Dehradun
डीएम सोनिका की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई, 102 शिकायत हुई प्राप्त…दिए निर्देश।

देहरादून – जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में आज 102 शिकायत प्राप्त हुई। अधिकतर शिकायत भूमि संबंधी प्राप्त हुई, इसके अतिरिक्त नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण, निजी भूमि पर बाहरी व्यक्तियों को बसाने, लम्बे समय से सड़क न बनने, आर्थिक सहायता दिलाने, भरण पोषण, जल निगम, जल संस्थान, एमडीडीए, पुलिस, आदि विभागों से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई।

जनसुनवाई में ग्राम समाज एवं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के प्रकरणों को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से देखें तथा पटवारी की जांच आख्या को देखते हुए स्वयं भी मौके पर जाकर वस्तुस्थिति अवगत होते हुए नियमानुसार कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर है संबंधित पटवारी/लेखपाल के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्ठि दर्ज की जाएगी।
जनसुनवाई में नत्थनपुर निवासियों द्वारा अपनी शिकायत में क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा निजी भूमि पर बाहरी लोगों को बस्ती बनाकर बसाया जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को रहना मुश्किल हो रहा है, इस पर जिलाधिकारी ने अपर आयुक्त नगर निगम देहरादून एवं पुलिस को मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ग्राम सभा आंडवा विकासखंड चकराता के निवासियों द्वारा लंबे समय से सड़क की मांग पर भी सड़क निर्माण न होने की शिकायत पर अधि अभि लोक निर्माण विभाग चकराता को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।नगर निगम की भूमि पर गिरासू पेड़ से भवन को खतरा होने , पेड़ कटाए जाने की मांग पर नगर निगम को कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं शहर में नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर पालिका मसूरी द्वारा मॉनिटरिंग गवर्नेंस सॉफ्टवेयर अपग्रेडिंग कार्याें का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत पर उप जिलाधिकारी मसूरी को कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं मेहूवाला निवासी एक शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी भूमि पर किसी व्यक्ति द्वारा कब्जा किया जार रहा है, जिस पर उप जिलाधिकारी सदर को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जनपद हरिद्वार निवासी एक महिला, जिसका मायका देहरादून में है ने अपनी शिकायत में पति द्वारा उत्पीड़न एवं मारपीट की शिकायत की गई जिस पर जिलाधिकारी ने पुलिस एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को सम्बन्धित जनपद से समन्वय करते हुए कार्यवाही हेतु पत्राचार किये जाने को कहा। जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, अपर नगर आयुक्त नगर निगम बीर सिंह बुदियाल, पुलिस अधीक्षक क्राईम सर्वेश पंवार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी गोस्वामी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय शालिनी नेगी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधि0अभि0 लोनिवि जितेन्द्र त्रिपाठी, सहायक निदेशक सूचना बी.सी नेगी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला पंचायतीराज अधिकारी विद्याधर सोमनाल सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी, मंत्री ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय

Uttarakhand News : उत्तराखंड की 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी है! लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहीं इन महिलाओं के लिए सरकार ने विधानसभा में बड़ा जवाब दिया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लिखित जवाब में कहा है कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी
उत्तराखंड में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? अगर सरकार मानदेय बढ़ाएगी, तो कितनी धनराशि की बढ़ोतरी की जाएगी ?
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय
इस सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी। हालांकि, कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा। यानी मानदेय बढ़ाने की बात तो सरकार ने कही है, लेकिन बढ़ोतरी की रकम और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने मिलते हैं 9 हजार रूपए
आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 9 हजार 300 रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यानी कुल 9 हजार 800 रुपये प्रतिमाह। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 5 हजार 250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। यानी कुल 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह। ऐसे में मानदेय बढ़ाने की सरकार की बात से इन महिलाओं की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि बढ़ोतरी कितनी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सके।
Dehradun
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला, STF ने दिल्ली से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Dehradun News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा गया है। वह परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात था और उस पर नकल कराने वाले गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में एक और गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम और भूमिगत चैंबर में छिपाए गए लैपटॉप, राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सी सर्वर) की मदद से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इसके जरिए बाहर बैठे लोगों से परीक्षा के प्रश्न हल कराए जाते थे।
मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड जांचने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का निवासी है। एसटीएफ के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और परीक्षा के दौरान निगरानी रखने की थी।
आरोप है कि अंकित कुमार ने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को दूर से एक्सेस करने के लिए जरूरी आईपी संबंधी जानकारी नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई थी। एसटीएफ मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
Dehradun
देहरादून में नगर आयुक्त का एक्शन, बैठक के बहाने बुलाए इंस्पेक्टर, फोन जब्त कर सड़क पर ले गए

Dehradun News : शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त ने आज अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त ने पहले सभी इंस्पेक्टरों को बैठक के बहाने नगर निगम कार्यालय बुलाया। यहां सभी के फोन जब्त कराए गए। इसके बाद नगर आयुक्त सभी इंस्पेक्टरों के साथ शहर की सड़कों पर निरीक्षण के लिए निकल पड़े।
निरीक्षण के दौरान राजपुर रोड पर कई जगह कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों से जवाब तलब किया। मौके पर ही एक सुपरवाइजर को निलंबित करने के आदेश भी जारी कर दिए गए।
नगर आयुक्त की इस कार्रवाई से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। औचक निरीक्षण के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही की स्थिति को परखा गया।
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