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व्यावहारिक कठिनाइयों एवं शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक: रेखा आर्य

देहरादून – खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने खाद्य सचिव को लिखा पत्र दिए महत्वपूर्ण निर्देश उनके अनुसार राज्य के समस्त विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों के खाद्य विभाग से संचालित सस्ते गल्ले/राशन दुकानदारों सस्ता राशन गल्ले को दूरभाष के जरिये अवगत कराया गया है की उनकी निम्नलिखित व्यावहारिक कठिनाइयों एवं शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।

1: जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा 5 माह का राशन एक साथ उठाए जाने को कहा जा रहा है। दुकानदारों के पास भंडारण की क्षमता ना होने के कारण राशन खराब होने की आशंका है, इस पर तत्काल रोक लगा दी जाए तथा पूर्व प्रचलित व्यवस्था को कायम रखा जाए।
2: जिन राशन विक्रेताओं की #बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन हो चुकी है तथा जहां पर सुचारू व्यवस्था बनी हुई है उसे यथावत चलने दिया जाए, किंतु जहां पर विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, शैडो एरिया होने, अंगूठे के निशान ना होने की व्यवहारिक कठिनाइयों से बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न हो रही है, वहां पर उनका समाधान होने तक यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अस्थाई रूप से रोक दिया जाए।
3: अधिकांश क्षेत्रों में नेटवर्क ना होने के कारण बिना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जनता को राशन से वंचित होना पड़ रहा है, जबकि बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किए जाने पर एफआईआर दर्ज किए जाने की चेतावनी दी जा रही है। समाधान होने तक बायोमेट्रिक पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी जाए।
4: राशन डीलरों को दिए गए सरकारी लैपटॉपों की खराब वह घटिया किस्म के होने की शिकायतों की जांच करके इनके स्थान पर अच्छी कंपनी के लैपटॉप दिए जाएं।
5: समस्त खाद्यान्न भंडारों में दुकानदारों को बिना तोले राशन लेने को बाध्य किया जाता है। दुकानदारों को खाद्यान्न भंडारों में धर्मकांटा खाद्यान्न धर्म कांटा लगा कर राशन तोलकर वितरित किया जाए।
6: सोमेश्वर खाद्यान्न भंडार की भंडारण क्षमता जनहित के दृष्टिगत विस्तारित किए जाने की मांग के दृष्टिगत जनहित में तुरंत अपेक्षित कार्रवाई की जाए।
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कैबिनेट विस्तार के बाद हुई मंत्रिमंडल पहली बैठक समाप्त,16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर

DHAMI CABINET: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक, 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर
DHAMI CABINET: उत्तराखंड में हाल ही में हुए धामी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. सरकार गठन के बाद ये पहला मौका था जब कैबिनेट बैठक में कोरम के सभी 12 मंत्री मौजूद रहे. इस बैठक में 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगी.
मुख्य बिंदु
बैठक में मौजूद रहे कोरम के सभी मंत्री
देहरादून स्थित सचिवालय में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री धामी ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और राज्य के विकास कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया. साथ ही इस बैठक में धामी सरकार के 4 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी से प्राप्त शुभकामना संदेश का मुख्य सचिव ने विधिवत वाचन किया.

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धामी कैबिनेट के 16 अहम फैसले
- लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी को स्वीकृति.
- न्याय विभाग में कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन नॉमिनल ब्याज दर पर मिलेगा.
- वन विभाग में प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष की गई (कार्मिक विभाग के अनुरूप).
- ऊर्जा विभाग में सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक सीमित रहेगा.
- उच्च शिक्षा विभाग में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रीमियम पर प्रस्तुति दी गई.
- गृह विभाग में 2025 में नई नियमावली लागू करने को मंजूरी.
- उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली तैयार की गई.
- भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञ नियुक्ति की अनुमति.
- कार्मिक विभाग में सिपाही और उप निरीक्षक भर्ती नियमों में संशोधन के बाद अभ्यर्थियों को दोबारा मौका मिलेगा (पुलिस, PAC, अग्निशमन, प्लाटून आदि).
- माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों के अध्ययन के लिए उपसमिति बनाने का निर्णय.
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया.
- गेहूं और धान खरीद पर केंद्र के बराबर मंडी शुल्क राज्य सरकार भी देगी.
- उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में
- 10% लक्ष्य पूर्व सैनिक और पूर्व अग्निवीर के लिए आरक्षित
- अतिरिक्त 5% सब्सिडी का प्रावधान
- नियोजन विभाग के तहत सेतु आयोग में नए टच (प्रावधान) को कैबिनेट की मंजूरी.
- पंचम विधानसभा सत्रावसान को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी.
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देहरादून में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म, 65 साल के बुजुर्ग ने बनाया मासूम को हवस का शिकार

Dehradun News : देहरादून से झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 65 साल के बुजुर्ग ने 10 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी मच गई है।
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देहरादून में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म
देहरादून के सहसपुर में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता की मां ने इस मामले में सहसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 22 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घराट के अंदर बुलाकर बच्ची को बनाया हवस का शिकार
पीड़िता की मां की शिकायत के मुताबिक आरोपी ने उसकी बेटी को पहले घराट के अंदर बुलाया और उसके बाद उसके साथ घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कोतवाली सहसपुर के एसएचओ शंकर सिंह बिष्ट के अनुसार, घटना के दिन ही पुलिस टीम ने 65 वर्षीय आरोपी बलजीत सिंह, निवासी इंद्रीपुर, को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
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बड़ी खबर : सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा, जानें किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?

Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री धामी ने बांटे विभाग, जानें किसे मिला कौन सा विभाग ?
Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। हाल ही में पाँच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए।
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सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा
सीएम धामी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।
जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग खुद देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।

नवनियुक्त मंत्रियों में किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?
सीएम धामी ने इन 25 विभागों के अलावा विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं। ताकि विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
हाल ही में किया गया था कैबिनेट का विस्तार
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, मंत्रिमंडल में पाँच पद लंबे समय से रिक्त चल रहे थे, जिनमें तीन पद पहले से खाली थे, एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद रिक्त हुआ था, जबकि एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ। इन परिस्थितियों में संबंधित विभागों का दायित्व भी मुख्यमंत्री के पास ही था।

ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी, वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।
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