Dehradun
श्रमिकों का रेस्क्यू करने के बाद आज सीएम अवास पर मनाया ईगास पर्व का जश्न, श्रमिकों के परिजनों ने किया धामी का आभार व्यक्त।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को देर सांय तक सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के सकुशल बाहर आने की खुशी में हर्ष पर्व के रूप में इगास मनायी गयी। इस अवसर पर श्रमिकों के परिजन भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों का माल्यार्पण करनें के साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक दलों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्य की लोक संस्कृति से श्रमिकों के परिजन भी रूबरू हुये तथा सांस्कृतिक नृत्य में परिजनों ने भागीदारी कर हर्षोल्लास के साथ दीवाली मनायी तथा अपने परिजनों के सकुशल टनल से बाहर आने पर खुशी जतायी। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री का विशेषरूप से आभार जताया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रमिकों के परिजनों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके धैर्य और श्रमिकों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे लिए आज इगास का पर्व है, क्योंकि हमारे श्रमिक भाई सकुशल बाहर आ गए हैं और स्वस्थ हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भेलू खेलकर तथा लोक नृत्य कर इगास पर्व मनाते हुए सभी प्रदेशवासियों को पुनः इगास पर्व की शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बचाव दल की तत्परता, टेक्नोलॉजी के सहयोग तथा सुरंग के अंदर फंसे श्रमिक बंधुओं की जीवटता के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं बौखनाग देवता की कृपा से यह अभियान सफल हुआ और हमारे श्रमिक भाई सकुशल हमारे बीच आये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिये यह अवसर बड़ी खुशी का रहा है। जितनी प्रसन्नता श्रमिक बंधुओं और उनके परिजनों को है, उतनी ही प्रसन्नता उन्हें भी हुई है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान से जुड़े एक-एक सदस्य का वे हृदय से आभार प्रकट करते है। जिन्होंने देवदूत बनकर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि सही मायनों में हमें अब ईगास पर्व की खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बौख नाग देवता की कृपा भी इसमें सहयोगी बनी।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के साहस, मनोबल और परिजनों के धैर्य के साथ ही रेसक्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों व कार्मिकों की अनथक मेहनत को इस अभियान की सफलता का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के अभियान पर निरंतर नजर रखे हुए थे और वह श्रमिकों की कुशलता को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों के अनमोल जीवन को बचाने की सरकार की वचनवद्धता और परिजनों के साथ ही जनता द्वारा जताए गए अटूट विश्वास ने इस बेहद जटिल , चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे बचाव अभियान को कामयाब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग हादसे के चलते हम सब इस बार दीपावली नही मना पाए थे, अब सभी श्रमिको को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिए जाने के बाद आज दिवाली का जश्न मनाया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक खजान दास,गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, एडीजीपी अमित सिन्हा, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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बाहर से आए नेताओं को अब बीजेपी बनाएगी सनातनी, जल्द शुरू करेगी प्रशिक्षण अभियान

Uttarakhand Politics: भाजपा में शामिल हुए नए नेताओं के लिए जल्द शुरू किया जाएगा प्रशिक्षण अभियान
Uttarakhand Politics: उत्तराखंड में बीजेपी बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। जल्द ही बीजेपी दूसरे दलों से बीजेपी में आए नेताओं को सनातन की ट्रेनिंग देने जा रही है।
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बाहर से आए नेताओं को अब बीजेपी बनाएगी सनातनी
दूसरे दलों से बड़े पैमाने पर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को अब बीजेपी सनातन सिखाएगी। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में आने वालों को सनातन सिखाया जाएगा। इसको लेकर पार्टी राज्य स्तर पर जल्द प्रशिक्षण अभियान शुरू करने जा रही है।
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बीजेपी जल्द शुरू करेगी प्रशिक्षण अभियान
प्रदेश महामंत्री का कहना है इन सभी नेताओं को अब सनातन की ट्रेनिंग के साथ ही भाजपा की रीति-नीति, कार्य, संस्कृति, हिंदुत्व राष्ट्रीयता विचारधारा से भी रूबरू कराया जाएगा। बता दें कि कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को छोड़कर भाजपा में कई नेता शामिल हुए थे।
विपक्षी से आए नेताओं को उसी के खिलाफ बनाएंगे हथियार
बीजेपी का दावा है कि 20 हजार के करीब नेता भाजपा में शामिल हुए। अब इन्हीं नेताओं को बीजेपी ट्रेनिंग देगी। इसके साथ ही अब विपक्ष के खिलाफ वहीं से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को हथियार बनाने की तैयारी की जा रही है।
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Dehradun: प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर दफ्तर में घुसकर हमला, भाजपा विधायक पर लगे आरोप

