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“भारतीय मूल्य ही प्रशस्त करेंगे विकसित भारत की राह”: प्रो राजशरण शाही

अभाविप केंद्रीय कार्यसमिति बैठक देवभूमि, उत्तराखण्ड में हुई सम्पन्न।
“भारतीय मूल्य ही प्रशस्त करेंगे विकसित भारत की राह”: प्रो राजशरण शाही
शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों पर 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्ताव होंगे पारित
देहरादून: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक देवभूमि उत्तराखण्ड के देहरादून में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्घाटन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो (डॉ) राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान ने देहरादून के परेड ग्राउंड में बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ के ‘स्वर्गीय राधेश्याम बैठक कक्ष’ में किया, इस बैठक में देशभर से कुल 107 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में उनके बलिदान स्थल दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल-कलश अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा अधिवेशन स्थल लाया गया। इस जल-कलश को भव्य स्वागत के पश्चात देश भर के प्रतिनिधियों के दर्शन हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा बैठक के मुख्य सभागार में स्थापित किया गया। इस जल का आगमन श्री गुरु तेग बहादुर जी के अविनाशी बलिदान की स्मृति को युवाओं में जागृत करेगा।
इस एक-दिवसीय केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक में शिक्षा, समाज से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। साथ ही अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्तुत किए जाने वाले कुल पाँच प्रस्तावों पर विमर्श हुआ। देशभर के सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं प्रमुख हितधारकों से प्राप्त सुझावों के अनुसार शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर इस बैठक में वृहद संवाद हुआ, जिन्हें आगामी 28 से 30 नवंबर को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित किया जाएगा।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा देशभर के शैक्षिक संस्थानों में अभाविप के जीते हुए विश्वविद्यालयों और महाविद्यायों छात्रसंघो की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बैठक में सम्मिलित हुए अभाविप के विभिन्न आयाम व गतिविधियों के संयोजकों ने देशभर में किए जा रहे विशेष कार्यक्रमों का उल्लेख भी बैठक में साझा किया।
अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक कल, दिनांक 27 नवंबर को देहरादून के इसी परेड ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। अभाविप द्वारा भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म की 150वीं वर्षगांठ पर उनकी जन्मस्थली उलिहातु (झारखण्ड) से निकाली गई भगवान बिरसा संदेश यात्रा एवं महारानी अब्बक्का की जन्म की 500वीं वर्षगांठ पर उनके जन्मस्थली कर्नाटक से महारानी अब्बक्का कलश यात्रा कल अधिवेशन स्थल पहुंचेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ) राजशरण शाही ने कहा कि, “अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक कई मायनों में अहम है, इस बैठक में प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण शैक्षिक तथा समाजिक विषयों पर चिंतन व मंथन किया। अभाविप सदैव ही संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, भारतीय मूल्य ही विकसित भारत की राह प्रशस्त करेंगे।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि,” अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक आज भगवान बिरसा मुंडा नगर में सम्पन्न हुई, जिसमें प्रतिनिधियों ने शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, सुरक्षा, तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहनता से चर्चा की। शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों पर पांच प्रस्ताव पर भी आज की बैठक में वृहद संवाद हुआ एवं इस बैठक में आए सभी महत्वपूर्ण सुझावों को इसमें सम्मिलित कर आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित किया जाएगा। निश्चित ही देशभर के कार्यकर्ता इन प्रस्तावों के पारित होने के उपरांत प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने कार्यक्षेत्रों तथा शैक्षिक संस्थानों में कार्य करेंगे। साथ ही, इस 71वें अधिवेशन में विभिन्न भाषण, संवाद एवं समानांतर सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर मंथन किया जाएगा तथा अभाविप आगामी अभियानों व कार्यक्रमों को लेकर पूर्ण ऊर्जा और तन्मयता के साथ आगे बढ़ेगी।”
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उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’, बढ़ाया प्रदेश का मान

Dehradun News : उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। ये प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।
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उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समारोह में माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को ये सम्मान प्रदान किया गया।
पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को सरल बानने के प्रयासों का परिणाम
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि ये सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जनपदों में पासपोर्ट सत्यापन कार्यों की नियमित समीक्षा, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग व निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। जिसके फलस्वरूप उत्तराखण्ड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उत्तराखण्ड पुलिस को सीएम धामी ने दी बधाई
माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।
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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।
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CM धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाएं जाएं शिविर
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन और जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
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2 जुलाई को प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी जाएंगी तैयारियां

Uttarakhand News : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार 2 जुलाई को राज्यभर में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। ये अभ्यास सभी 13 जिलों में लगभग 70 चिन्हित स्थानों पर किया जाएगा, ताकि राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन किया जा सके और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
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प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में एक ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तर के अधिकारियों को अभ्यास के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षमता और आपसी तालमेल को जाएगा परखा
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून सीजन से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में यह मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिससे आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी तालमेल को परखा जा सके।

2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल बेहद अहम
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र ने निर्देश दिए कि एटीआई नैनीताल से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सरकारी कर्मचारियों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे कर्मचारियों को आपदा के समय ‘प्रथम प्रतिक्रियादाता’ (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
राज्य सरकार का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी और नियमित अभ्यास आपदा के दौरान जनहानि व नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।







































