National
सावधान ! शराब ही नहीं , ये फल के जूस भी आपकी सेहत के लिए हो सकते हैं हानिकारक……

फलों का जूस (Fruit Juices) सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है। यह शरीर को चुस्त और दुरुस्त बनाए रखता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। लेकिन कुछ फल ऐसे भी हैं, जिनका जूस आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे फलों के जूस को पीने से शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे पेट की परेशानी, शुगर लेवल में बदलाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं। आइए जानते हैं उन फलों के बारे में, जिनका जूस सेहत के लिए ठीक नहीं है।
1. अनार का जूस
अगर आप किसी बीमारी का इलाज कर रहे हैं या दवा ले रहे हैं, तो अनार का जूस पीने से बचें। यह जूस दवाओं के प्रभाव को बदल सकता है और रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर पर असर डाल सकता है, जिससे आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
2. संतरे का जूस
संतरे का जूस पीने से पहले यह ध्यान में रखें कि इसका सेवन बिना जूस निकाले बेहतर होता है। संतरे का जूस निकालने के बाद इसमें से फाइबर खत्म हो जाता है और केवल फ्रक्टोज (Fruit Sugar) बचता है, जो डायबिटीज़ (Diabetes) का कारण बन सकता है। अतः संतरे को सीधे खाएं, जूस न पिएं।
3. नाशपाती का जूस
नाशपाती का जूस भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। नाशपाती में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स होते हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन जूस निकालने के बाद इसमें से फाइबर हट जाता है। इससे पाचन समस्या, पेट दर्द, अपच और एसिडिटी हो सकती है।
4. अनानास का जूस
अनानास का जूस अक्सर पसंद किया जाता है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे अवॉयड करने की सलाह देते हैं। अनानास के जूस में उच्च मात्रा में शुगर होती है, जो शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। जूस निकालने के बाद इसमें पोषक तत्व और विटामिन्स खत्म हो जाते हैं, जिससे इसके लाभ कम हो जाते हैं।
5. सेब का जूस
डॉक्टर्स का कहना है कि रोज एक सेब खाने से सेहत पर अच्छा असर पड़ता है, लेकिन अगर आप इसका जूस पी रहे हैं तो इससे बचें। सेब के बीज में एमिग्डैलिन नामक केमिकल होता है, जो शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए सेब का जूस बनाने से पहले सुनिश्चित करें कि इसके बीज निकाल दिए गए हों।
फलों का जूस एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी फलों का जूस सेहत के लिए फायदेमंद हो। कुछ फलों का जूस आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर की स्थिति और जरूरत के अनुसार सही फल और उसका जूस चुनें।
#Health #FruitJuices #ForHealth #HealthyLife #Juice #FruitBenefits #Diabetes #DigestiveIssues #HealthTips #Vitamins
National
पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपये प्रति किलोग्राम हुई महंगी, देखें नए रेट

CNG Price Hike : पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का झटका लगा है। 26 मई से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है।
Table of Contents
पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम
पेट्रोल और डीजल के बाद अब सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। नई दरों के अनुसार, CNG अब 2 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। बीते कुछ दिनों में ये चौथी बार है जब सीएनजी की कीमतों में बदलाव किया गया है। नई बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में CNG की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है।
चौथी बार सीएनजी के दामों में हुई बढ़ोतरी
पिछले दिनों कीमतों में क्रमिक वृद्धि देखी गई थी। 15 मई को 2 रुपये, 18 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और अब 26 मई को 2 रुपये की बढ़ोतरी के साथ बीते 11 दिनों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम तक कीमत बढ़ चुकी है।

इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पर पड़ सकता है, जहां बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, स्कूल वाहन और निजी गाड़ियां सीएनजी पर निर्भर हैं।
आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हो सकती हैं महंगी
गौरतलब है कि हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कई बार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की बढ़ती लागत से परिवहन खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर सब्जियों, फलों, दूध, दवाओं और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
- डीज़ल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों पर कांग्रेस का अनोखा विरोध, पेट्रोल पंपों पर बांटी “मेलोडी टॉफी”
- पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपये प्रति किलोग्राम हुई महंगी, देखें नए रेट
- उत्तराखंड में 27 मई की छुट्टी कैंसिल, अब इस दिन होगी बकरीद की छुट्टी, यहां जानें नई डेट…
- देहरादून में देर रात चली कार्बाइन से गोलियां, दून एयरपोर्ट में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत, इलाके में मचा हड़कंप
- SRH vs RR Dream11 Team Eliminator IPL 2026: फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट और बेस्ट ड्रीम11 टीम
National
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

