Trending
Navratri day 2 : ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, बदल जाएगी आपकी किस्मत!, ये भोग चढ़ाने से मां हो जाएंगी खुश

chaitra navratri day 2 पर होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें पूजा विधि और भोग की हर जानकारी
chaitra navratri day 2 : नवरात्रि के दूसरे दिन मां मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। नवरात्रि के नौ स्वरूपों में देवी ब्रह्मचारिणी का स्थान दूसरा है, जो तप, साधना और संयम का प्रतीक है।
Table of Contents
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को है समर्पित
‘ब्रह्मचारिणी’ शब्द दो भागों से मिलकर बना है—‘ब्रह्म’, जिसका अर्थ कठोर तपस्या से है, और ‘चारिणी’, जिसका मतलब आचरण या जीवनशैली से होता है। यानी ये स्वरूप उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो तप और अनुशासन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
मांं ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए सबसे पहले मंदिर को साफ कर लें और मां की मूर्ति को स्थापित करें। पूजा के दौरान पीले या सफेद कपड़े पहनें। इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, पंचामृत और मिश्री जैसी चीजें अर्पित करें। मां का मंत्र और व्रत कथा पढ़ने के बाद आरती करें।

मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा (Maa Brahmacharini Vrat Katha )
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने दक्ष प्रजापति के घर ब्रह्मचारिणी रूप में जन्म लिया। उनका यह स्वरूप अत्यंत सरल, तपस्विनी और संत समान माना जाता है। बचपन से ही उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने का संकल्प लिया और इसके लिए कठोर तपस्या करने का निश्चय किया।
देवी ने अपनी साधना को इतना दृढ़ बनाया कि हजारों वर्षों तक तप में लीन रहीं। तपस्या के दौरान उन्होंने मौसम की कठोर परिस्थितियों—भीषण गर्मी, सर्दी और वर्षा—को भी अपने संकल्प के आगे कमजोर नहीं पड़ने दिया। ऐसा कहा जाता है कि प्रारंभ में देवी केवल फल, फूल और बेलपत्र ग्रहण कर जीवित रहीं।

ब्रह्मचारिणी माता को अर्पणा भी है कहा जाता
जब उनका तप और अधिक कठोर हुआ, तो उन्होंने भोजन और जल तक का त्याग कर दिया। यहां तक कि पत्तों का सेवन भी छोड़ दिया, जिसके कारण उनका एक नाम ‘अर्पणा’ भी प्रसिद्ध हुआ। उनकी इस अटूट भक्ति और कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर अंततः भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। मां ब्रह्मचारिणी का यह स्वरूप हमें धैर्य, त्याग और दृढ़ निश्चय की शक्ति का संदेश देता है।
मां ब्रह्मचारिणी को बेहद प्रिय हैं ये भोग
नवरात्रि के इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा सफेद वस्त्र धारण करके करना शुभ माना जाता है। साथ ही सफेद रंग से जुड़ी चीजों का भोग अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन खास तौर पर चीनी, उससे बनी मिठाइयां या पंचामृत का भोग लगाना अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जाता है। पंचामृत एक पवित्र प्रसाद है, जिसे गाय का दूध, दही, शहद, देसी घी और चीनी से तैयार किया जाता है।

प्रसाद के लिए पंचामृत बनाने की विधि
- 1. सबसे पहले अपने हाथ अच्छी तरह से धो लें और साफ बर्तन का उपयोग करें।
- 2. एक साफ कटोरे में एक कटोरी गाय का दूध डालें।
- 3. अब इसमें आधी कटोरी दही मिलाएं और हल्के से चलाएं।
- 4. इसके बाद 1 टीस्पून शहद और 1 टीस्पून देसी घी डालें।
- 5. सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएं, ताकि मिश्रण एकसार हो जाए।
- 6. सबसे आखिर में 1 चम्मच चीनी डालकर अच्छी तरह घोल लें। अब आपका पवित्र पंचामृत तैयार है
National
कौन हैं विजय थलापति ?, 6 दशकों का DMK व AIADMK के तिलिस्म को तोड़कर बने सीएम, जानें कैसे अभिनेता से बन गए नेता..

