Tehri Garhwal
टिहरी की नई SSP श्वेता चौबे ने संभाली कमान, सख्त और ईमानदार छवि से कानून-व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद
आईपीएस श्वेता चौबे ने संभाला एसएसपी टिहरी का कार्यभार, नशा उन्मूलन और महिला सुरक्षा पर जोर
TEHRI GARHWAL: आईपीएस श्वेता चौबे टिहरी गढ़वाल जिले की नई पुलिस कप्तान होंगी. उन्होंने 5 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर एसएसपी टिहरी का पदभार ग्रहण किया. उनकी नियुक्ति से जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सख्त और प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है. श्वेता चौबे अपनी ईमानदार और अनुशासित कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में पुलिसिंग और मजबूत होगी.
मुख्य बिंदु
सोमवार को पूजा अर्चना के बाद संभाली जिम्मेदारी
कार्यभार ग्रहण करने से पहले श्वेता चौबे ने जनपद पहुंचकर भद्रकाली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इसके बाद वे नई टिहरी स्थित पुलिस कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्हें पुलिस बल द्वारा औपचारिक सलामी दी गई. पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.

सख्त और पारदर्शी कार्यशैली पर जोर
अपने संबोधन में SSP श्वेता चौबे ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि जनता के साथ संवेदनशील और मित्रवत व्यवहार पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन अपराध और अव्यवस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कामकाज को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए.

महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर खास फोकस
नई SSP ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध रोकथाम, नशा उन्मूलन और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता में रखा है. उन्होंने निर्देश दिए कि इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि आमजन को सुरक्षित माहौल मिल सके. इसके साथ ही उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हो सके.

बेहतर कानून-व्यवस्था की उम्मीद
श्वेता चौबे की सख्त, ईमानदार और अनुशासित छवि को देखते हुए स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जिले में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी. उनके नेतृत्व में अपराध पर लगाम और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है.
Uttarakhand
डोबरा-चांटी मोटर मार्ग बदहाल, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा; लोगों ने PWD से लगाई मरम्मत की गुहार
Dobra Chanti Motor Road: प्रतापनगर की जीवनरेखा बनी परेशानी
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र की Dobra Chanti Motor Road इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, सफर हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार डोबरा-चांटी मोटर मार्ग पर लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
बरसात के दौरान जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
कई बार की गई शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। स्कूली बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और व्यापारियों सहित बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं।
क्षेत्रवासियों ने उठाई मरम्मत की मांग
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोगों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की अपील की है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
FAQ’S
प्रश्न 1: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग कहाँ स्थित है?
उत्तर: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में स्थित है। यह कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
प्रश्न 3: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की खराब स्थिति से लोगों को क्या परेशानियां हो रही हैं?
उत्तर: वाहन चालकों और राहगीरों को गड्ढों, उखड़ी हुई सड़क और जलभराव के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अधिक जोखिमभरा बन गया है।
प्रश्न 4: डोबरा-चांटी मार्ग स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
उत्तर: क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
प्रश्न 5: डोबरा-चांटी मार्ग की मरम्मत क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। समय पर मरम्मत होने से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
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केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
Tehri Garhwal
केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

Tehri News : टिहरी के बहुचर्चित केतन हत्याकांड में अब बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस केतन लाल की हत्या को लेकर प्रदेशभर में चर्चा हुई थी, अब उसी मामले में मृतक केतन लाल और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़
बहुचर्चित केतन हत्याकांड में अब मृतक और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक ये कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर किशोरी के मेडिकल परीक्षण और उसकी मां की शिकायत के बाद की गई है। मेडिकल रिपोर्ट में कथित तौर पर दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद लंबगांव थाने में नया मुकदमा दर्ज किया गया।
मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
गौरतलब है कि 7 जून को टिहरी जिले के तापनगर क्षेत्र में अनुसूचित जाति के युवक केतन लाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि सवर्ण समुदाय की एक किशोरी से दोस्ती के कारण उसे और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी को घर बुलाया गया, जहां घटना हुई।
इस मामले में पहले ही हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत किशोरी के पिता, दादा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन अब मामले में एक नया कानूनी पहलू जुड़ने से जांच की दिशा और भी अहम हो गई है।

किशोरी की मां द्वारा हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
पुलिस का कहना है कि किशोरी की मां द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत के आदेश पर मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिसके बाद मिली रिपोर्ट और मां की तहरीर के आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच जारी
जांच अधिकारी का कहना है कि मामले की विवेचना तेज कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि विवेचना के दौरान आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Tehri Garhwal
पैदल ही देवल गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, केतन लाल के परिजनों से की मुलाकात

Tehri News : नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को आखिरकार प्रतापनगर के देवल गांव पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत केतन लाल के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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पैदल ही देवल गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पैदल ही टिहरी के देवल गांव पहुंचे। जहां उन्होंने दिवंगत केतन लाल के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से बातचीत के बाद सांसद ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
केतन लाल के परिजनों से की मुलाकात
गौरतलब है कि प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव निवासी केतन लाल की 8 जून को कथित मारपीट के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने केतन लाल की बहनों से भी मुलाकात की।
28 जून को सुरक्षा कारणों के चलते हरिद्वार में गया था रोक
इससे पहले 28 जून को चंद्रशेखर आजाद मृतक के परिवार से मिलने के लिए प्रतापनगर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें हरिद्वार में ही रोक दिया था। इसके विरोध में उन्होंने वहीं धरना दिया। बाद में पुलिस की ओर से 30 जून को परिवार से मुलाकात कराने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया था।

बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर चले पैदल
मंगलवार को एक बार फिर वो समर्थकों के काफिले के साथ प्रतापनगर के लिए रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने हरिद्वार में उन्हें फिर रोक लिया और सीमित संख्या में लोगों के साथ आगे जाने की अनुमति दी। रास्ते में भद्रकाली और बाद में नरेंद्रनगर क्षेत्र में समर्थकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने दोबारा रोक लगाया।
इससे नाराज सांसद अपने कुछ समर्थकों के साथ बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर तक हिंडोलाखाल की ओर पैदल चल पड़े। इसके बाद वह देवल गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले।
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