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उत्तराखंड का एक ऐसा मंदिर जहां नवरात्रि में बढ़ता है रहस्य, जानने के लिए करिए क्लिक !

टिहरी – उत्तराखंड के टिहरी में चंद्रबदनी पर्वत की ऊंचाइयों पर स्थित चंद्रबदनी मंदिर, न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि एक अद्भुत यात्रा की भी कहानी है। यह मंदिर देवी सती को समर्पित है और इसे गढ़वाल क्षेत्र के शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।
अतीत की कहानी
कहानी पुरानी है, जब भगवान शिव अपनी पत्नी देवी सती का शरीर लेकर भ्रमण कर रहे थे। कहते हैं कि सती का धड़ यहां गिरा था, और इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण किया गया। यह स्थल सदियों से भक्तों के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है।
नवरात्रि का विशेष महत्व
हर साल, नवरात्रि के दौरान, इस मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां विशेष पूजा-अर्चना करने आते हैं, और यह समय मंदिर की भव्यता को और भी बढ़ा देता है। भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए यहाँ पहुंचते हैं, और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा रहता है।
प्राकृतिक सौंदर्य
चंद्रबदनी का स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। पहाड़ों से घिरा यह मंदिर एक अद्वितीय दृश्य प्रस्तुत करता है। ट्रैकिंग करने वाले पर्यटकों के लिए यह एक स्वर्ग समान है, जहां वे आध्यात्मिकता के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुभव कर सकते हैं।
आधुनिक समय में
हाल के वर्षों में, चंद्रबदनी मंदिर को और अधिक प्रसिद्धि मिली है। सरकार और स्थानीय समुदाय ने इसे पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए हैं। ट्रैकिंग मार्ग को बेहतर बनाने, और सुविधाएं बढ़ाने से यहाँ आने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है।
सांस्कृतिक अनुभव
यह मंदिर स्थानीय गढ़वाली संस्कृति का भी केंद्र बन गया है। हर साल विभिन्न त्यौहार मनाए जाते हैं, जहां पर्यटक स्थानीय नृत्य, संगीत और खान-पान का अनुभव कर सकते हैं।
निष्कर्ष
चंद्रबदनी मंदिर, टिहरी के दिल में एक अद्वितीय स्थान रखता है। यहाँ की धार्मिकता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर मिलकर इसे एक असाधारण यात्रा का गंतव्य बनाती है। जो भी यहाँ आता है, वह न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करता है, बल्कि इस क्षेत्र की भव्यता और स्थानीय संस्कृति का भी आनंद लेता है।
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”टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ, टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम

टिहरी लेक फेस्टिवल’ शुरू, सीएम नेे की घोषणा-कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे निर्माण होगा
Tehri Garhwal: पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्य बिंदु
नौ मार्च तक चलने वाले ‘टिहरी लेक फेस्टिवल’ की भव्य शुरूआत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम
मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।
PM मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर : CM धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।
टिहरी विकास के लिए 1300 करोड़ की परियोजनाएं गतिमान
अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।
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ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित की जाएगी टिहरी झील, मुख्य सचिव ने प्रभावी कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

Tehri News : टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये है।
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ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित की जाएगी टिहरी झील
मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर टिहरी झील और0 उसके समीपवती क्षेत्रो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व टिहरी लेक डिटिनेशन का पर्यटन के दृष्टिगत विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।
सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत् समावेशी अनुकूल जलवायु आधारित पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने संबंधी भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया जाय। उन्होने टिहरी लेक का पूरा मास्टर प्लान तैयार करने के लिये अनुभवी कन्सलटेन्ट की नियुक्ति के साथ पर्यटन विभाग को इसी के दृष्टिगत अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
रिंग रोड तैयार करने की कार्ययोजना में लाई जाए तेजी
मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर रिंग रोड तैयार करने की कार्ययोजना में तेजी लाये जाने, टिहरी लेक में प्रस्तावित सी प्लान योजना के साथ रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड बनाए जाने की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सचिव वित्त से सचिव पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा लाके निर्माण से समन्वय कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
टिहरी में विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास जरूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये आवश्यक है कि यहां पर विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो, उन्होंने लोक निमार्ण विभाग को रिग रोड के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि रिंग रोड बनने से अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास में भी तेजी आ सकेगी। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मुनि की रेती तथा लोहाघाट चम्पावत के पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं के प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए ताकि सभी प्रस्तावों को मास्टर प्लान के साथ समयान्तर्गत भारत सरकार को प्रेषित किया जा सके।
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DEVPRAYAG: तीनधारा क्षेत्र में गंगा नदी में गिरा पिकअप वाहन, सर्च ऑपरेशन जारी

पिकअप वाहन समाया गंगा नदी में, रेस्क्यू अभियान जारी
देवप्रयाग (DEVPRAYAG): तीनधारा क्षेत्र से एक बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है. जहाँ पर एक पिकअप लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर गंगा नदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई है. साथ ही SDRF का रेस्क्यू अभियान जारी है.
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तीनधारा में पिकअप वाहन हादसे का शिकार
मिली जानकारी के मुताबिक, देवप्रयाग के नजदीक तीन धारा क्षेत्र में एक वाहन में पिकअप लोडिंग वाहन अनियंत्रित हो कर गंगा में समा गया है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वाहन में तीन लोग सवार बताए जा रहे हैं. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया.
SDRF का सर्च अभियान जारी
घटना के बाद, मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. फिलहाल, राफ्ट और डीप डाइविंग तकनीक की मदद से नदी में तलाश की जा रही है. लेकिन, अभी तक सवार लोगों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ सकी है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है.
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