Nautapa 2026 : 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौतपा का संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब धरती पर गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस होता है। इसी वजह से इन शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
Table of Contents
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी
Nautapa 2026 शुरू होते ही कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में शामिल होते हैं। इस दौरान लू लगना, शरीर में पानी की कमी, पेट संबंधी समस्याएं और थकान जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में खानपान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडा रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी की पूर्ति करें। वहीं, शरीर की गर्मी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। सही खानपान अपनाकर गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नौतपा में क्या करें और क्या ना करें ?
खाने-पीने में ज्यादा तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन कम लेना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। भारी नॉनवेज भोजन जैसे मटन से भी परहेज करना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह हल्का भोजन जैसे दाल, हरी सब्जियां और ताजे फल शामिल किए जा सकते हैं।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने के बजाय पानी, जूस और अन्य तरल पदार्थों को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बेहतर रहता है।

नौतपा के दौरान इन चीजों को डाइट में करें शामिल
- छाछ और लस्सी
- नारियल पानी
- तरबूज, खरबूजा और खीरा
- नींबू पानी
- दही और हल्का भोजन
- मौसमी फल
- अधिक पानी और ORS

गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
इसके अलावा गर्मी से बचाव के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनना फायदेमंद माना जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि धूप में बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या अन्य साधनों से ढककर रखना चाहिए।
big news
Petrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
Petrol-Diesel Price Hike Today: उत्तराखंड में 100 के पार हुआ पेट्रोल
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भूचाल का असर अब सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। देश में महंगाई की चौतरफा मार झेल रही आम जनता को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है, जिसने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित पूरे देश में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गई है, जबकि डीजल भी शतक लगाने की राह पर अग्रसर है।
10 दिनों में ₹7.50 से अधिक महंगा हुआ ईंधन: एक नजर में
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार दाम बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया है। आज की बढ़ोतरी का विवरण और पिछले 10 दिनों का गणित इस प्रकार है:
- आज पेट्रोल में बढ़ोतरी: ₹2.61 प्रति लीटर
- आज डीजल में बढ़ोतरी: ₹2.71 प्रति लीटर
- 10 दिनों का कुल बोझ: 15 मई को अप्रैल 2022 के बाद पहली बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। तब से लेकर अब तक मात्र 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर से अधिक बढ़ चुके हैं। ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में भी ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया है, जिसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। परिवहन के सभी साधनों का एक साथ महंगा होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई और यात्रा दोनों बेहद खर्चीली होने वाली हैं।
उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल के दाम (Uttarakhand Petrol Diesel Prices Today)
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में ईंधन की कीमतें भौगोलिक स्थिति और स्थानीय करों (VAT) के कारण मैदानी इलाकों से थोड़ी भिन्न होती हैं। राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों दोनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स नीचे दिए गए हैं:

