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Amazon जल्द भारत में लाएगा क्विक ई-कॉमर्स सर्विस, Blinkit और Zepto को मिलेगी कड़ी टक्कर…..

भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Amazon अब Blinkit और Zepto जैसे प्लेटफॉर्म्स को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Amazon भारत में अपनी नई क्विक ई-कॉमर्स सर्विस को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत ग्राहकों को 10 मिनट के भीतर उनके घर तक सामान की डिलीवरी मिलेगी। यह सेवा Blinkit और Zepto जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बन सकती है, जो पहले से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं।
अमेजन की नई सर्विस: क्या है खास?
Economic Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Amazon जल्द ही भारतीय मार्केट में अपनी क्विक डिलीवरी सर्विस पेश कर सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस सेवा के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। माना जा रहा है कि यह सेवा दिसंबर 2024 या 2025 की शुरुआत में लॉन्च हो सकती है। इस सर्विस के तहत, ग्राहक 10 मिनट के भीतर घर पर जरूरत का सामान प्राप्त कर सकेंगे, जो फिलहाल Amazon fresh जैसी सेवाओं से अलग होगा, जहां डिलीवरी का समय 24 से 48 घंटे के बीच होता है।
क्या होगा इसका असर?
Amazon की नई क्विक डिलीवरी सर्विस से Blinkit, Zepto, और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। ये सभी कंपनियां पहले से ही तेज डिलीवरी सर्विस का दावा करती हैं, लेकिन Amazon की वैश्विक उपस्थिति और मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क इसे एक बड़ी चुनौती बना सकता है। Amazon का कदम भारतीय ई-कॉमर्स और डिलीवरी मार्केट को और भी प्रतिस्पर्धात्मक बना देगा।
क्या हो सकता है भविष्य?
इस नई सेवा के लॉन्च के बाद, Amazon को अपनी कार्यप्रणाली और लॉजिस्टिक नेटवर्क को और भी सशक्त बनाने के लिए नए कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि लॉन्च से पहले इसे लेकर और अधिक जानकारी सामने आएगी।
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धर्म-कर्म
सूर्यग्रहण पर आसमान में दिखेगा अनोखा नजारा, छह ग्रह एक साथ एक कतार में आएंगे नजर

Solar Eclipse 2026 : अगस्त के महीने में दुनियाभर के आसमान में एक नहीं दो नहीं बल्कि एक साथ चार खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं। जो कि एक बेहद ही दुर्लभ संयोग है। यूं तो आसमान में खगोलीय घटनाएं होती रहती हैं लेकिन इन चार घटनाओं के साथ होना बेहद ही खास है।
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12 अगस्त 2026 है बेहद ही खास तारीख
12 अगस्त 2026 ये तारीख अपने आप में ही बेहद खास है क्योंकि इसी दिन आसमान में ऐसा नजारा देखने को मिलने जा रहा है जो एक साथ दिखना लगभग असंभव है। इस दिन आसमान में बृहस्पति, बुध, मंगल, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून ये सभी ग्रह पूरब से लेकर पश्चिम तक एक साथ एक कतार में देखे जाएंगे।
बिना उपकरण के भी देखे जा सकेंगे ये ग्रह
सबसे खास बात तो ये है कि इनमें से कुछ ग्रह बिना किसी उपकरण के भी देखे जा सकगें। मंगल और शनि जैसे ग्रह उन्हीं ग्रहों में शामिल हैं जिन्हें बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा। हालांकि यूरेनस और नेप्च्यून जैसे दूर वालों ग्रहों को देखने के लिए आपको उपकरणों की आवश्यकता पड़ेगी।

इन देशों से देखने को मिलेगा नजारा
‘प्लैनेट परेड’ (Planet Parade) कोई आधिकारिक खगोलीय शब्द नहीं है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कई ग्रह आसमान के एक ही हिस्से में करीब-करीब नजर आते हैं। इसी दौरान चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आने से पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा भी देखने को मिलेगा। ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण दिखेगा, जबकि यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा।
भारत में देखने को नहीं मिल सकेगा अद्भुत नजारा
ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन अलावा इसे कई देशों से देखा जा सकेगा। लेकिन भारत में ये नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इसका कारण ये है कि ये पूरी घटना भारतीय समयानुसार 12 अगस्त को रात करीब 9:45 बजे से लेकर 13 अगस्त 2:15 बजे तक चलेगी। इस दौरान सूरज क्षितिज से काफी नीचे रह चुका होगा जिस कारण ये भारत में दिखाई नहीं देगी। देश के किसी भी हिस्से से इसे नहीं देखा जा सकेगा।
FAQs : Solar Eclipse 2026
Q1. 12 अगस्त 2026 को आसमान में क्या खास देखने को मिलेगा?
12 अगस्त 2026 को कई ग्रह आसमान में एक ही दिशा में कतारनुमा दिखाई देंगे। इसे आम तौर पर ‘प्लैनेट परेड’ कहा जाता है।
Q2. 12 अगस्त 2026 को कौन-कौन से ग्रह नजर आएंगे?
बृहस्पति, बुध, मंगल, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून एक साथ आसमान में दिखाई देने की स्थिति में होंगे।
Q3. क्या सभी ग्रहों को बिना टेलीस्कोप देखा जा सकेगा?
नहीं। मंगल और शनि जैसे ग्रहों को बिना उपकरण के देखा जा सकता है, जबकि यूरेनस और नेप्च्यून के लिए टेलीस्कोप या अन्य उपकरण की जरूरत पड़ सकती है।
Q4. क्या 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
नहीं। इस खगोलीय घटना का समय भारत में रात का होगा, इसलिए भारत के किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
Q5. ‘प्लैनेट परेड’ क्या होता है?
‘प्लैनेट परेड’ कोई आधिकारिक वैज्ञानिक शब्द नहीं है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब कई ग्रह आसमान में एक-दूसरे के करीब और लगभग एक ही दिशा में दिखाई देते हैं।
Q6. 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा?
पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।
big news
कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?, आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव, जाने कितने हैं पढ़े-लिखे…

New Education Minister Of India : नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी आधिकारिक आदेश में उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की पुष्टि की गई।
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कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी चर्चाओं में हैं। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं।
कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री
प्रह्लाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। सार्वजनिक जीवन में बढ़ती भागीदारी के साथ उन्होंने लोगों से जुड़कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर काम किया, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव रखी।

ऐसे हुई थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
प्रह्लाद जोशी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ सक्रिय रूप से काम किया। 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन और कर्नाटक में ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ जैसे अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव
साल 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता। तब से लेकर 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज करते हुए वे पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

केंद्र सरकार में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व कर चुके हैं। वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनके पास खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।
Breakingnews
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

dharmendra pradhan resigns : दिल्ली में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हाल के दिनों में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम जारी एक पत्र में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका यह फैसला देश में शांति और एकता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आंदोलन की स्थिति का कोई भी देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और छात्र किसी कानूनी विवाद में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।

उन्होंने आगे लिखा कि वे देश के युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और उनकी उचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के युवाओं के सपनों को साकार करना सार्वजनिक जीवन में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए सम्मान की बात रही।

इस बीच, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए छात्रों के आंदोलन का परिणाम बताया है।
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