Uttarakhand
उत्तरकाशी में लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास लगी भीषण आग, 7 मकान और 5 दुकानें जलकर खाक !

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के बडकोट नगरपालिका क्षेत्र स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास देर रात भीषण आग लग गई। इस हादसे में सात आवासीय मकानों और पांच दुकानों का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग रात करीब दो बजे अचानक भड़की, और देखते ही देखते मकान और दुकानें जलकर स्वाहा हो गईं। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान घर में रह रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए आग की लपटों से भाग निकले। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
Uttarakhand
मंच पर भावुक हुई गीता धामी, कहा मुख्यमंत्री धामी ने चार सालों में नहीं ली एक भी छुट्टी

Uttarayani Kauthik Mahotsav 2026: समापन समारोह पर पहुंचे सीएम धामी
मुख्य बिंदु
Uttarayani Kauthik Mahotsav 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का आयोजन हुआ. ये आयोजन सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया था . इस महोत्सव में उत्तराखंड की संस्कृति और लोक गीतों ने समां बांधा, इसके साथ ही महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. पहली बार इस तरह का आयोजन देहरादून में आयोजित किया गया है. जिसमें प्रदेश के हर कोने की संस्कृति नजर आई.
जनता को संबोधित करते समय भावुक हुई गीता धामी
समापन समारोह के दौरान GEETA DHAMI ने जनता को संबोधित किया. संबोधन के दौरान गीता धामी भावुक हो गई. दरअसल, वो मातृशक्ति के बारे में बात कर रही थी. इस दौरान उन्होंने देश की कई महान वीरांगनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की माता विशना देवी न होती और वो परिवार की देखभाल न करती तो आज वो इस पद पर ना होते.

पुष्कर धामी ने परिवार से पहले राज्य को दी प्राथमिकता
इसी दौरान उन्होंने कहा की प्रदेश के मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी ने परिवार के लिए एक दिन भी नहीं निकाला. चार साल से लगातार प्रदेश की सेवा में लग रहे. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई कड़े नियम बनाए. 26 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी, नकल विरोधी कानून बनाया. फिर भी उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.
सीएम पर लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोप
GEETA DHAMI ने संबोधन के दौरान कहा कि कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुष्कर सिंह धामी धर्म के खिलाफ UCC लाए और लिव इन रिलेशन को मान्यता दी. जबकि धामी ने कोई नई मान्यता नहीं दी. लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट पहले ही दे चुके हैं. धामी ने सिर्फ उसके लिए नियम बनाए.
पुष्कर सिंह धामी हैं धर्म के रक्षक
गीता धामी ने कहा पुष्कर सिंह धामी को धर्म रक्षक के नाम से जाना जाता है. आज पूरे प्रदेश में बहने खुद को धामी की लाई गई योजनाओं से सशक्त बना रहीं हैं. फिर भी कुछ लोग उन पर कई तरह के आरोप लगाकर भ्रम फैला रहे हैं.
Udham Singh Nagar
KASHIPUR: ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत, गुस्साए लोगों ने वाहन को लगाईं आग

KASHIPUR में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक और बाइक सवार की मौके पर मौत
मुख्य बिंदु
काशीपुर (KASHIPUR): उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. तेज रफ्तार खनन सामग्री से लदे ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद गुस्साए लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने ट्रक को आग लगा दी. हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
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काशीपुर में ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर
जानकारी के मुताबिक, काशीपुर के कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ढकिया नंबर एक गांव निवासी जयपाल सिंह (60 वर्ष) सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे अपनी बाइक से किसी काम से निकले थे. घर से कुछ ही दूरी पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.
बाइक सवार की मौके पर मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि जयपाल सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया.

आक्रोशित भीड़ ने ट्रक को लगाईं आग
इसके बाद लोगों ने हादसे के लिए ट्रक चालक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रक संख्या UP21 CT 6334 को आग लगा दी. देखते ही देखते ट्रक धू-धू कर जलने लगा और क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई.सूचना मिलते ही कुंडेश्वरी चौकी पुलिस और काशीपुर कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची.
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हादसे के बाद परिजनों में मचा कोहराम
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया और आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को बुलाया गया. बताया जा रहा है कि मृतक जयपाल सिंह दूध का कारोबार करता था और उसके निधन से परिवार में कोहराम मचा हुआ है. पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है.
Dehradun
बड़ी खबर ! भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जल्द बढ़ सकता है वेतन

उत्तराखंड में भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की तैयारी
Anganwadi workers salary: प्रदेश भर की भोजन माताओं और आशा कार्यकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है. सरकार जल्द ही उनके मानदेय में बढ़ोतरी कर सकती है. उत्तराखंड में वर्तमान में 24000 भोजन माताएं कार्यरत हैं. जबकि 12000 आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या 40 हजार से अधिक है.
मुख्य बिंदु
Anganwadi workers salary: सरकार जल्द ले सकती है मानदेय बढ़ाने का फैसला
उत्तराखंड में भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है. शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विभाग इस सम्बन्ध में शासन को प्रस्ताव भेज चुके हैं. इसके आलावा मध्य क्षेत्र परिषद की पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में हुई बैठक में भी उत्तराखंड सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था.
प्रदेश में 24 हजार भोजन माताएं कार्यरत
प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत लगभग 24 हजार भोजन माताएं सेवाएं दे रही हैं. वर्तमान में उन्हें हर महीने तीन हजार रुपये वेतन मिलता है, जिसमें केंद्र सरकार का 900 रुपये और राज्यांश के रूप में 100 रुपये शामिल हैं, जबकि शेष दो हजार रुपये राज्य सरकार अलग से देती है. लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच ये राशि अपर्याप्त मानी जा रही है, जिसे लेकर लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठ रही है.
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी खुशखबरी
इसके अलावा प्रदेश में 40 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं भी कार्यरत हैं, जो काफी समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रही हैं. फिलहाल इन्हें केंद्र सरकार की ओर से 4500 रुपये और राज्य सरकार की ओर से हर महीने 4800 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है. अब राज्य सरकार इन कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी पर गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि उनके कार्य को सम्मानजनक आर्थिक सहयोग मिल सके.
विभाग शासन को भेज चुका है रिपोर्ट
इसी कड़ी में सरकार ने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है. महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशीलाल राणा के मुताबिक, विभाग अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप चुका है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे मानदेय का पूरा विवरण शामिल है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और भोजन माताओं के साथ-साथ प्रदेश में कार्यरत करीब 12 हजार आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी वृद्धि किए जाने की दिशा में फैसला लिया जा सकता है.
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