Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए स्थायी पैदल पुल तैयार, 2 मई से श्रद्धालु करेंगे इसका उपयोग !

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए लंबे समय बाद बने स्थायी पैदल पुल का निर्माण अब पूरा हो चुका है। 2013 में आई आपदा के बाद से केदारनाथ धाम तक पहुंचने का रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग ने दो साल के मेहनत से 54 मीटर लंबा पैदल पुल तैयार कर लिया है। इस वर्ष से श्रद्धालु इसी पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे बने आस्था पथ से केदारनाथ मंदिर तक पहुंचेंगे।
पुल के बनने से हेलिपैड से मंदिर तक की दूरी भी कम हो गई है। 2 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालु इस पुल से होकर मंदिर तक पहुंचेंगे। पहले श्रद्धालुओं को हेलिपैड से लगभग 800 मीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब यह दूरी 500 मीटर रह गई है।
2013 की आपदा में केदारनाथ में भारी नुकसान हुआ था और संगम पर बने स्थायी पुल के बह जाने के बाद बैली ब्रिज बनाया गया था। पिछले नौ सालों से यात्रा इसी बैली ब्रिज के रास्ते संचालित होती रही। अब, इस स्थायी पुल के बनने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत वर्ष 2022 में पुराने पुल को हटाकर नए स्थायी पुल का निर्माण शुरू हुआ था, और अब करीब ढाई साल की कठिन मेहनत के बाद यह पुल तैयार हुआ है। इस पुल के जरिए श्रद्धालु आसानी से मंदिर पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा में भी सुधार होगा।
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तुंगनाथ ट्रेक पर खौफनाक हादसा, खाई में गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग में तुंगनाथ यात्रा के दौरान रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। गणेश मंदिर के पास ट्रेक रूट पर एक महिला यात्री अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और महिला की तलाश शुरू की।
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तुंगनाथ ट्रेक पर खाई में गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत
रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ ट्रेक पर रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। गणेश मंदिर के पास एक महिला यात्री अचानक संतुलन खो बैठी और गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और महिला की तलाश शुरू कर दी।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्रों की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुट गईं। खाई काफी गहरी होने के कारण महिला तक पहुंचना टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। रेस्क्यू टीमों ने मुश्किल परिस्थितियों के बीच अभियान चलाकर महिला का शव बरामद कर लिया।
शाम करीब 6:21 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार 20 सितंबर की शाम करीब 6:21 बजे तुंगनाथ ट्रेक पर गणेश मंदिर के समीप महिला यात्री अचानक अपना संतुलन खो बैठी और खाई में गिर गई। हादसे के बाद काफी देर तक महिला की आवाजें सुनाई देने की बात सामने आई।

सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग ने डीडीआरएफ और तुंगनाथ में तैनात आपदा मित्रों की टीम को जानकारी दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची और महिला को खोजने का अभियान शुरू किया।
अंधेरा और गहरी खाई बनी चुनौती
घटनास्थल पर खाई बेहद गहरी होने के साथ रात में अंधेरा भी काफी अधिक था। ऐसे में रेस्क्यू अभियान के दौरान टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रात में भी प्रयास किए गए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से एसडीआरएफ अगस्त्यमुनि और तहसीलदार ऊखीमठ को भी घटना की जानकारी दी गई।
अधिकारियों के निर्देश पर डीडीआरएफ ऊखीमठ की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। रेस्क्यू टीमों ने रात में महिला की तलाश जारी रखी, लेकिन अंधेरे और खाई की गहराई को देखते हुए अभियान को आगे बढ़ाना जोखिमपूर्ण हो गया। इसके बाद सुबह दोबारा रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान महिला का शव बरामद कर लिया गया।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर हादसा, चीरबासा में बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत

Rudraprayag News : केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर रविवार को बड़ा हादसा हो गया। चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से अचानक बोल्डर गिरने की घटना में एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत
केदारनाथ पैदल मार्ग पर रविवार को बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत हो गई। मृतक की पहचान ऊखीमठ क्षेत्र के ग्राम पठाली निवासी मोहन तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ से लौट रहे करीब 3200 श्रद्धालुओं को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है।
श्रद्धालुओं को अस्थायी रूप से रोका
सोनप्रयाग कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी के अनुसार, करीब 500 यात्रियों को लिनचोली, 1000 को भीमबली, 1000 को सोनप्रयाग और 700 श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में अस्थायी रूप से रोका गया है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बोल्डर की चपेट में आने से मोहन तिवारी की मौत हुई। रेस्क्यू टीम ने शव को गौरीकुंड पहुंचाया, जहां से उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह के मुताबिक मार्ग पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने का काम जारी है। इसके लिए 26 श्रमिकों को लगाया गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से केदारनाथ पैदल मार्ग समेत जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रियों को रोका गया है। मौसम और पैदल मार्ग की स्थिति का आकलन करने के बाद ही आगे की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
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रूद्रप्रयाग के मथ्यागांव में दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, 2 की मौत

Rudraprayag News : जिले में मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया। हादसा छेनागाड़ से करीब दो किलोमीटर ऊपर मथ्यागांव के समीप हुआ।
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रूद्रप्रयाग के मथ्यागांव में दर्दनाक हादसा
रूद्रप्रयाग में तीन सवारियों से भरा वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही DDRF और SDRF की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुंचकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। घायल युवक को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
गहरी खाई में कार गिरने से 2 की मौत
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8:20 बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम को मथ्यागांव के पास वाहन दुर्घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही DDRF और SDRF की रेस्क्यू टीमों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन में रोहित पुत्र जगत सिंह, उम्र 26 वर्ष, मोहन सिंह पुत्र भाग सिंह, उम्र 65 वर्ष और विनोद सिंह पुत्र दरमान सिंह, उम्र 42 वर्ष सवार थे। रेस्क्यू टीम को रोहित घायल अवस्था में मिले, जबकि मोहन सिंह और विनोद सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी।
मुश्किल रास्ते के बीच जवानों ने चलाया रेस्क्यू
दुर्घटना स्थल तक पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद DDRF और SDRF के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अभियान जारी रखा और वाहन तक पहुंचकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। घायल रोहित को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में पसरा मातम
वहीं, दोनों मृतकों के शवों को भी रेस्क्यू कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दो लोगों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
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