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Gangotri Dham : मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना, कल खुलेंगे कपाट

Gangotri Dham : कल गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। आज मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है। जयकारों के बीच मुखबा से मां गंगा की डोली के लिए निकली। कल कपाट खुलने के साथ ही गंगोत्री धाम में कल से दर्शन होंगे।
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मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना
चारधाम यात्रा की पावन परंपरा के तहत आज मां गंगा की उत्सव डोली उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से गंगोत्री धाम के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रवाना हो गई। डोली यात्रा में स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
गंगा के जयकारों के साथ हुई डोली की विदाई
डोली के प्रस्थान के अवसर पर मुखवा गांव में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारों के साथ डोली को विदाई दी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा है कि प्रशासन द्वारा यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कल खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट
गंगोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कल निर्धारित शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे। जिसके बाद अगले छह महीने तक श्रद्धालु दर्शन करेंगे। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे।
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ऋषिकेश जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया !

Rishikesh Bajrang Setu : ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने बजरंग सेतु के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। इस SOP के तहत पुल के उपयोग, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कांच से बने विशेष पैदल मार्ग के संचालन से जुड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी।
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बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया
ऋषिकेश में बजरंग सेतु का मुख्य हिस्सा पहले की तरह आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। हालांकि पुल के दोनों किनारों पर बनाए गए पारदर्शी कांच के फुटपाथ पर जाने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से शुल्क लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और इस आकर्षण का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है।
शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद होगी तय
बता दें कि ऋषिकेश में जो लोग गंगा के ऊपर बने कांच के रास्ते पर चलने का रोमांचक अनुभव लेना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद तय की जाएगी।
कांवड़ यात्रा में बंद रहेगा कांच वाला हिस्सा
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान कांच से बने फुटपाथ को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही के कारण पुल पर अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल पुल के सामान्य हिस्से से ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस
करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बजरंग सेतु का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। लगभग 132.30 मीटर लंबे और 8.60 मीटर चौड़े इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज को लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है।
कांच को कई बार पहले भी पहुंच चुका है नुकसान
पुल के दोनों ओर बनाए गए पैदल मार्ग में पांच परतों वाले टफेंड ग्लास का उपयोग किया गया है। निर्माण के दौरान कांच को कई बार नुकसान पहुंचने की घटनाओं के बाद अब इसकी सुरक्षा, नियमित निगरानी और रखरखाव के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
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हल्द्वानी में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पानी के टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटों की मौत

Haldwani News : हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में मंगलवार शाम एक बेहद दुखद हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक के भीतर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण मां और उसके दो बेटे बेहोश हो गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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निर्माणाधीन पानी के टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटों की मौतह
हल्द्वानी में गौलापार की कुंवरपुर न्याय पंचायत के मानपुर गांव निवासी धर्मेंद्र बिष्ट ने अपने घर के पास कुछ समय पहले भूमिगत पानी का टैंक बनवाया था। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे टैंक की शटरिंग हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान धर्मेंद्र टैंक के अंदर उतर गए, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आए।
जब धर्मेंद्र की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उनके छोटे भाई खुशाल सिंह उन्हें देखने के लिए टैंक में उतरे। कुछ ही देर बाद वह भी अंदर ही अचेत हो गए।
बेटों को बचाने उतरी मां भी हुई बेहोश
दोनों बेटों के बाहर न आने पर उनकी मां सरस्वती देवी को अनहोनी की आशंका हुई। वह भी टैंक के अंदर गईं, लेकिन वहां मौजूद गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण वह भी बेहोश होकर गिर गईं।
बचाव के दौरान एक और व्यक्ति हुआ अचेत
परिजनों और ग्रामीणों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गांव के सब्जी विक्रेता भोज राम ने तीनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन टैंक में उतरते ही वह भी अचेत हो गए। हालांकि, ग्रामीणों ने तुरंत सभी को बाहर निकाला, जिससे भोज राम को होश आ गया, लेकिन मां और दोनों बेटों की हालत गंभीर बनी रही।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तीनों को किया मृत घोषित
ग्रामीण तुरंत तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद धर्मेंद्र बिष्ट, खुशाल सिंह और उनकी मां सरस्वती देवी को मृत घोषित कर दिया।
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बारिश बनी काल!, देहरादून में पानी की निकासी वाले पाइप में फंसा बच्चा, दम घुटने से मौत

Dehradun News : देहरादून के विकासनगर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां एक बच्चा पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप में फंस गया। जिस से इसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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देहरादून में पानी की निकासी वाले पाइप में फंसा बच्चा
उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद हादसे की खबर सामने आई है। शनिवार शाम हुई तेज बारिश के दौरान खादर बस्ती में एक छह वर्षीय बच्चे की नाले में फंसने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, विकासनगर कोतवाली क्षेत्र की खादर बस्ती में मस्जिद के पास सड़क किनारे बच्चा खेल रहा था। इसी दौरान बारिश का पानी तेज बहाव के साथ सड़क से होकर बहने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी के बहाव में बच्चा नाली की ओर पहुंच गया और करीब 10 इंच चौड़े पाइप में फंस गया।
बच्चे की दम घुटने के कारण पाइप में ही मौत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लंबे समय तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। आखिरकार जेसीबी मशीन की मदद से पाइप को तोड़कर बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वो अचेत हो चुका था।

इसके बाद बच्चे को तत्काल उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।
घटना के बाद से पूरे इलाके में पसरा मातम
घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में बनी सड़क का ढाल अधिक होने और नालियों की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी तेज गति से बहता है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
जल निकासी व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा उपायों की मांग
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जल निकासी व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा उपायों की मांग की है।
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