Uttarkashi
उत्तरकाशी से सीएम धामी ने कही बड़ी बात, उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन

Uttarkashi News : शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया।
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सीएम ने किया विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का शुभारंभ
Uttarkashi में कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 50 और स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया तथा उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा, मां यमुना का खरसाली और सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।
शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन पर्यटन को नई दिशा देने का प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं,बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों, एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।
उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, कल्चर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ट्रेंड बनाना और किसी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाना आप सभी के हाथ में है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को केवल 4 या 6 महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें, होमस्टे सूने न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। जब 12 महीने पर्यटन सक्रिय रहेगा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।
Uttarkashi में टूरिज्म से जुड़े हितधारकों से भी किया संवाद
मुख्यमंत्री ने टूरिज्म से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद करते हुए कहा कि चाहे परमिशन हो, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर या मार्केटिंग सपोर्ट—सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल और निवेशकों के लिए फास्ट-ट्रैक सपोर्ट को और मजबूत किया जा रहा है।
Uttarkashi में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का अर्थ केवल बड़े होटल नहीं,बल्कि जब गांव की महिला का होमस्टे भरे, स्थानीय युवा टैक्सी चलाएं, पहाड़ी युवक ट्रेकिंग गाइड बनें, लोक कलाकारों को मंच मिले और किसान के उत्पाद सीधे पर्यटक तक पहुंचें—तभी पर्यटन सार्थक होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है, लखपति दीदी योजना से महिलाओं को जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।
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उत्तरकाशी में भीषण सड़क हादसा, डामटा के पास नदी में गिरी कार, दो की मौके पर ही मौत

Uttarkashi Accident : उत्तरकाशी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। डामटा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार नदी में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई।
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उत्तरकाशी में डामटा के पास नदी में गिरी कार
उत्तरकाशी में डामटा से डेढ़ किलोमीटर बड़कोट की ओर एक टाटा नैक्सोन कार हादसे का शिकार हो गई। घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है। दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक कार बड़कोट की ओर जा रही थी। लेकिन डामटा के पास अनियंत्रित होकर यमुना नदी में जा गिरी। कार में चालक सहित दो लोग सवार बताये जा रहे हैं। जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान तुषार (25 वर्ष) पुत्र दिनेश सिंह और अजय सिंह (26 वर्ष) पुत्र मिजान सिंह के रूप में हुई है। दोनों ही पुरोला के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
Uttarkashi
उत्तरकाशी में वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त महिला को लगा करंट, मौके पर ही मौत

Uttarkashi News : उत्तरकाशी में वॉशरूम वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त दर्दनाक हादसा हो गया। महिला को करंट लग गया जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म करते वक्त महिला को लगा करंट
उत्तरकाशी में शुक्रवार शाम तहसील बड़कोट के ग्राम सुनाल्डी की मीना देवी (55) वॉशरूम में वाटर हीटिंग रोड में पानी गर्म कर रही थी। इसी दौरान महिला को करंट लग गया।
आनन- फानन में महिला को लेकर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
वॉटर हीटर रॉड इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां
- 1. हमेशा अच्छी क्वालिटी की प्लास्टिक बाल्टी में ही वॉटर हीटर रॉड का उपयोग करें। रॉड को कभी भी खाली हालत में पहले से गर्म न करें।
- 2. हीटर रॉड को पहले पानी में डुबोएं, उसके बाद ही स्विच ऑन करें। चालू होने के बाद बाल्टी या पानी को छूने से बचें।
- हीटर लगाते समय पैरों में रबर की चप्पल या सैंडल जरूर पहनें, ताकि करंट लगने का खतरा कम रहे।
- 3. स्विच बंद करने के बाद भी तुरंत हीटर या पानी को हाथ न लगाएं। कम से कम 10–15 सेकंड इंतजार करें।
- 4. एक ही हीटर रॉड को बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। लगभग दो साल बाद इसे बदल देना बेहतर होता है या पहले किसी इलेक्ट्रिशियन से जांच करा लें।
- 5. हमेशा अच्छी कंपनी का हीटर रॉड खरीदें और उसकी सही वाट क्षमता (Watt) का ध्यान रखें।
- 6. पानी गर्म हो जाने के बाद हीटर को प्लग से निकालना न भूलें। लंबे समय तक चालू रहने से हीटर ओवरहीट होकर आग का कारण बन सकता है।
- 7. जब तक स्विच ऑन हो, तब तक पानी में हाथ न डालें। करंट लगने की आशंका रहती है। स्विच बंद करने के कुछ सेकंड बाद ही हीटर बाहर निकालें।
- 8. हीटर को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखें और इसे बाथरूम जैसे गीले स्थानों पर इस्तेमाल करने से बचें।
- 9. हीटर निकालने के बाद भी वह कुछ समय तक गर्म रहता है, इसलिए उसे प्लास्टिक बाल्टी या अन्य सामान से दूर रखें, वरना प्लास्टिक पिघल सकता है।
- 10. हीटर को लंबे समय तक लगातार चालू न छोड़ें। जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
Uttarkashi
UTTARKASHI: चिन्यालीसौड़ में तेंदुए के हमले में बुजुर्ग जख्मी, स्थानीय लोगों ने पहुँचाया हॉस्पिटल

चिन्यालीसौड़ में बुजुर्ग पर तेंदुए का हमला, स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
उत्तरकाशी (UTTARKASHI): उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव हमलों से पहाड़ी जिलों में दहशत का माहौल है. ताजा मामला उत्तरकाशी के बल्डोगी गांव से सामने आया है. विवाह समारोह से घर (चिन्यालीसौड़) लौट रहे एक बुजुर्ग पर तेंदुए ने हमला कर उसे बुरी तरहसे जख्मी कर दिया है.
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चिन्यालीसौड़ में बुजुर्ग पर तेंदुए का हमला
जानकारी के मुताबिक, चिन्यालीसौड़ निवासी मकान राणा शुक्रवार शाम को अपने पारिवारिक शादी समारोह से वापस घर लौट रहे थे. मकान राणा बाइक से अपने घर जा रहे थे तभी रास्ते में घात लगा कर बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया. अचानक हुए इस हमले से वो बाइक से गिर पड़े जिस से उन्हें कई जगह गहरी चोटें आई. जिसके बाद किसी तरह से वो चीखते-पुकारते अपनी जान बचा सके.

स्थानीय लोगों ने घायल को हॉस्पिटल पहुँचाया
घटना के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों की मदद से घायल को अस्पताल पहुँचाया गया. जहाँ डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और बताया कि पैर में गहरी चोट है, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया. ग्रामीणों का कहना है कि चिन्यालीसौड़ और आसपास के गांवों में पिछले कुछ समय से तेंदुए की आवाजाही लगातार बढ़ी है, जिससे लोगों में भय व्याप्त है. खासकर शाम और रात के समय लोगों का अकेले निकलना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा.
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ग्रामीणों ने वन विभाग से की गश्त बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल गश्त बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है. यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है, जहां जंगलों से निकलकर जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं और आम जनजीवन के लिए खतरा बन रहे हैं.
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