Uttarakhand
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाइड्रोपोनिक यूनिट, क्यू आर कोड आधारित जैव विविधता पार्क एवं प्राईड ऑफ उत्तराखंड एक्सपो प्रदर्शनी का किया उद्घाटन।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संपूर्ण विश्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अविष्कारों और अनुसंधानों के इस युग में वैज्ञानिक एवं तकनीकि विकास की चेतना ने सभी के जीवन को प्रभावित किया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई ने जय जवान, जय किसान के नारे के साथ जय विज्ञान जोड़ा वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें जय अनुसंधान को जोड़कर एक नया आयाम दिया।

यूकॉस्ट, परिसर, विज्ञान धाम, झाझरा में तीन दिवसीय 17वीं उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस -2023 के अन्तर्गत ‘प्रथम ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस’ का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस का यह देश का पहला आयोजन हो रहा है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने और राज्य के समेकित विकास को गति प्रदान करने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हाइड्रोपोनिक यूनिट, क्यू आर कोड आधारित जैव विविधता पार्क एवं प्राईड ऑफ उत्तराखंड एक्सपो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस, उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास यात्रा एवं विज्ञान पर चर्चा पुस्तकों का विमोचन भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वैज्ञानिकों को विज्ञान पुरोधा सम्मान एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण राज्य है। प्राकृतिक संसाधनों के उचित प्रयोग से राज्य में जैविक कृषि को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास से ही किसी राज्य और देश के विकास का प्रारूप तैयार होता है। इस विज्ञान कांग्रेस का लक्ष्य हमारे गांवो का समुचित विकास करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिये गौरव का विषय है कि नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में यूकास्ट उत्तराखंड के बेस्ट पवेलियन का अवार्ड मिला। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आयोजन इस संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस ग्राम्य विकास की दिशा में एक अनूठा प्रयोग है। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, कृषि, ग्रामीण पर्यटन और व्यंजन जैसे विभिन्न विषयों पर संवाद स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस 2025 तक सशक्त उत्तराखंड के निर्माण के लिए रोड मैप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

ग्राम्य विकास एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। पिछले दो सालों में राज्य में जैविक खेती के क्षेत्र में काफी कार्य हुए है। राज्य में 34 प्रतिशत जैविक उत्पादन हुआ है, जिसे 2025 तक 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि के साथ ही हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। एप्पल एवं कीवी मिशन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से मिलेट को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

पद्मभूषण, पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रथम ग्रामीण विज्ञान कांग्रेस में विज्ञान और कृषि से जुड़े लोग एक मंच पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जो यह विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है, इसके आने वाले समय में काफी सार्थक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी के साथ इकोलॉजी का समन्वय बहुत जरूरी है। हमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाना होगा। यह पलायन को रोकने में भी काफी कारगर होगा। लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना होगा।
Dehradun
मसूरी मॉल रोड पर वाहनों की नो एंट्री, सैलानियों के लिए प्रशासन का नया प्लान

Mussoorie News : मसूरी की मॉल रोड पर शाम के समय पैदल घूमने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। निर्धारित प्रतिबंधित समय के दौरान मॉल रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए चार से पांच स्थानों पर बोलार्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मॉल रोड से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर भी ऐसे अवरोधक लगाने की योजना है, ताकि दूसरे रास्तों से वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
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मसूरी मॉल रोड पर वाहनों की नो एंट्री
एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मॉल रोड का निरीक्षण किया। टीम ने बोलार्ड लगाने के लिए संभावित स्थानों को चिह्नित किया और यह भी देखा कि निर्माण कार्य के दौरान पानी की पाइपलाइन और अन्य भूमिगत सुविधाओं को नुकसान न पहुंचे।
इन रास्तों पर लग सकते हैं बोलार्ड
प्रशासन की योजना के तहत ग्रीन चौक, अंबेडकर चौक, बाहर कैंची और हैम्पटन कोर्ट स्कूल की ओर जाने वाले मार्गों पर बोलार्ड लगाने की संभावनाएं तलाशी गई हैं। इन स्थानों पर अवरोधक लगने से संपर्क मार्गों के जरिए मॉल रोड में वाहनों की अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करने वाली संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी पहलुओं का जायजा लेने के बाद बोलार्ड लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कैमल्स बैक रोड को योजना से रखा गया अलग
प्रशासन ने कैमल्स बैक रोड को इस योजना से अलग रखने का निर्णय लिया है। एसडीएम राहुल आनंद के मुताबिक, इस मार्ग पर स्थानीय लोगों के आवास होने के साथ कई होटल भी संचालित होते हैं। ऐसे में यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने की योजना में शामिल नहीं किया गया है।
एसडीएम के अनुसार, बोलार्ड लगाने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतिबंधित समय में मॉल रोड को वाहनमुक्त रखने और पैदल घूमने वाले पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक माहौल देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Haridwar
हरिद्वार होमगार्ड भर्ती में फर्जीवाड़ा, AI से फर्जी सर्टिफिकेट बनाए !, 20 से ज्यादा आवेदन रद्द
Uttarakhand News : उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए दाखिले का मामला चर्चा में रहने के बीच अब हरिद्वार में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई है। भर्ती के लिए जमा किए गए 20 से अधिक अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग अब उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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हरिद्वार में 227 पदों के लिए आए थे करीब 11 हजार आवेदन
मिली जानकारी के मुताबिक जुलाई 2026 में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में होमगार्ड के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी क्रम में हरिद्वार जिले में 227 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसके बाद विभाग ने दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया।
शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच में सामने आई गड़बड़ी
दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी मिली। बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया में शैक्षिक योग्यता के आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त अंकों का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। विभागीय स्तर पर जांच आगे बढ़ी तो 20 से अधिक अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
एआई की मदद से प्रमाण पत्र तैयार करने का संदेह
मामले में आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कूटरचित शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार किए थे। सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए। हालांकि, इन प्रमाण पत्रों को तैयार करने में एआई के इस्तेमाल और कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

संदिग्ध अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
होमगार्ड विभाग के मंडलीय कमांडेंट के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच में संदिग्ध प्रमाण पत्रों का मामला सामने आया है। संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस मामले ने भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन और तकनीक के संभावित दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आगे की कार्रवाई में यह स्पष्ट होगा कि संदिग्ध प्रमाण पत्र किस तरह तैयार किए गए और इस मामले में संबंधित अभ्यर्थियों की भूमिका क्या रही।
Accident
नैनीताल में देर रात दर्दनाक हादसा, पहाड़ी से मलबा गिरने से दो मजदूरों की मौत

Nainital Accident : नैनीताल में देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। दीवार बनाने का काम कर रहे दो मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। जिस से उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
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नैनीताल में देर रात दर्दनाक हादसा
नैनीताल जिले के मेहरागांव में देर रात निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दीवार बनाने का काम कर रहे मजदूर अचानक पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में नेपाल निवासी दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पहाड़ी से मलबा गिरने से दो मजदूरों की मौत
जानकारी के मुताबिक, मेहरागांव में दीवार निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा। मजदूर इसकी चपेट में आ गए और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई, जबकि तीसरा मजदूर घायल हो गया।

परिजनों ने घटनास्थल पर हंगामा कर जताया आक्रोश
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घायल मजदूर को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली ले जाया गया। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों ने घटनास्थल पर हंगामा कर आक्रोश जताया।
पुलिस ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार को लिया हिरासत में
मामले में पुलिस ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि काम के दौरान संभावित खतरे से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।
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