देहरादून में दिन दहाड़े प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर हमला, घटना के बाद से शिक्षा विभाग में रोष
देहरादून (Dehradun): नानुरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया गया. अशासकीय विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विवाद के दौरान हुए इस हमले में निदेशक के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं. घटना के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल कोरोनेशन में भर्ती कराया गया.
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Dehradun शिक्षा निदेशालय में कर्मचारियों और प्रतिनिधियों के बीच झड़प
बताया जा रहा है कि अशासकीय विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुछ प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे. शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया. इसके बाद कर्मचारियों और प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
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प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला
इसी दौरान विवाद अचानक बढ़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. आरोप है कि कुछ लोगों ने गुस्से में आकर निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके चेहरे और सिर पर चोटें आईं, जिससे कार्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई. घटना का विडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. वायरल विडियो में कुछ युवक निदेशालय में तोड़ फोड़ करते हुए भी नजर आ रहे हैं.

घटनास्थल भाजपा विधायक की मौजूदगी से सियासत तेज़
घटना के समय कुछ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं, जो प्रतिनिधिमंडल के साथ निदेशालय पहुंचे थे. एक विडियो में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काउ भी नजर आ रहे हैं. जिसके बाद मामले को लेकर सियासत तेज़ हो चुकी है.
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घटना के बाद से शिक्षा विभाग में रोष
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में रोष का माहौल है और कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. फिलहाल घायल निदेशक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
शिक्षक संघ ने दी परीक्षा बहिष्कार की चेतावनी
घटना के बाद शिक्षक संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. शिक्षक संघ ने कहा अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे.
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UTTARAKHAND: जन-जन की सरकार अभियान का रिकॉर्ड के साथ समापन, 45 दिन में 681 शिविर, लाखों लोगों को मिला लाभ

45 दिन तक चला जन जन की सरकार, जन जन के द्वार अभियान
UTTARAKHAND: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में चला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 45 दिन की अवधि के बाद शुक्रवार को अभूतपूर्व रिकॉर्ड के साथ सम्पन्न हो गया है। इस अभियान के दौरान 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, इसके साथ ही करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया।
681 शिविरों के जरिए हुआ 33 हजार समस्याओं का निस्तारण
मुख्यमंत्री धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि प्रशासन खुद लोगों के पास पहुंच कर उनकी शिकायतों का निस्तारण करे। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए दिसंबर महीने से उत्तराखंड सरकार ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया।

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इस अभियान के तहत शुक्रवार 20 फरवरी तक, लगातार 45 दिन, प्रदेशभर में शिविर आयोजित किए गए। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियान सम्पन्न होने तक प्रदेश भर में कुल 681 कैंपों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भाग लेकर विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया, साथ ही अपनी समस्याएं भी दर्ज कराई। अकेले शुक्रवार को ही इस क्रम में 11 कैम्प आयोजित किए गए, जिसमें 8209 नागरिकों ने प्रतिभाग लिया।
अभियान से पांच लाख लोग सीधे तौर पर लाभान्वित
अभियान के तहत प्रदेश भर में 51053 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 33755 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इन शिविर के जरिए, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों के लिए 74184 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त करीब तीन लाख लोगों ने विभिन्न सेवाओं का भी लाभ लिया। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में 45 दिन की अवधि के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा है। यह विशेष अभियान भले ही सम्पन्न हो गया हो, लेकिन प्रशासन लगातार जनता के सम्पर्क में बना रहेगा, अधिकारियों का आगे भी लगातार आगे बढ़कर जन शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा गया है।
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