Vijay Thalapathy Biography : दक्षिण भारतीय फिल्म स्टार Thalapathy Vijay इन दिनों तमिलनाडु की राजनीति में लगातार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीति में कदम रखने के बाद से ही उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। राज्य की सियासत में उनकी सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है, वहीं उनके समर्थकों के बीच भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
Table of Contents
कौन हैं विजय थलापति ? (Vijay Thalapathy Biography)
विजय थलापति ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। यूं तो चुनाव जीतने के बाद से ही हर ओर उनके चर्चे हो रहे थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद हर कोई उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक (Vijay Thalapathy Biography in hindi) हैं। आज करोड़ों फैंस उन्हें Thalapathy Vijay के नाम से जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग उनका पूरा नाम जानते हैं।
उनका वास्तविक नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। विजय का परिवार लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है। उनके पिता फिल्म निर्देशक रहे हैं, जबकि उनकी मां एक प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर के तौर पर जानी जाती हैं।

6 दशकों का DMK व AIADMK के तिलिस्म को तोड़कर बने सीएम
तमिलगा वेट्री कझगम (Tamilaga Vettri Kazhagam) के प्रमुख C. Joseph Vijay ने रविवार, 10 मई 2026 को चेन्नई स्थित Jawaharlal Nehru Stadium में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की तस्वीर सामने आई है, जहां लंबे समय से चली आ रही डीएमके और एआईएडीएमके की पारंपरिक राजनीतिक पकड़ टूटती नजर आई।
18 साल की उम्र में कर दी थी फिल्मी करियर की शुरुआत
विजय थलापति ने बेहद कम उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर दी थी। उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ थी, जो 1992 में रिलीज हुई थी। फिल्मी परिवार से आने वाले विजय को उनके पिता और फिल्म निर्माता एस. ए. चंद्रशेखर का पूरा समर्थन मिला।

1990 के दशक में उन्होंने कई रोमांटिक फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। इसके बाद फिल्म ‘घिल्ली’ उनके करियर की बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। इसी सफलता के बाद विजय ने लगातार कई हिट फिल्मों में काम किया और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े स्टार बनकर उभरे। आज उन्हें साउथ इंडस्ट्री के ‘मास हीरो’ के रूप में भी जाना जाता है।
कैसे विजय थलापति अभिनेता से बन गए नेता ?
Thalapathy Vijay ने साल 2024 में आधिकारिक रूप से राजनीति में कदम रखा। राजनीति में सक्रिय होने के लिए उन्होंने फिल्मी करियर से दूरी बनाने का फैसला भी किया। एक सार्वजनिक संबोधन में विजय ने कहा था कि उन्हें जो पहचान और प्यार मिला है, वह जनता की बदौलत है, और अब वह लोगों की सेवा कर उस विश्वास को लौटाना चाहते हैं।

राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके की शुरुआत की। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए विजय का नाम तेजी से चर्चा में आया। अब सीएम पद की शपथ लेकर उन्होंने इतिहास रच दिया है।
Dehradun
DEHRADUN NEWS: 2 साल तक पुलिस रही नाकाम, माँ ने खुद ढूंढ निकाला बेटे का कातिल!

2 साल तक भटकती रही माँ, पुलिस नहीं कर पाई जांच… फिर खुद ढूंढ लाई बेटे का कातिल!
DEHRADUN NEWS: देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. साल 2024 में 18 वर्षीय क्षितिज चौधरी की एक तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर मौत हो गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी न आरोपी पकड़ा गया और न ही पुलिस किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई. इस दौरान मृतक की मां इंसाफ के लिए दर-दर भटकती रही.
मुख्य बिंदु
क्या है पूरा मामला- क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट
15-16 फरवरी 2024 की रात क्षितिज अपने दोस्त के साथ प्रेमनगर क्षेत्र में पैदल जा रहा था, तभी पीछे से आए डंपर ने उसे कुचल दिया. हादसे के बाद करीब 45 मिनट तक वो सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन न समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया और फिर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां 17 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पढ़ें ये भी- पौड़ी मर्डर केस: पोकलैंड से युवक की हत्या कर फरार आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार
पढ़ें ये भी- DEHRADUN MURDER CASE: ब्रिगेडियर जोशी मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, माँ पहुँच गई आरोपी तक
19 फरवरी 2024 को मृतक की मां ललिता चौधरी ने केस दर्ज कराया, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी. आरोप है कि पुलिस ने जब डंपर का नंबर मांगा, तो मां ने खुद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर वाहन की पहचान की. पुलिस के हाथ खाली रहने पर मां ने खुद ही जांच की कमान संभाली और आखिरकार 2 साल बाद आरोपी डंपर चालक तक पहुंच गई.