1. देहरादून (Dehradun)
राज्य की राजधानी देहरादून में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- पेट्रोल: ₹101.45 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.30 प्रति लीटर
2. हरिद्वार (Haridwar)
धार्मिक नगरी हरिद्वार में मैदानी इलाका होने के कारण दाम देहरादून से मामूली कम हैं, लेकिन यहां भी बढ़ोतरी का असर साफ देखा जा रहा है।
- पेट्रोल: ₹100.80 प्रति लीटर
- डीजल: ₹93.65 प्रति लीटर
3. नैनीताल (Nainital)
सैलानियों के पसंदीदा हिल स्टेशन नैनीताल में परिवहन लागत अधिक होने के कारण ईंधन के दाम हमेशा थोड़े ऊंचे रहते हैं।
- पेट्रोल: ₹102.10 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.95 प्रति लीटर
4. हल्द्वानी (Haldwani)
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में भी आज तेल के दामों में उछाल आया है।
- पेट्रोल: ₹101.15 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.05 प्रति लीटर
पहाड़ी क्षेत्रों पर प्रभाव: उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी जिलों जैसे पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में परिवहन व्यय (Freight Charges) अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹103 से ₹104 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। चारधाम यात्रा के इस सीजन में ईंधन का महंगा होना टूर एंड ट्रैवल्स ऑपरेटरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
चार बड़े महानगरों में आज के लेटेस्ट रेट्स (Metro Cities Fuel Rates)
भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों (VAT) और डीलर कमिशन के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। देश के चार प्रमुख महानगरों में आज के संशोधित रेट्स नीचे तालिका में विस्तृत रूप से दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली (New Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | ₹99.55 |
तालिका से स्पष्ट है कि मुंबई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें ₹110 के पार जा चुकी हैं, जबकि डीजल भी ₹100 के आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गया है।
आखिर क्यों लग रही है ईंधन के दामों में आग? (Reasons Behind Price Hike)
वैश्विक बाजार में चल रही उथल-पुथल भारतीय ईंधन बाजारों को सीधे और गहराई से प्रभावित कर रही है। आर्थिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा संकट के पीछे निम्नलिखित तीन प्रमुख कारण हैं:
1. पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव (West Asia Geopolitical Crisis)
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न रोकने की जिद और अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनियों के चलते कच्चा तेल उत्पादक क्षेत्र पूरी तरह से अस्थिर है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी (Strait of Hormuz Blockade)
वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित होने और सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। जब भी शांति समझौते की खबरें आती हैं, तो कीमतों में थोड़ी गिरावट होती है, लेकिन समझौता विफल होते ही दाम फिर से आसमान छूने लगते हैं।
3. तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी और घाटा (OMCs Financial Losses)
भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर लंबे समय तक दामों को स्थिर रखा था। ओएनजीसी (ONGC) के अधिकारियों के अनुसार, तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में दाम न बढ़ाने के कारण दैनिक रूप से लगभग ₹1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने और इस घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियां अब लगातार दाम बढ़ा रही हैं।
आम जनता और भारतीय अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर
पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों को चलाने वाला ईंधन नहीं हैं, बल्कि ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके दामों में होने वाली वृद्धि का एक ‘डोमिनोज़ इफेक्ट’ (Chain Reaction) होता है, जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है:
* लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई लागत में वृद्धि
भारत में 70% से अधिक वाणिज्यिक सामानों की ढुलाई सड़कों के माध्यम से डीजल चालित ट्रकों द्वारा होती है। डीजल के दाम ₹95 के पार जाने से ट्रांसपोर्टर्स ने माल ढुलाई शुल्क (Freight Rates) में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है।
* रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं होंगी महंगी
माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर सीधे आपकी रसोई पर पड़ता है। आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध, दालें और अन्य एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। थोक बाजारों से खुदरा बाजारों तक सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में बढ़ोतरी होना तय है।
* मध्यम और गरीब वर्ग का बजट ध्वस्त
एक तरफ जहां वेतन और आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और घरेलू सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम नौकरीपेशा इंसान के लिए ऑफिस आने-जाने का खर्च (Commuting Cost) बढ़ गया है, जिससे उनके मासिक निवेश और अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
राजनीतिक घमासान और टैक्स कटौती की मांग
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर लगाया जाने वाला अत्यधिक उत्पाद शुल्क (Excise Duty) आम जनता पर एक ‘साइलेंट टैक्स’ की तरह है, जिसे तुरंत कम किया जाना चाहिए।
व्यापारिक संगठनों (जैसे CTI) ने भी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) और एक्साइज ड्यूटी में कम से कम ₹10 से ₹15 की कटौती करें, ताकि बाजार में मांग बनी रहे और आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।
अपने शहर के दैनिक रेट्स कैसे चेक करें? (How to Check Daily Fuel Rates)
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। यदि आप अपने शहर के सटीक और नवीनतम रेट्स जानना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- SMS के जरिए: * Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल से
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9224992249 पर भेजें।- BPCL:
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9223112222 पर भेजें। - HPCL:
HPPRICE <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9222201122 पर भेजें।
- BPCL:
- मोबाइल ऐप्स: आप इंडियन ऑयल के ‘Fuel@IOC’ ऐप या अन्य कंपनियों के आधिकारिक ऐप्स को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके सीधे ‘Check Price for Your Location’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कुछ और दौर की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने कड़े बजटीय प्रबंधन के लिए तैयार रहना होगा।
big news20 hours agoकौन हैं आशीष चौहान ? जो बने देहरादून के नए जिलाधिकारी, कई जिलों में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, जानें यहां
Rudraprayag23 hours agoअलकनंदा में समाई बोलेरो! चालक का अब तक नहीं मिला सुराग, सर्च ऑपरेशन अब भी जारी
Breakingnews21 hours agoकरोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा
Breakingnews3 hours agoदेहरादून में देर रात चली कार्बाइन से गोलियां, दून एयरपोर्ट में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत, इलाके में मचा हड़कंप
Uttarakhand19 hours agoउत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को मिला ‘पद्म भूषण’, आज दिल्ली में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
big news3 hours agoहल्द्वानी में विजिलेंस टीम की बड़ी कार्रवाई, 45 हजार की रिश्वत लेते पुलिस कॉन्स्टेबल रंगे हाथ गिरफ्तार
Cricket3 hours agoSRH vs RR Dream11 Team Eliminator IPL 2026: फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट और बेस्ट ड्रीम11 टीम
National49 minutes agoपेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपये प्रति किलोग्राम हुई महंगी, देखें नए रेट











































