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AI की मदद से बनाई गई मृत्यु घड़ी, बताएगी कब होगी आपकी मृत्यु !

वॉशिंगटन: इंसान हमेशा से ही जानना चाहता है कि उसकी जिंदगी कितनी लंबी है, और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से इसका अनुमान लगाना संभव हो गया है। हाल ही में एक नई एआई आधारित “मृत्यु घड़ी” एप्लिकेशन लॉन्च की गई है, जो कि किसी व्यक्ति की मृत्यु का अनुमान सटीक रूप से लगा सकती है।
इस एप्लिकेशन को जुलाई में लॉन्च किया गया था, और अब तक इसे 1,25,000 लोगों ने डाउनलोड किया है। एक मार्केट रिसर्च फर्म के अनुसार, इस एप का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह ऐप “स्वस्थ जीवनशैली” वाले लोगों में खासा लोकप्रिय हो रहा है। इस एप को 5 करोड़ प्रतिभागियों और 1200 से ज्यादा जीवन प्रत्याशा अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है।
कैसे काम करती है यह मृत्यु घड़ी?
यह ऐप किसी व्यक्ति की आहार, व्यायाम, तनाव स्तर, और नींद के बारे में जानकारी का उपयोग करती है और फिर उन आंकड़ों के आधार पर अनुमानित मृत्यु का दिन बताती है। एप के डेवलपर ब्रेंट फ्रैंसन का कहना है कि इस एप के परिणाम काफी मानक और सटीक हैं।
यह एप यूजर्स को ऐसे सुझाव भी देती है, जिनसे वे अपनी जीवनशैली को सुधारकर अपनी मृत्यु दर को कम कर सकते हैं। खास बात यह है कि जीवन प्रत्याशा का गहरा संबंध आर्थिक स्थिति से भी है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अमीर पुरुष औसतन 15 साल ज्यादा जीते हैं, जबकि गरीब पुरुष सिर्फ 10 साल ही ज्यादा जीते हैं।
जिंदगी की प्रत्याशा (Life Expectancy) का उपयोग सरकारों और बीमा कंपनियों द्वारा पॉलिसी कवरेज और पेंशन फंड के लिए आर्थिक गणनाओं में किया जाता है। इसलिए यह डेथ क्लॉक एप्लिकेशन न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि वित्तीय और सरकारी क्षेत्र में भी अहम हो सकती है।
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नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 384 लोग लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी लापता

Nepal Flash Flood : भारत के पड़ोसी देश नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र से 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना सामने आई है।
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नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 384 लोग लापता
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही देखने को मिल रही है। अचानक आए पानी के सैलाब से 384 लोग लापता हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें करीब 105 भारतीय पर्यटकों के होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा 93 नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की अभी जांच की जा रही है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद संख्या में बदलाव संभव है।

तिब्बत की तरफ से आया अचानक पानी
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे रसुवा की भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्र और तिब्बत की ओर से अचानक पानी आने के कारण नदी का बहाव बेहद तेज हो गया, जिससे आसपास के इलाकों में मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
बाढ़ की सूचना मिलते ही नेपाल टूरिज्म बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत व बचाव अभियान में जुट गईं। प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों और यात्रियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

384 लोगों की तलाश जारी
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि ट्रैवल कंपनियों, गाइडों और स्थानीय अधिकारियों से मिली शुरुआती सूचनाओं के आधार पर 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों की ओर से ट्रैवल एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर लापता लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाया जा रहा है।
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मकान की मरम्मत के दौरान मजदूरों को मिला खजाना, दीवार के भीतर से मिला 98 करोड़ का सोना

एक मकान की मरम्मत के दौरान मजदूरों की किस्मत खुल गई। मजदूरों को दीवार के भीतर छिपा हुआ सोने का करोड़ों का भंडार मिला। जिसकी कीमत लगभग 98 करोड़ बताई जा रही है।
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मकान की मरम्मत के दौरान मजदूरों को मिला खजाना
यूरोपीय देश बेल्जियम के ईस्ट फ्लैंडर्स इलाके में एक मकान की मरम्मत के दौरान मजदूरों को दीवार के भीतर छिपा हुआ सोने का बड़ा भंडार मिला है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख यूरो यानी लगभग 98 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद खजाने में सोने की ईंटों के साथ-साथ सिक्के भी शामिल हैं।
दीवार के अंदर से मिला 98 करोड़ का सोना
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मजदूर घर में सीवेज पाइप लगाने के लिए खुदाई और ड्रिलिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान दीवार के अंदर उन्हें सोना दिखाई दिया। खजाना सामने आने के बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
खजाना मिलने के बाद किसका होगा सोना?
सोना मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इसके मालिकाना हक को लेकर है। इस खजाने पर मजदूरों के दावे के साथ उस स्थानीय संस्था का अधिकार भी सामने आ सकता है, जिसके पास संबंधित संपत्ति का स्वामित्व है। मामले की जांच के बाद ही तय होगा कि कानूनी रूप से सोने का हकदार कौन होगा।

पुलिस ने लोगों से मौके पर जाकर खुदाई या किसी तरह की अतिरिक्त तलाश करने से साफ तौर पर मना किया है। अधिकारियों के मुताबिक, घर की पूरी तरह जांच की जा चुकी है और बरामद सोने को सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है।
गर्मियों की छुट्टी में काम कर रहा था 18 साल का छात्र
बता दें कि इस अनोखी खोज के दौरान वहां मौजूद मजदूरों में 18 वर्षीय एक छात्र भी शामिल था। वो गर्मी की छुट्टियों में अतिरिक्त कमाई के लिए निर्माण कार्य कर रहा था। छात्र ने बताया कि शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके हाथ क्या लगा है।
पहले उसे लगा कि दीवार के अंदर सामान्य यूरो के सिक्के हैं। लेकिन जब वहां सोने का एक टुकड़ा दिखाई दिया, तो उन्हें अंदाजा हुआ कि मामला बेहद बड़ा है। खजाने की अनुमानित कीमत और उसके असली मालिक से जुड़े सवालों ने इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोने को सुरक्षित रखा गया है।
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US F15 Crash: कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश, ईरान के हमलों से बढ़ा तनाव

कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट Crash , ईरान ने किया 27 ठिकानों पर हमले का दावा
US F15 Crash: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच कुवैत में अमेरिकी वायुसेना का एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान क्रैश होने से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मुख्य बिंदु
अमेरिकी F15 कुवैत में क्रैश
इसी बीच अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए मध्य पूर्व के कई देशों में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। हालांकि इन हमलों से वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
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अब तक इस संघर्ष में मौत के आँकड़े स्पष्ट नहीं
वहीं अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस संघर्ष में कुछ सैनिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर भी सामने आई है। इसके अलावा क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सैन्य संसाधनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने किए तबाह
इसके अलावा ईरान ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिका ने कुछ दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी सूचनाओं की जांच की जा रही है।
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इस तनाव काअसर करी देशों पर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर कई देशों पर दिखाई दे रहा है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल संयुक्त अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये संघर्ष कितने समय तक जारी रहेगा, लेकिन मौजूदा घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है
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