क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट मामले में जांच के आदेश
मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली ललिता चौधरी पिछले कई वर्षों से अकेले अपने बच्चों की परवरिश कर रही थीं. बेटे की मौत के बाद अब वह इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही हैं. मामले में प्रमेंद्र डोभाल ने संज्ञान लेते हुए केस को दोबारा जांच के लिए रेफर कर दिया है और कोर्ट में री-इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
Dehradun
UKSSSC एक बार फिर सवालों के घेरे में, परीक्षा किट की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप
UKSSSC TENDER विवाद: पारदर्शिता पर सवाल, जांच की मांग तेज
UKSSSC TENDER: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा किट की आपूर्ति से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह गहराता जा रहा है और जांच की मांग तेज हो गई है.
मुख्य बिंदु
UKSSSC पर टेंडर निरस्त करने पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, ये टेंडर 15 सितंबर 2025 को UKTENDER पोर्टल के माध्यम से जारी किया गया था. स्कीमेटिक्स माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक आदित्य मंगल का कहना है कि शुरुआती चरण में केवल उनकी कंपनी ने ही बिड डाली थी. इसके बाद आयोग द्वारा टेंडर को निरस्त कर दोबारा जारी किया गया. हैरानी की बात यह है कि इस प्रक्रिया को एक-दो नहीं बल्कि कुल चार बार रद्द कर फिर से खोला गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप
आदित्य मंगल ने आरोप लगाया कि बार-बार टेंडर निरस्त करने के बाद उनकी कंपनी को प्रक्रिया से अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद दिल्ली की एक कंपनी को टेंडर में शामिल कर अंतिम रूप से कार्य आवंटित कर दिया गया. उनका दावा है कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया गया, ताकि बाहरी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कंपनियों को गलत दस्तावेजों के आधार पर क्वालीफाई किया गया और MSME व EMD से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई.

कीमत में भारी अंतर, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को और गंभीर बनाते हुए आदित्य मंगल ने दावा किया कि जिस परीक्षा किट की वास्तविक कीमत करीब 350 रुपये होनी चाहिए थी, उसे कथित रूप से बढ़ाकर 5000 रुपये तक दिखाया जा रहा है, जो बड़े स्तर पर लागत बढ़ाने (Cost Inflation) की ओर इशारा करता है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो उनकी शिकायत तक नहीं ली गई.
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
उन्होंने पूरे मामले में शासन से अपनी कुछ मांगें रखी हैं. उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, जांच को सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने और दोषी अधिकारियों व संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि आयोग या शासन स्तर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
Cricket22 hours agoPBKS vs MI Dream11 Team IPL 2026 Match 58: आज की बेस्ट फैंटेसी टीम, पिच रिपोर्ट और प्लेइंग XI..
Cricket17 hours agoSCO vs USA Dream11 Team CWC League 2: आज की बेस्ट फैंटेसी टीम, पिच रिपोर्ट और मैच प्रेडिक्शन
Champawat18 hours agoपति की बेवफाई के शक में महिला ने उठाया खौफनाक कदम, प्रेमिका के घर फांसी पर झूलता मिला शव
big news22 hours agoधामी कैबिनेट की अहम बैठक आज, नर्सिंग अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर हो सकता है फैसला
Breakingnews20 hours agoनानकमत्ता में देर रात भीषण सड़क हादसा, फॉर्च्यूनर कार ने शिक्षक की कार को मारी टक्कर, दो की मौत
Breakingnews16 hours agoधामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, चकबंदी को लेकर मंत्रिमंडल ने लिया बड़ा फैसला, एक क्लिक में पढ़ें सारे फैसले
big news19 hours agoपिथौरागढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत, बकरी चराने के लिए गया था जंगल
Roorkee14 hours agoगंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से भड़का स्वर्णकार समाज









































