशील इलाकों में रफ्तार सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Uttarkashi
उत्तरकाशी में पापड़गाड़ में फिर धंसा गंगोत्री हाईवे, डरा रहीं बड़ी-बड़ी और चौड़ी होतीं दरारें

Uttarkashi News : उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र में पापड़गाड़ के पास गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर भू-धंसाव की स्थिति सामने आई है। सोमवार सुबह सड़क पर करीब 50 मीटर लंबी दरार दिखाई देने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई। कुछ ही घंटों में दरार चौड़ी होने लगी, जिसके चलते हाईवे पर लगभग चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
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उत्तरकाशी में पापड़गाड़ में फिर धंसा गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र में पापड़गाड़ के पास गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन बढ़ गया है। एक बार फिर से बड़ी-बड़ी दरारें नजर आने लगी हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए केवल दोपहिया वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी। बाद में सड़क पर बनी दरारों में मिट्टी और अन्य सामग्री भरकर यातायात को दोबारा शुरू कराया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फिलहाल अस्थायी व्यवस्था है और समस्या का स्थायी समाधान अभी भी जरूरी है।
पिछले साल भी धंस चुका है हाईवे
पापड़गाड़ क्षेत्र में भू-धंसाव कोई नई समस्या नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले साल अगस्त में आई आपदा के दौरान इसी हिस्से में करीब 100 मीटर तक सड़क का हिस्सा धंस गया था। इसके कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब तीन दिनों तक आवाजाही पूरी तरह बंद रही थी।

उस दौरान धराली और हर्षिल क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाने वाली टीमों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। हाईवे बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने वाली राहत व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी।
वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से बढ़ी चिंता
पापड़गाड़ के इस हिस्से को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि गंगोत्री हाईवे के बंद होने की स्थिति में लोगों के पास कोई प्रभावी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सड़क पर लगातार बढ़ रही दरारें स्थानीय ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल की घटना के बाद भी अब तक इस संवेदनशील हिस्से के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। प्रताप प्रकाश, संजीव नौटियाल और केशव नौटियाल समेत अन्य स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराने और स्थायी सुरक्षा कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।
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